मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री को नहीं मिली कोर्ट से राहत, भ्रष्टाचार के मामले में काटनी होगी 12 साल की सजा

कुआलालंपुर, 23 अगस्तः मलेशिया की शीर्ष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को राज्य निधि से लूट से जुड़े मामले में 12 साल की सजा बरकरार रखी है। अदालत ने 1MDB राज्य निधि की लूट से जुड़े मामले में नजीब की आखिरी अपील को रद्द कर दिया है। उन्हें चार साल पहले सजा सुनाई गई थी।

malaysia

तस्वीर- पीटीआई

2018 में किया गया था गिरफ्तार

2018 में नजीब रजाक को सरकारी कंपनी 1MDB के जरिए हजारों करोड़ रुपए गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि 1MDB के फंड से कम से कम 450 करोड़ डॉलर की चोरी की गई, जिसे उस समय के पीएम रहे नजीब और उनके सहयोगियों द्वारा अंजाम दिया गया। इस घोटाले ने अमेरिका और कई अन्य देशों में जांच को गति दी और 2018 के चुनावों में नजीब की सरकार के पतन का कारण बना। इसके बाद उन्‍हें भ्रष्‍टाचार और सत्‍ता का दुरुपयोग करने के मामलों में 12 साल जेल की सजा सुनाई गई और 49.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। बता दें कि 1MDB पीएम नजीब रजाक द्वारा स्थापित एक विकास कोष था जिसे साल 2009 में सत्ता में आने के बाद उन्होंने स्थापित किया था। मलेशिया के पूर्व पीएम अब तत्काल प्रभाव से अपनी सजा काटना शुरू करेंगे। इसके साथ ही वह देश के पहले पूर्व प्रधानमंत्री होंगे जो जेल जाएंगे।

कई मुकदमे का सामना कर रहे नजीब

संघीय अदालत की पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि उसका सर्वसम्मति से मानना है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने सही फैसला दिया और नजीब की अपील में दम नहीं है। अदालत ने नजीब की दोषसिद्धि और सजा की पुष्टि की। बतादें कि नजीब रजाक मलेशिया के सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक के वंशज हैं और 5 अलग-अलग मुकदमों में कुल 42 अलग अलग आरोपों का सामना कर रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+