नैरोबी में हीरो बनकर उभरे भारतीय समुदाय के लोग

Ethnic Indians heroes in Nairobi aftermath
नैरोबी। केन्या में भारतीय समुदाय के लोग नैरोबी के एक मॉल पर शनिवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद हीरो बन कर उभरे। नैरोबी में बड़ी तादाद में रहने वाले भारतवंशियों ने इस पूर्वी अफ्रीकी देश के इतिहास की सबसे भयानक घड़ी में आपात सहायता सेवा मुहैया कराई। समुदाय द्वारा संचालित संस्थानों में एमपी शाह अस्पताल और आगा खान एवं गुरुनानक अस्पताल सभी आतंकवादी हमले के शिकार वेस्टगेट शॉपिंग मॉल से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित हैं। इन अस्पतालों में हमले में घायल हुए दर्जनों लोगों का इलाज किया जा रहा है।

ये तीनों प्रमुख चिकित्सा संस्थान शहर के जिस पार्कलैंडस् इलाके में स्थित हैं वह परंपरागत रूप से भारतवंशियों के प्रभुत्व वाले हैं। संस्थाओं ने कई जानें बचाने में समय के साथ होड़ लगाई। एशियाई समुदाय की बुजुर्ग महिलाओं, लड़कियों ने स्वयंसेवी के रूप में घटना की पलपल खबर दे रहे पत्रकारों और आतंकवादियों से लोहा ले रहे सुरक्षाकर्मियों को अनवरत भोजन पानी और नाश्ता मुहैया कराया। समुदाय ने सबसे कठिन समय में देश के शेष समुदाय के साथ महानतम एकजुटता प्रदर्शित की।

ओसवाल समुदाय संचालित चैरिटी सहित भारतवंशियों के नेतृत्व वाली सेवा संगठनों और भारतीय प्रभुत्व वाले लायंस क्लब ने सभी प्रकार की सहायता मुहैया कराई और केन्याई सैनिकों और बचाव अभियान में जुटे स्वयंसेवकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की। चैरिटी ने अपने सैकड़ों सदस्यों, शुभचिंतकों को रक्त दान के लिए प्रेरित किया जो उस समय के लिए बेशकीमती था। एमपी शाह अस्पताल ने हमले का शिकार बने लोगों से कोई शुल्क नहीं लेने की घोषणा की।

अस्पताल के चेयरमैन मजुद शह ने बुधवार को घोषणा की कि पीड़ितों को दी जा रही सेवाओं के बदले कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस घोषणा ने देश का ध्यान खींचा। चार दिनों तक चले संकट के दौरान 61 नागरिक और छह सुरक्षकर्मी मारे गए। नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमले में मारे गए लोगों में चार भारतीय शामिल हैं। हमले में मारे गए भारतीयों में गुजरात के जूनागढ़ के वाया निवासी ज्योतिबाला धर्मेश, स्थानीय दवा कंपनी हर्ले लिमिटेड के कर्मचारी और तमिलनाडु निवासी श्रीधर नटराजन, नैरोबी स्थित बैंक ऑफ बड़ोदा के प्रबंधक के बेटे मनोज जैन और बेंगलुरू निवासी सुदर्शन बी नागराज शामिल हैं। इस हमले में केन्या में रहने वाले कई भारतवंशियों की भी जानें गई हैं। इसके अलावा समुदाय के कारोबार को भी नुकसान पहुंचा है। हमले का शिकार मॉल जहां स्थित है वह भारतीयों की तीसरी पीढ़ी के प्रभुत्ववाला इलाका है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+