किसान आंदोलन पर भारत को पढ़ा रहे थे शांति का पाठ, यूरोप अपने किसानों पर क्यों चला रहा गोली?
किसानों के विरोध प्रदर्शन का मूल कारण, पिछले महीने लाई गई वह नीति, जिसके तहत सरकार ने वर्ष 2030 तक नुकसानदायक नाइट्रोजन उत्सर्जन को आधा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
एम्सटर्डम, 9 जुलाई : नीदरलैंड के किसान सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेक्टर लेकर सड़कों पर हैं ( Dutch Farmers Protest against New Emissions Rules)। इस दौरान कई हिंसक वारदातें भी हुईं। जानकारी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन (dutch farmers protest) के दौरान, डच पुलिस ने एक ट्रैक्टर पर सवार 16 साल के बच्चे पर गोली चला दी (Dutch police opened fire) और तीन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने बताई वजह
जानकारी के मुताबिक,उत्तरी फ्राइजलैंड में पुलिस ने इस घटना के बाद कहा कि, किसी को अभी तक चोटें नहीं आई हैं। उन्होंने कहा कि, भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने सिर्फ चेतावनी के लिए फायरिंग की थी। पुलिस का आरोप है कि, ट्रेक्टर सवार 16 साल के लड़के ने पुलिस की कार को रौंदने की कोशिश की थी। वहीं, राष्ट्रीय आपराधिक जांच सेवा ने इस पूरे घटना की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है।

क्या कहती है रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार,कई वर्षों से नीदरलैंड नाइट्रोजन उत्सर्जन के कारण पैदा होने वाली समस्याएं झेल रहा है और इसके उपाय के तौर पर सरकार ने किसानों और पशुपालकों पर कई तरह के प्रतिबंध तय किए गए हैं। अमोनिया और नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने के लिए डच सरकार ने खेती के लिए उर्वरकों के इस्तेमाल पर और पशुपालन पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। बता दें कि मवेशी अपने मल-मूत्र में अमोनिया प्रॉड्यूस करते हैं।

किसान आंदोलन की वजह क्या है?
किसानों का तर्क है कि हवाई परिवहन, भवन निर्माण और उद्योगों से बड़ी मात्रा में खतरनाक गैसें निकलती हैं लेकिन उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है। जिस तरह भारत में किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने किसान नहीं तो खाना नहीं (No Farmers No Food) का नारा दिया था, उसी तरह डच किसान भी एक नया नारा लेकर आए हैं- हमारे किसान, हमारा भविष्य (Our Farmers Our Future)। किसानों का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और वे सरकार से नीति वापस लेने की उम्मीद करते हैं।

यूरोप में जलवायु परिवर्तन
सरकार ने 2030 तक प्रमुख तौर पर नाइट्रोजन ऑक्साइड और अमोनिया जैसे प्रदूषकों के उत्सर्जन में 50 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा है। सत्तारूढ़ गठबंधन का कहना है कि नाइट्रोजन और अमोनिया के उत्सर्जन ने देश को यूरोप में बड़ा प्रदूषक बना दिया है। खेती और पशुपालन को सीमित करने का उद्देश्य देश की मिट्टी, हवा और पानी की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
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