सीरिया और इराक में मस्जिदों और चर्च पर ISIS का सितम
लंदन। आईएसआईएस वर्ष 2014 से सिर्फ इंसानों पर ही आफत बनकर नहीं टूटा है बल्कि इसने कई सदियों के इतिहास को अपने में समेटती हुईं कुछ धरोहरों को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।

वर्ल्ड हैरिटेज डे के मौके पर आप अपने देश और विदेशों में मौजूद और सहेजी जा रही यूनेस्को की साइट्स के बारे में पढ़ रहे होंगे। यूनेस्को की कुछ ऐसी ही एतिहासिक धरोहरें सीरिया और इराक में भी मौजूद थीं। इन्हें अब आईएसआईएस ने पूरी तरह से नष्ट कर डाला है।
कौन-कौन से मस्जिद और श्राइन
मोहम्मद जोनाह या नबी यूनुस ने इराक के मोसुल में एक मस्जिद का निर्माण कराया था। वर्ष 2014 में आईएसआईएस ने इसे पूरी तरह से नष्ट कर डाला।
इस मस्जिद के अलावा मोसुल में ही अल-कुब्बा हुसैनिया मस्जिद, जावाद हुसैनिया मस्जिद के साथ साद बिल अकील हुसैनिया जैसी कई अहम इमारतें अब मिट्टी में मिल चुकी हैं।
जुलाई 2015 की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआईएस के कब्जे में इस समय इराक की 10,000 से ज्यादा एतिहासिक इमारतें हैं।
Historic sites destroyed by ISIS
इराक में तबाही
इसके अलावा एक मकबरा जिसे मध्यकालीन युग के मौलवी अली इब्न अल-अतहिर का मकबरा माना जाता था और जिसे एक 'लड़की का मकबरा' के तौर पर जानते थे, वह भी खत्म हो चुका है।
कुछ लोग यह भी कहते हैं कि यह मकबरा एक ऐसी लड़की की याद में बनवाया गया था जिसका दिल पूरी तरह से टूट चुका था और उसकी मौत हो चुकी थी।
आईएसआईएस ने 10वीं सदी से लेकर 18वीं सदी के सभी अहम मस्जिदों और मकबरों को अब पूरी तरह से खत्म कर डाला है।
न सिर्फ इराक और सीरिया में बल्कि आईएसआईएस ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली में भी एक श्राइन को बर्बाद कर दिया है।
पल्मायरा हो गया खत्म
आईएसआईएस ने सीरिया स्थित उस शहर को भी नहीं बख्शा है जिसे ग्रीक सभ्यता की पहचान माना जाता था। पल्मायरा में आईएसआईएस 27 मई को दाखिल हुआ और फिर इसने यहां पर जमकर तबाही मचाई।
अगस्त 2015 में आईएसआईएस ने यहां पर स्थित पहली सदी के बालाशाहमिन के मंदिर को तबाह किया तो कुछ ही दिनों बाद बेल के मंदिर को भी ब्लास्ट कर दिया।
Historic sites destroyed by ISIS
चर्च भी तबाह
आईएसआईएस ने 16 जून 2014 को पहली बार धमकी दी थी कि वह इराक के मोसुल में सभी चर्चों को तबाह कर देगा। इसके बाद आईएसआईएस ने यहां पर 26 जुलाई 2014 को वर्जिन मैरी चर्च को ब्लास्ट कर दिया।
इसके बाद आईएसआईएस ने 1400 वर्ष पुराने चर्च दैर मार इलिया जो कि मोसुल के दक्षिण में स्थित था, उसे भी तबाह कर दिया।
फिर आईएसआईएस ने सांतवीं सदी के अल-ताहेरा चर्च को अपना निशाना बनाया। इसके अलावा 10वीं सदी का चर्च शैल्डियान कैथोलिक चर्च भी अब यहां नहीं है।
इसी तरह से कई और अहम चर्च हैं जिन्हें आईएसआईएस खत्म करके दम लिया है। सीरिया स्थित अर्मेनियन जेनोसाइट मेमोरियल चर्च को भी आतंकियों ने अपना निशाना बनाया है।












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