अफगानिस्तान: 'खबरों' पर भी तालिबान चाहता है नियंत्रण, पांच पत्रकारों को किया गिरफ्तार
काबुल, 8 सितंबर। अफगानिस्तान में कब्जे के करीब 22 दिन बाद तालिबान ने मंगलवार को सरकार के गठन का ऐलान कर दिया। तालिबान सरकार में मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद अफगानिस्तान के अगले प्रधानमंत्री होंगे। अफगान में तालिबान की वापसी के पीछे पाकिस्तान का बड़ा हाथ बताया जा रहा है। इसी क्रम में अफगान में तालिबान और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़कों पर उतरे हैं। अब खबर आ रही है कि लोगों को विरोध प्रदर्शन को कवर करने और खबर लिखने पर तालिबान ने पांच पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया है।
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टोनो न्यूज के मुताबिक तालिबान ने तालिबान ने काबुल के दैनिक समाचार पत्र एतिलात्रोज (Etilaatroz) के पांच पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को भी टोनो न्यूज की तरफ से कहा गया था कि तालिबानी गनमैन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की थी वहीं, प्रदर्शन को कवर कर रहे कई पत्रकारों को गिरफ्तार भी किया गया था। इनमें कैमरामैन भी शामिल थे। हालांकि बाद में पत्रकारों को छोड़ दिया गया था। सुरक्षा कारणों से अपनी पहचान छिपाते हुए एक पत्रकार ने कहा कि तालिबानियों ने उसकी नाक को जमीन पर रगड़ा और विरोध प्रदर्शन को कवर करने के लिए माफी मंगवाई।
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तालिबान ने बोला झूठ
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान की अंतरिम सरकार का निर्धारण हो चुका है और तालिबान ने प्रमुख मंत्रियों की घोषणा कर दी है। काबुल पर कब्जे के बाद तालिबान ने दावा किया था कि वो एक ऐसी सरकार का निर्माण करेगा, जिसमें सभी को शामिल किया जाएगा, लेकिन कल तालिबान सरकार के मंत्रियों को देखने के बाद पता चलता है कि तालिबान ने झूठ बोला है। सरकार में तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के अलावा किसी को भी जगह नहीं दी गई है। महिलाओं को कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है। जिसके बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि बंदूक के दम पर भी तालिबान ज्यादा दिनों तक अपनी सत्ता को बरकरार नहीं रख पाएगा।












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