यूक्रेनी राष्ट्रपति की हत्या के लिए पुतिन ने भेजी एलीट फाइटिंग यूनिट, कादिरोव को सौंपा गया था मिशन
कीव,

एलीट चेचन फाइटर यूनिट को यूक्रेनी सेना ने मार गिराया
मिरर की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कीव के राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी डैनिलोव ने टीवी संबोधन में कहा, "हमारे राष्ट्रपति को मारने के लिए एलीट चेचन फाइटर यूनिट को भेजा गया था। जिसे हमने मार गिराया है। इसे रूस के चेचन्या क्षेत्र के नेता और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी रमजान कादिरोव द्वारा भेजा गया था। यूक्रेन 24 टीवी चैनल पर बोलते हुए डैनिलोव ने कहा, हमें उस मिशन की पहले ही जानकारी मिल गई थी, जो कादिरोव फोर्स यूनिट द्वारा किया जाना था।
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एक ग्रुप को सेना ने पकड़ा
डैनिलोव ने कहा कि, हमें इस मिशन की जानकारी रूस की संघीय सुरक्षा सेवा के प्रतिनिधियों से मिली थी, जो इस खूनी युद्ध में भाग नहीं लेना चाहते हैं। कादिरोव फोर्स यूनिट, जो हमारे राष्ट्रपति को मारने के लिए आई थी, हमने उसका सफाया कर दिया है। उन्होंने बताया कि, इस यूनिट को दो समूहों में विभाजित किया गया था। उनके मुताबिक होस्टोमेल में एक गुट पर फायरिंग हुई जिसमें उन्हें मार गिराया गया, जबकि दूसरे गुट को पकड़ लिया गया है।

जेलेंस्की पहले अपनी हत्या की जता चुके हैं आशंका
डेनिलोव ने कहा कि, हम अपने राष्ट्रपति या अपने देश के किसी नागरिक को ऐसे ही नहीं मरने देंगे। यह हमारी भूमि है, यहां से निकल जाओ। गुरुवार की सुबह रूस के आक्रमण के कुछ घंटों बाद ज़ेलेंस्की एक गुप्त जगह पर चले गए थे। जिसके बाद उनके भागने की खबरें फैलने लगी थी। इसके बाद जेलेंस्की ने एक वीडियो जारी कर रहा था, रूसी सेना मेरी किडनैपिंग के फिराक में है, मैं उनका इस समय पहले नंबर का टारगेट हूं। उन्होंने दावा किया था कि उनके परिवार के जीवन को रूसी हमलावरों से खतरा है।

जेलेंस्की की हत्या के लिए रूस ने भेजे 400 खूंखार आतंकी
वहीं इसे पहले खबर आई थी कि, वोलोदिमीर जेलेंस्की की हत्या करने के लिए 400 रूसी आतंकियों को अफ्रीका से बुलाकर कीव भेजा गया है। ब्रिटेन के अखबार डेली मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश पर 'वैग्नर ग्रुप' नामक निजी आतंकी संगठन के लोगों को यह काम सौंपा गया है। जेलेंस्की के साथ ही उनकी सरकार के 23 अन्य सरकारी कर्मचारियों की भी हत्या करने की साजिश रची गई है।

वैगनर ग्रुप चलाने वाले इस शख्स का नाम येवगेनी प्रिगोजिन है
कथित रूप से 'किराये की सेना' को चलाने वाले इस शख्स का नाम येवगेनी प्रिगोजिन है। यह रूस के राष्ट्रपति पुतिन का करीबी होने के साथ आमतौर पर 'पुतिन का शेफ' कहलाता है। वह पांच हफ्ते पहले ही अफ्रीका से उड़ान भर चुका है । हालांकि इस साजिश को इसलिए अंजाम नहीं दिया जा सका क्योंकि इसकी भनक शनिवार की सुबह ही यूक्रेन सरकार के बड़े नेताओं को लग गई। डेलीमेल की खबर के अनुसार वैगनर ग्रुप अफ्रीका और मिडिल ईस्ट में कई मिशन को अंजाम दे चुका है। अब ये लड़ाके रूसी टैंकों को रास्ता दिखाने के लिए यूक्रेन में मौजूद हैं। जॉइंट फोर्सेस कमांड के पूर्व कमांडर जनरल सर रिचर्ड बैरन्स ने कहा कि इन्हें हराना बेहद मुश्किल है।












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