GRB: अंतरिक्ष में 60 सेकंड के भीतर निकली 100 सूर्य जितनी ऊर्जा! ब्रह्मांड का डरावना विस्फोट
धरती से 1 अरब प्रकाश वर्ष दूर 60 सेकंड को जिस विस्फोट को लेकर भारतीय वैज्ञानिकों ने खोज की वो बेहद डरावना है। ये ऐसी घटना है जिसमें सैकड़ों सूर्य के बराबर ऊर्जा निकलती है।

Gamma Ray Burst: आज से सैंकड़ों हजारों वर्ष पहले कई ऐसी घटनाएं हुईं जिनसे भारी नुकसान हुआ है। इस तबाई की चिन्ह आज भी मौजूद है। स्पेस साइंटिस्ट्स इनकी वजहों की खोज निरंतर प्रयासरत है। जिससे कि भविष्य में पृथ्वी को पर किसी खतरे का पूर्वानुमान लगया जा सके। हाल ही भारत के स्पेस साइंटिस्ट्स ने पूर्व में हुए एक बड़ी तबाही की जानकारी साझा की है। जिसमें कहा गया है कि महज 60 सेकेंड के भीतर ब्रह्मांड तापमान में कई गुना वृद्धि हो गई थी। इस घटना का कारण एक भयंकर विस्फोट था।

60 सेकंड का भयंकर विस्फोट
स्पेस में हुई घटना का प्रभाव वर्षों तक रहता है। न्यूट्रान तारों का बीच एक ऐसा ही विस्फोट हुआ था। महज 60 सेकंड के इस विस्फोट में भयंकर तबाही मची थी। ये ब्रह्मांड का सबसे बड़ा विस्फोट था। जिसमें बड़ी मात्रा में उर्जा निकली थी। हालांकि विस्फोट कुछ ही सेकंड के होते हैं। लेकिन ये पूरे 1 मिनट तक चला था।

ARIES के साइंटिस्ट्स ने खोजा
भारतीय वैज्ञानिकों ने रोम के साइंटिस्ट्स के साथ मिलकर एक बड़े ब्रह्मांडीय विस्फोट का पता लगाया है। नैनीताल में आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एनवॉयरमेंटल साइंसेज (ARIES) के वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च को लेकर कहा कि ये एक डरावना विस्फोट था।

1 अरब प्रकाश वर्ष दूर हुआ विस्फोट
ये विस्फोट दो न्यूट्रान स्टार के बीच हुआ था। पृथ्वी से ये 1 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर हुआ। इतने बड़े विस्फोट से पूरे स्पेस का तापमान बढ़ गया था। ये विस्फोट तीव्र होने के बावाजूद करीब 60 सेकंड तक चला। वैज्ञानिकों का कहना है इस तरह के विस्फोटों में से जो ऊर्जा निकलती है वह उस ऊर्जा से भी ज्यादा होती है जो हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा तारा सूरज अपने पूरे जीवनकाल में पैदा कर सकेगा। Gamma Ray Burst में भी सैकडों सूरज जितनी ऊर्जा निकली थी।

साइंटिस्ट्स ने किया दावा
साइंटिस्ट्स ने न्यूट्रॉन स्टार की टक्कर को लेकर कई अहम तथ्य खोजे हैं। इस विस्फोट को गामा रे बर्स्ट या GRB 211211A कहा जाता है। ये गैलेक्सी के एक कोने में हुआ विस्फोट था, जिसे एरीज की डाट दूरबीन से खोजा गया। साइंटिस्ट्स का दावा है कि इससे गामा रे विस्फोट को समझने में काफी मदद मिलेगी। नीताल में आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एनवॉयरमेंटल साइंसेज के वैज्ञानिकों का कहना है कि ये ब्रह्मांड की विचित्र घटना थी। इसे 3.6 मीटर की ऑप्टिकल दूरबीन डॉट से खोजा गया।

NASA कर रहा निगरानी
स्पेस में होने वाली ऐसे किसी विस्फोट की घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने के लिए स्पेस एजेंसी नासा लगातार रिसर्च करता रहता है। हबल टेलीस्कोप से GRB पर नजर रखी जा रही है। जीआरबीटी पर भारत और रोम के साइंटिस्ट्स की खोज नेचर डॉट कॉम में भी प्रकाशित की गई है।












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