जी20: और मजबूत होती मोदी की ग्लोबल लीडर की छवि
ब्रिसबेन। 28 वर्षों के बाद भारत का कोई प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचा है। नरेंद्र मोदी की पहली जी 20 समिट और 28 वर्षों के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का भारत दौरा। यह महज इत्तेफाक है लेकिन एक ऐसा इत्तेफाक जिसने नरेंद्र मोदी की छवि को एक ग्लोबल नेता के तौर पर और मजबूत कर डाला है। एक नजर डालिए कि आखिर क्यों हम मोदी को एक ग्लोबल लीडर के तौर पर कह रहे हैं।

ओबामा ने कहा, 'You are a man of action'
म्यांमार में जब बराक ओबामा दूसरी बार नरेंद्र मोदी से मिले तो उन्होंने मोदी को, 'मैन ऑफ एक्शन' करार दिया। इससे पहले जब मोदी अमेरिका गए थे तो, ओबामा ने कुछ इसी अंदाज में मोदी की तारीफ की थी।

अपनी बात को पुरजोर तरीके से रखते मोदी
मोदी के अलोचाकों का मानना है कि मोदी से पहले जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तो वह भी उनकी ही तरह विदेशी दौरों पर जाते थे। लेकिन वही विशेषज्ञ इस बात से इनकार नहीं करते हैं कि जिस अंदाज में मोदी हर बात को पुरजोर और खुले तरीके से रखते हैं, उस बात की कमी देश को पिछले नेतृत्व के दौरान होने वाले विदेशी दौरों में गायब नजर आती थी।

मोदी को गले लगाते विरोधी
सबसे खास बात है कि प्रधानमंत्री बनने से पहले जिस मोदी को अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों की आलोचना का सामना करना पड़ता था, आज वही देश मोदी को खुलकर गले लगा रहे हैं।

200 दिनों से पहले 6 देशों की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं तब से लेकर अब तक वह भूटान, ब्राजील, नेपाल, अमेरिका और जापान जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले उन्होंने म्यांमार की यात्रा की और अब ऑस्ट्रेलिया के बाद वह फिजी और नेपाल की यात्रा कर भारत वापस लौटेंगे।

ब्रिक्स बैंक से लेकर डब्लूटीओ की सफलता
ब्रिक्स देशों के बीच जिस ब्रिक्स बैंक को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी, उसका मुद्दा इस वर्ष सुलझा और अब इस वर्ष के अंत तक इसका पहला अध्यक्ष जो कि भारत से होगा, उसका ऐलान हो जाएगा। इसके अलावा डब्ल्यूटीओ में जिस बात को लेकर पेंच फंसा हुआ था, कुछ ही दिन पहले उसका समाधान भी हो गया।

आतंकवाद से लेकर योग तक का जिक्र
मोदी ने यूएनजीए में जब अपना पहला भाषण दिया तो उस पर उन्हें विरोधियों की तालियां भी मिली। मोदी ने अगर अपने इस पहले भाषण में पाकिस्तान से पनपने वाले आतंकवाद का जिक्र किया तो वहीं उन्होंने योगा दिवस का भी जिक्र छेड़ डाला।

भारत आए कई बड़े नाम
वह देशों की यात्रा पर गए तो वहीं चीन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक के राष्ट्राध्यक्ष भारत के दौरे पर आ चुके हैं तो कई और नाम भारत आने को बेकरार हैं।

ओबामा नहीं मोदी
म्यांमार जो समिट होने वाली थी और ऑस्ट्रेलिया में जो जी-20 समिट चल रही है, उसमें लोगों की रुचि बराक ओबामा की बजाय मोदी में सबसे ज्यादा है। अपने 10 दिनों के दौरे पर मोदी से मिलने के लिए कई देशों के नेताओं ने अप्वाइंटमेंट बुक करा डाला है।













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