Dubai: देखिए खुल गया दुनिया का महाआश्चर्य ‘म्यूजियम ऑफ फ्यूचर’, करिए भविष्य की काल्पनिक यात्रा
दुबई में ‘म्यूजियम ऑफ फ्यूचर’ लोगों के लिए खोल दिया गया है। क्या ‘म्यूजियम ऑफ फ्यूचर’ वास्तव में एक म्यूजियम है?
दुबई, मार्च 13: दुबई में आश्चर्यजनक लोगों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले 'म्यूजियम ऑफ फ्यूचर' को जनता के लिए खोल दिया गया है। इसका उद्घाटन 23 फरवरी को संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति और दुबई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने किया था। 'म्यूजियम ऑफ फ्यूचर' लोगों के लिए कौतूहल का विषय है और इस म्यूजियम को देखना लोगों के लिए एक भविष्य की काल्पनिक यात्रा में जाने जैसा है। (तस्वीर सौजन्य- Museum of the Future website)

साल 2071 की यात्रा
ये म्यूजियम लोगों को भविष्य की यात्रा पर ले चलने का वादा करता है और दुबई सरकार का कहना है कि, इस म्यूजियम में लोगों को साल 2071 तक की मनमोहक यात्रा करवाई जाएगी। इस काल्पनिक यात्रा में लोगों को दिखाया जाएगा, कि साल 2071 की दुनिया कैसी हो सकती है और उस वक्त की टेक्नोलॉजी कैसी हो सकती है और दुनिया देखने में कैसी हो सकती है। यूएई की स्थापना साल 1971 में हुई थी और इस म्यूजियम में अगले 100 सालों की यात्रा म्यूजियम आने वाले लोगों को करवाई जाएगी।

विज्ञान और कला का अद्भुत संगम
हालांकि, 'म्यूजियम ऑफ फ्यूचर' एक म्यूजियम है, लेकिन इसके निर्माताओं का कहना है कि, इस म्यूजियम को बनाने का उद्येश्य वैज्ञानिकों, विचारकों और रिसर्चर्स के लिए उनके साहसिक विचारों को संजोने का काम करेगा। ताकि उनके साहसिक विचारों को, भविष्य के दृष्टिकोण को जीवन में लाया जा सके।

कैसा है ये अद्भुत म्यूजियम?
'म्यूजियम ऑफ फ्यूचर' का निर्माण 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में हुआ है और ये म्यूजियम सात मंजिला इमारत में बना है, जिसमें स्तंभ नहीं है, जो इंजीनियरिंग का चमत्कार माना जा रहा है। स्थापत्य कला के लिहाज से यह म्यूजियम दुनिया की सबसे सुव्यवस्थित इमारतों में से एक है, जिसकी बाहरी संरचना पर कोई नुकीला कोना नहीं है। इस म्यूजियम की ऊंचाई 77 मीटर है और इसके आगे के हिस्से पर स्टेनलेस स्टील लगा है, जिसपर अरबी भाषा में प्रेरणादायक बातें लिखी हैं, जिसे अमीराती कलाकार मटर बिन लाहेज द्वारा डिजाइन किया गया है।

बिजली के लिए सौर-पैनलों का उपयोग
इस म्यूजियम में रोशनी के लिए 4 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत होती है औऱ बिजली उत्पादन के लिए सौर पैनलों का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि वास्तुकार शॉन किला ने संग्रहालय को डिजाइन किया है और इस म्यूजियम का निर्माण दुबई फ्यूचर फाउंडेशन द्वारा किया गया है।

म्यूजियम है भविष्य का रास्ता!
इस म्यूजियम का निर्माण पूरी तरह से अत्याधुनिक टेक्नलॉजी के दरिए किया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ह्यूमन मशीन रोबोट जैसे लेटेस्ट टेक्नलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जो मानवता, शहरों, समाजों और पृथ्वी पर जीवन, बाहरी अंतरिक्ष के भविष्य से संबंधित कई सवालों के जवाब देता है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट शहरों, ऊर्जा और परिवहन के लिए लेटेस्ट प्रयोगशालाओं का निर्माण किया गया है। ताकि भविष्य में इनोवेशन करने के लिए ये म्यूजियम वैज्ञानिकों के लिए परफेक्ट हो। इसके साथ ही म्यूजियम में महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौतियों से संबंधित विकासात्मक क्षेत्रों में नए विचारों को उत्पन्न करने और रिसर्च करने के लिए प्रयोगशालाएं शामिल हैं। संग्रहालय का एक बड़ा हिस्सा अंतरिक्ष की यात्रा से संबंधित है और म्यूजियम से अहसास होता है, कि हम अंतरिक्ष यात्रा का लाभ कैसे उठा सकते हैं। वहीं, म्यूजियम के एक फ्लोर पर डीएनए सिक्वेंसिंग और आनुवंशिकी पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
क्या यह वास्तव में एक म्यूजियम है?
एक म्यूजियम परंपरागत रूप से एक जगह या इमारत होता है, जहां ऐतिहासिक, कलात्मक या सांस्कृतिक रुचि की वस्तुओं को प्रदर्शित, संरक्षित किया जाता है, या फिर उनपर रिसर्च किया जाता है। लेकिन, दुबई का ये म्यूजियम पारंपरिक म्यूजियम से बिल्कुल अलग हैऔर इसे 'भविष्य का संग्रहालय' क्षेत्र और उससे आगे के प्रमुख वैज्ञानिकों के बीच इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई एक प्रयोगशाला है। यह एक लाइव म्यूजियम है, जहां लेटेस्ट टेक्नोलॉजी डेलवपमेंट को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनी का विस्तार किया गया है।

आंखों के जैसा है म्यूजियम का आकार
'म्यूजियम ऑफ फ्यूचर' के कार्यकारी डायरेक्टर लैथ कार्लसन कहते हैं कि, इस म्यूजियम का डिजाइन आंखों के आकार का किया गया है और साल 2015 में इस म्यूजियम को बनाने का ठेका दुबई की ही एक कंपनी को दिया गया था। उन्होंने कहा कि, म्यूजियम का ठोस हिस्सा ज्ञान को दर्शाता है और भीतर में जो खालीपन है, वो उन चीजों का प्रतीक है, जिनके बारे में हम नहीं जानते हैं, यानि हमारा भविष्य। उन्होंने कहा कि, दुबई में सैकड़ों बिल्डिंग्स हैं और दर्जनों नये बिल्डिंग्स बन रहे हैं, लेकिन 'म्यूजियम ऑफ फ्यूचर' सबसे अलग है।
-
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Badshah Divorce Story: बादशाह ने रचाई थी इस ईसाई लड़की से शादी, 8 साल बाद तलाक क्यों? कौन है बेटी और कहां है? -
Badshah Second Marriage: रैपर बादशाह ने रचाई दूसरी शादी? तलाक के 6 साल बाद कौन बनीं रैपर की 'नई पत्नी' -
Iran Oil Offer to India: तेल संकट के बीच ईरान का भारत को बड़ा ऑफर! लेकिन चौंकाने वाली है तेहरान की नई शर्त -
Fact Check: 14 किलो वाले LPG सिलेंडर में 10 किलो की गैस मिलेगी? क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?












Click it and Unblock the Notifications