दुनिया में पहला केस: 'जलवायु परिवर्तन' से महिला हुई बीमार, ऐसा हो गया हाल
70 साल की कनाडाई महिला, विश्व की पहली मरीज बन गई है, जो जलवायु परिवर्तन से बीमार हुई है।
ओटावा, नवंबर 09: जलवायु परिवर्तन को हल्के में लेने वाले लोगों को सावधान करने वाली ये खबर है। कनाडा की रहने वाली 70 साल की महिला, विश्व की वो पहली मरीज हो सकती है, जो जलवायु परिवर्तन की वजह से बीमार हुई है। महिला को इस साल की शुरूआत में कनाडा में लू लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अभी तक महिला का इलाज चल रहा है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कनाडा और अमेरिका में लू ने कहर बरपाया है और इसके पीछे की वजह जलवायु परिवर्तन है।

70 साल की महिला को लगा था लू
डॉक्टरों ने इस साल की शुरुआत में घातक हीटवेव को महिला की गंभीर स्थिति के पीछे की वजह बताया था। 70 साल की महिला मरीजा का इलाज करने वाले कूटने लेक अस्पताल के डॉ काइल मेरिट ने टाइम्स कॉलोनिस्ट को एक साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे रोगियों पर हीटवेव के बढ़ते टोल के बारे में बताया है। आपातकालीन विभाग के प्रमुख डॉक्टर ने स्थानीय मीडिया को कहा कि. ''महिला सभी तरह की स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही है और वो खुद को हाइड्रेटेड कर पाने में असमर्थ है''। डॉक्टर ने कहा कि, ''हमें यह पता लगाना था कि आपातकालीन विभाग में किसी को कैसे ठंडा किया जाए। लोग स्प्रे बोतल खरीदने के लिए डॉलर स्टोर की तरफ भाग रहे थे"।

सैकड़ों लोगों की हुई थी मौत
कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों में इस साल रिकॉर्ड तोड़ने वाली हीटवेव से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में लू से कम से कम 233 लोगों की मौत हो गई थी। आपातकालीन स्थिति के कारण मौसम विज्ञानियों ने उत्तर-पश्चिम पर उच्च दबाव के गुंबद के रूप में वर्णित किया था, जो मानव-जनित जलवायु परिवर्तन की वजह से बिगड़ गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि गुंबद को किसने ट्रिगर किया, लेकिन हीटवेव की अवधि, उसकी पीक, भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने बहुत हद तक साफ कर दिया है कि, इसके पीछे की वजह के लिए जलवायु परिवर्तन ही जिम्मेदार है। कनाडा में सैकड़ों लोग इस साल भीषण लू की चपेट में आकर मर गये।

स्थिति हो गई थी काफी खराब
डॉक्टरों को ब्रिटिश कोलंबिया क्षेत्र के अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को बनाए रखने के तरीकों का पता लगाने की कोशिश करनी पड़ी, अस्पतालों में भर्ती होने वाले आधे से ज्यादा मरीज हीटस्ट्रोक और अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। डॉ मेरिट ने ग्लेशियर मीडिया को बताया कि, अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में मौजूद डॉक्टरों का कहना था कि, स्थिति इतनी ज्यादा बिगड़ गई की, दूसरे दूसरे अस्पतालों से डॉक्टरों को मरीजों का इलाज करने के लिए बुलाया गया था, वहीं कई डॉक्टर स्थिति का आकलन करने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इसके साथ ही इस क्षेत्र में सिर्फ हीटवेव से ही लोगों की मौत नहीं हो रही थी, बल्कि जंगल में लगी भयंकर आग की वजह से हवा काफी प्रदूषित हो गई थी, जिससे लोगों की मौत हुई थी।

जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता
कनाडा के कई अस्पतालों के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स अब एक साथ आए हैं और पृथ्वी की रक्षा करके बेहतर मानव स्वास्थ्य की तरफ आगे बढ़ने के लिए पहल शुरू कर रहे हैं। 40 स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स के नेतृत्व में प्लैनेटरी हेल्थ के लिए डॉक्टरों और नर्सों नाम की पहल, लोगों को स्वास्थ्य पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बारे में सूचित करने के लिए काम करती है।












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