पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज ने PM मोदी और अमित शाह को लेकर उगला जहर, जानें कौन है सईद अनवर?
अनवर ने 21 मई 1997 को भारत के खिलाफ चेन्नई में 194 रन बनाकर पारी में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया था। सचिन ने 200 रन बनाकर ये रिकॉर्ड तोड़ा।

Image: Oneindia
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान सईद अनवर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'अजान' के दौरान भाषण रोकने को लेकर तीखा हमला किया और उन्हें शैतान बताया है। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी जहर उगला, जिन्होंने पिछले साल एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए 'अजान' के सम्मान में अपने भाषण को कुछ समय के लिए रोक दिया था। सईद अनवर ने भरी महफिल में हिंदुओं के खिलाफ नफरती भाषण दिया।
एक वीडियो में सईद अनवर को यह कहते सुना जा सकता है,"अजान शैतान हिंदू से भी भाग गया।" पाकिस्तान अनटोल्ड नाम के ट्विटर हैंडिल पर पोस्ट किए गए वीडियो में पूर्व पाक क्रिकेट कप्तान सईद अनवर कहते नजर आ रहा है, "वो इंडियन प्राइम मिनिस्टर है... अजान हुई तो उसने अपना माइक नीचे गिराकर अपनी स्पीच को बंद कर दिया। वो सद्भावना दिखा रहा था। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कितनी बार अजान के लिए अपनी स्पीच रोकते हो। अजान शैतान हिंदू से भी भाग गया।"
(Oneindia इस वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता)
दरअसल, अपने साथी क्रिकेटर्स की तरह खब्बू ओपनर बल्लेबाज सईद अनवर भी संन्यास लेने के बाद मजहबी भाषण देने लग गए। आपको बता दें कि सईद अनवर पाकिस्तान के सबसे पढ़े लिखे खिलाड़ियों में से एक माने जाते थे। उन्होंने कराची के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग डिग्री हासिल की थी। वह अमेरिका जाकर इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल करना चाहते थे। हालांकि उन्होंने क्रिकेट को चुना और इस खेल में बहुत आगे निकल गए। सईद अनवर को साल 1997 में भारत के खिलाफ खेली गई 194 रनों की पारी के लिए याद किया जाता है। वह उस मैच में मामूली अंतर से 200 रन बनाने से चूक गए थे। कई सालों तक वनडे मैच में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड उनके नाम रहा था।
बेटी के निधन के बाद बदल गई जिंदगी
खब्बू बल्लेबाज सईद अनवर की जिंदगी अचानक तब बदली, जब साल 2001 में उनकी बेटी बिसमाह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इस घटना के बाद सईद अनवर क्रिकेट से दूर होते चले गए। 2 साल तक वे क्रिकेट से दूर रहे और जब 2003 में वे विश्वकप के दौरान टीम में आए तो लोगों ने उनका मौलाना जितनी बड़ी दाढ़ी वाला रूप देखा। वर्ल्ड कप से पहले उन्होंने पूरी पाकिस्तान टीम को बुलाकर कहा, अल्लाह हमारे साथ है, हम जरूर इसे जीतेंगे। हालांकि पाकिस्तान टीम उस वर्ल्ड कप में मामूली टीमों से हारने के बाद पहले ही राउंड में बाहर हो गई।
पाकिस्तानी क्रिकेट में लाए 'दाढ़ी कल्चर'
अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उनका मन क्रिकेट में नहीं लगा और उन्होंने इससे संन्यास लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद वे तबलीगी जमात से जुड़ गए। ऐसा कहा जाता है कि वह धर्म के प्रति इतने समर्पित हो गए थे कि वे अपने साथी खिलाड़ियों को भी इससे प्रभावित करने लगे। यही वो दौर था जब क्लीनशेव में रहने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी दाढ़ी में रहने लगे। इंजमाम उल हक, शाहिद अफरीदी, सकलैन मुश्ताक, आदि दाढ़ी रखने लगे। कहा जाता है कि पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी यूसुफ योहाना का धर्म परिवर्तन कराने में उनकी बड़ी भूमिका थी। हालांकि योहाना इसका क्रेडिट इंजमाम को देते आए हैं। यूसुफ योहाना, मोहम्मद यूसुफ बन गए मगर उनका खेल खराब हो गया और जल्द ही वे टीम से बाहर हो गए।












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