Turkiye: पैगंबर मुहम्मद का कार्टून बनाने पर चार गिरफ्तार, फ्रीडम ऑफ स्पीच पर छिड़ी बहस
Turkiye: एक बार फिर पैगंबर मुहम्मद के कार्टून को लेकर विवाद हो गया है। लेकिन ये विवाद इस बार यूरोप में नहीं बल्कि एक मुस्लिम देश में हुआ है। तुर्किये में एक कार्टूनिस्ट पर पैगंबर मुहम्मद को कथित तौर पर अपमानजनक तरीके से दर्शाने का आरोप लगा है। इस कार्टून के छपने के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, नतीजतन कार्टूनिस्ट की गिरफ्तारी हुई है।
लेमन मैगजीन द्वारा कार्टून का प्रकाशन
न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, लेमन मैगजीन ने 26 जून को एक कार्टून छापा था। इस कार्टून में पैगंबर मुहम्मद और पैगंबर मूसा जैसे दिखने वाले दो शख्स को आसमान से गिरती मिसाइलों के बीच हवा में हाथ मिलाते हुए दिखाया गया था। इस कार्टून के सामने आने के बाद तुर्किये में लोगों का गुस्सा भड़क गया और इस्तांबुल में लेमन मैगजीन के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने 'दांत के बदले दांत, खून के बदले खून' जैसे नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्रिका के दफ्तर पर पत्थरबाजी भी की।

सरकार की प्रतिक्रिया और गिरफ्तारियां
तुर्किये के गृहमंत्री अली येरलिकाया ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह प्रेस की आजादी या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि धार्मिक भावनाओं का अपमान है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्टून बनाने वाले कार्टूनिस्ट डोगन पहलवान को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, लेमन के चीफ एडिटर, मैनेजिंग एडिटर और ग्राफिक डिजाइनर को भी गिरफ्तार किया गया है।
न्याय मंत्री का बयान
तुर्किये के न्याय मंत्री यिलमाज टुंक ने कहा कि इस तरह के कार्टून धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द का अपमान करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोई भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बहाना बनाकर किसी धर्म के प्रतीकों का अपमान नहीं कर सकता। गृह मंत्री येरलिकाया ने भी पैगंबर साहब का मजाक उड़ाने वाले इस शर्मनाक कार्टून की निंदा की और कहा कि इस तरह की हरकतें धार्मिक भावनाओं का अपमान करती हैं और मुसलमानों के दिल को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसा करने की कोशिश करेंगे, उन्हें कानून के सामने जवाब देना होगा।
लेमन मैगजीन की माफी
विवाद बढ़ने पर लेमन मैगजीन ने सोशल मीडिया पर माफी जारी की और कहा कि कार्टून का मकसद इस्लाम का अपमान करना नहीं था। पत्रिका लेमन के एडिटर टुनके अकगुन ने कहा कि जिस कार्टून को लेकर विवाद हुआ है, उसे गलत तरीके से समझा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्टून पैगंबर मुहम्मद का कैरिकेचर नहीं है, बल्कि इसमें इजराइल की बमबारी में मारे गए एक मुस्लिम व्यक्ति को दिखाया गया है, जिसका नाम काल्पनिक तौर पर मुहम्मद रखा गया था।
'जानबूझकर कार्टून के गलत मतलब निकाले'
अकगुन ने बताया कि दुनिया में 200 मिलियन से ज्यादा लोगों का नाम मुहम्मद है और कार्टून का मकसद कभी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। पत्रिका ने उन पाठकों से माफी मांगी है जो इस कार्टून से आहत हुए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर कार्टून का गलत मतलब निकालकर इसे विवादित बना रहे हैं।
याद आया चार्ली हेब्दो विवाद
अकगुन ने यह भी कहा कि इस कार्टून को लेकर हो रही प्रतिक्रिया चार्ली हेब्दो जैसी घटनाओं की याद दिला रही है, जब 2015 में पैगंबर का कार्टून छापने पर फ्रांस की इस पत्रिका पर हमला हुआ था और 12 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने जोर दिया कि लेमन कभी भी ऐसा जोखिम नहीं उठाएगी जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे। यह घटना लोगों को 2015 में पेरिस में हुए चार्ली हेब्दो हमले की याद दिला रही है, जब पैगंबर मुहम्मद के कार्टून को लेकर फ्रांस की चर्चित कार्टून मैगजीन के ऑफिस पर हमला हुआ था। इस घटना में संपादक समेत 12 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल भी हुए थे।
क्यों विवादित थी चार्ली हेब्दो मैग्जीन?
चार्ली हेब्दो लंबे समय से अपने विवादास्पद और तीखे राजनीतिक-धार्मिक कार्टूनों के लिए जाना जाता था। इस मैगजीन ने पैगंबर मुहम्मद के कार्टून कई बार छापे थे, जिन्हें मुसलमानों ने अपमानजनक और भड़काऊ माना। कट्टरपंथियों ने इसे इस्लाम का अपमान बताया और इसका बदला लेने के लिए मैगजीन पर हमला किया। 7 जनवरी 2015 को चार्ली हेब्दो के ऑफिस पर हमला हुआ था।
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