अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा की नई नीतियों को दी मंजूरी
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर नए नियमों का ऐलान कर दिया है। बुधवार को ट्रंप प्रशासन की ओर से नई वीजा नीति का ऐलान किया गया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नई नीति कुशल और योग्य प्रोफेशनल्स को अमेरिका में आकर्षित करने में कामयाब रहेगी। नई नीति के तहत यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (यूएसआईएस) को रेगुलर कैंप और एडवांस डिग्री की मदद से एप्लीकेंट्स का चयन करने से आजादी मिल सकेगी।

एक अप्रैल से प्रभावी नई नीति
ट्रंप प्रशासन का मकसद उन विदेशी कामगारों को बड़े मौके प्रदान करना है जिन्होंने अमेरिका में रहकर उच्च शिक्षा हासिल की है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये नए नियम और ज्यादा प्रभावशाली हैं। इसके अलावा इन नए नियमों में अब एप्लीकेंट्स के पास इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन का भी मौका होगा। गुरुवार को जारी फेडरल रजिस्टर में कहा गया है कि नई नीति एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। वहीं यूएससीआईएस का कहना है कि साल 2020 के वित्तीय वर्ष के लिए इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन को सस्पेंड कर दिया जाएगा।
यूएससीआइएस के निदेशक फैंसिस सिसाना ने कहा कि यह साधारण और स्मार्ट बदलाव उन इंप्लॉयर्स के लिए सकारात्मक फैसला होगा जो विदेशी कामगारों को नियुक्त करना चाहते हैं। साथ ही एजेंसी निर्णायकों को मदद मिलेगी और एच-1बी वीजा प्रोग्राम कार्य को बेहतर बनाएगी। इस महीने के शुरुआत में ही ट्रंप ने कहा था कि वह एच-1बी वीजा प्रणाली में बदलाव लाना चाहते हैं ताकि ऐसे वीजा धारक देश में रुक सकें और अपनी नागरिकता के प्रयास में तेजी ला सकें। एच-1बी वीजा भारतीय आइटी पेशेवरों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। यह नन-इमिग्रेंट वीजा अमेरिकी कंपनियों को खास पेशे में विदेशी कामगारों को नियुक्त करने की अनुमति देता है।












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