आतंकी हमलों के बाद यूरोप में ओपेन बॉर्डर का विरोध, मैक्रों EU में लाएंगे प्रस्ताव
पेरिस। फ्रांस और आस्ट्रिया में हुए आतंकी हमलों के बाद अब यूरोप के नेता नए सिरे से सोचने पर मजबूर हो रहे हैं। ताजा सवाल यूरोपीय देशों के एक दूसरे के साथ ओपेन बॉर्डर पर उठे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने यूरोप की खुली सीमा को लेकर यूरोपीय यूनियन में प्रस्ताव लाने की बात कही है।

फ्रांस और पड़ोसी देश आस्ट्रिया में लगातार हुई आतंकी हमलों की घटनाओं के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति ने गुरुवार को कहा कि यूरोप को अपने शेंजेन क्षेत्र (Schengen Area) के ओपेन बॉर्डर को लेकर पुनर्विचार करना चाहिए।
ईयू में प्रस्ताव पेश करेंगे मैक्रों
मैक्रों ने अवैध प्रवासियों के बारे में बात करते हुए कहा कि सीमा पर सख्त नियंत्रण की जरूरत थी। कहा कि यूरोप में अवैध रूप से जो प्रवासी घुसे थे उन्हें मानव तस्करी के जरिए यूरोप में घुसाने वाले आपराधिक गिरोहों के तार आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए थे। फ्रांस स्पेन बॉर्डर के दौरे पर गए मैक्रों ने कहा कि मैं शेंजेन को लेकर गहरी समीक्षा के साथ ही हमारी साझा सीमा की सुरक्षा की मजबूती के लिए उचित सीमा बल के पक्ष में हूं।
मैक्रों ने कहा कि यूरोपियन यूनियन के अपने सहयोगियों के सामने दिसम्बर में होने वाली ईयू की बैठक में प्रस्ताव पेश करेंगे। मैक्रों ने कहा कि हालिया हमले एक चेतावनी की तरह थे कि आतंकी खतरा हर जगह है। जानकारी के मुताबिक मैक्रों जो प्रस्ताव लाने वाले हैं वह पिछले साल यूरोपीय चुनाव से पहले नागरिकों को लिखे गए पत्र पर आधारित होंगे। पत्र में मैक्रों ने यूरोप के लिए साझा सीमा बल और शरणार्थियों के लिए एक ऑफिस किए जाने की बात कही थी।
ओपेन बॉर्डर की वजह से आसानी से पहुंचे थे आतंकी
बता दें कि यूरोप पिछले सप्ताह में दो आतंकी हमलों से उबरने की कोशिश कर रहा है। इन हमलों को अंजाम देने वाले हमलावर ओपेने बॉर्डर के चलते ही आसानी से इन देशों में पहुंचे थे। 29 अक्टूबर को एक ट्यूनिशियन ने फ्रांस के नीस शहर में चर्च में हमलाकर तीन लोगों की जान ले ली थी। यह युवक पांच सप्ताह पहले ही उत्तरी अफ्रीका से इटली पहुंचा था। वहां से वह ट्रेन से घंटों की यात्रा करके फ्रांस पहुंचा था जहां उसने नृशंस हमले को अंजाम दिया।
वहीं आस्ट्रिया की राजधानी वियना में एक जिहादी ने आतंकी हमले में चार लोगों की जान ले ली थी। आस्ट्रिया के अधिकारियों के मुताबिक आतंकी जुलाई में हथियार खरीदने के लिए पड़ोसी देश स्लोवाकिया में गया था।
क्या है शेंजेन क्षेत्र ?
Schengen Area में यूरोप के उन 26 देशों को कहा जाता हैं जिन्होंने आपस में आवाजाही के लिए सीमा को खुला रखा है। इन देशों के नागरिकों को आपस में आने-जाने के लिए किसी तरह की वीजा या पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती है। इस समझौते के लिए लक्जमबर्ग के शेंजेन में करार पर सभी देशों के बीच सहमति बनी थी इसीलिए एक शेंजन एग्रीमेंट (Schengen Agreement) भी कहा जाता है।












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