Full Snow Moon: बुधवार को दुनिया देखेगी यह अद्भुत नजारा, भारत में इस समय होगा चमकीले चांद का दीदार
लंदन, 15 फरवरी: हिंदी कैलेंडर के हिसाब से मंगलवार को रात करीब पौने दस बजे तक माघ मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है और इसके बाद पूर्णिमा की तिथि शुरू हो जाएगी। लेकिन, इसके साथ ही दुनिया को एक ऐसा मौका मिलने वाला है, जो वर्षों बाद मिलता है। बुधवार को आप आसमान में चांद के सबसे चमकीले रूप का दीदार कर सकेंगे। इस रात चांद का 100 प्रतिशत भाग प्रकाशमान होगा और उसे देखना निश्चित ही रोमांचकारी घटना होने वाली है। दुनियाभर के खगोलविद भी इस खगोलीय घटना को लेकर काफी उत्साहित हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं और यह भी जानते हैं कि भारत में 'फुल स्नो मून' का दीदार किस समय पर किया जा सकेगा।

100 फीसदी चमकीले चांद का होगा दीदार
फुल स्नो मून, इस साल के दूसरे पूर्णिमा को होगा, जिसकी वजह से बुधवार शाम के बाद से पूरी दुनिया का आसमान चमकदार नजर आने वाला है। स्नो मून का दीदार तब होता है, जब चांद धरती के बहुत नजदीक आ जाता है। इसका नाम कुछ अमेरिकी जनजातीय मान्यताओं पर आधारित है। वैसे भी पूर्ण चांद वाली रातें स्पेशल होती हैं। इसी कड़ी में बुधवार की रात आसमान में चमकदार चांद के अद्भुत नजारे का दीदार होगा। इस साल बुधवार यानी 16 फरवरी की पूर्णिमा के साथ ये खास है कि चंद्रमा की पूरी गोलाई प्रकाशित होगी और जिसकी वजह से इसका 100 फीसदी प्रकाश नजर आएगा।

'स्नो मून' क्यों कहते हैं ?
वैसे तो पूर्णिमा हर 29.5 दिनों के बाद आता है, लेकिन फरवरी में होने वाले पूर्णिमा को 'स्नो मून' का नाम देते हैं, क्योंकि दुनिया के कई क्षेत्रों में यह अक्सर ऐसे समय में आता है, जब भारी बर्फबारी हो रही होती है। डेली मेल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान चांद की सतह को भरपूर रूप से देखने के लिए अपनी खुली आंखों को कम रोशनी में देखने के लिए तैयार करें और सभी कृत्रिम प्रकाश के स्रोतों को बंद कर दें, तब इसका अद्भुत स्वरूप महसूस कर सकेंगे।

कैसे देखें 'फुल स्नो मून' ?
रॉयल ऑब्जर्वेटरी ग्रीनविच के डॉक्टर ग्रेग ब्रॉन ने कहा है, 'अगर बादल ना हो तो आपको खुद से चांद को देखने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।' लेकिन, यदि आप चांद की कुछ और गहराइयों में जाना चाहते हैं तो उनके मुताबिक 'यह रात के समय आसमान में आसानी से दिखने वाली सबसे चमकीली वस्तु होगी, जो बिना सहायता के आंखों से ही पूरी तरह से दिखाई देगी; हालांकि, दूरबीन या एक छोटा टेलीस्कोप की मदद से आपको इसकी सतह पर कुछ छोटी विशेषताओं को देखने में मदद मिलेगी।'

इसे 'हंगर मून' के नाम से भी जानते हैं
सदियों से पूर्णिमा का इस्तेमाल मौसम की जानकारी के लिए किया जाता रहा है और इसलिए यह प्रकृति से बहुत ही नजदीकी तौर पर जुड़ा हुआ है। 'फुल स्नो मून' को पारंपरिक रूप से 'हंगर मून' के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि शिकार के लिए साल के इस समय में परिस्थितियां चुनौतिपूर्ण रहती हैं। वैसे खगोलविदों की भविष्यवाणी के मुताबिक इस साल सबसे चमकीले चांद का दीदार यूं तो बुधवार को होगा, लेकिन यह मंगलवार शाम और गुरुवार शाम को भी दिखाई पड़ेगा।

भारत में किस समय होगा चमकीले चांद का दीदार ?
ब्रिटेन के खगोलविदों ने बुधवार को 'फुल स्नो मून' का पूर्ण दीदार होने का समय 4:56 पीएम जीएमटी बताया है। यानी भारतीय समय के मुताबिक आप सबसे चमकीले चांद का दीदार रात 10 बजकर 26 मिनट पर कर सकेंगे। हालांकि, मंगलवार को भी इसकी चमक 99.3 फीसदी होगी और गुरुवार को यह कम होकर भी 99.7 फीसदी रह जाएगी। यानी काम की बात ये है कि खुली आंखों के लिए चमक में यह अंतर बहुत मामूली होगा और आप लगातार तीन दिन तक 'फुल स्नो मून' को देख सकते हैं। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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