Trump Speech: ईरान-अमेरिका युद्ध रुकेगा या और भड़केगा? ट्रंप ने बताया प्लान! ओबामा पर क्यों भड़के राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बुधवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर सख्त संदेश दिया। यह उनका पहला प्राइम-टाइम भाषण था, जो उन्होंने इजरायल के साथ मिलकर एक महीने पहले शुरू किए गए सैन्य हमलों के बाद दिया। ट्रंप ने कहा कि पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सेना ने युद्ध के मैदान में तेज़ और निर्णायक जीत हासिल की है।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों के काफी करीब पहुंच चुका है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य है।

अपने संबोधन की शुरुआत में ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा, 'इन पिछले चार हफ्तों में हमारी सशस्त्र सेनाओं ने युद्ध के मैदान में तेज़, निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है।' ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले कूटनीति (Diplomacy) का रास्ता चुना था, लेकिन ईरान ने हर कोशिश को ठुकरा दिया।
ईरानी सैन्य ताकत को भारी नुकसान होने का दावा
ट्रंप ने अपने भाषण में दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा है, उसकी नेवी लगभग खत्म हो चुकी है और एयरफोर्स भी अब पहले जैसी प्रभावी नहीं रही।
क्या तबाह हो गए ईरान के परमाणु ठिकाने?
ट्रंप ने यह भी कहा कि कई शीर्ष ईरानी नेता मारे जा चुके हैं और अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया है। उनके मुताबिक, 2025 में चलाए गए Operation Midnight Hammer के जरिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।
ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। 'वे परमाणु हथियार बनाने के बिल्कुल करीब थे। लेकिन मैं कभी नहीं होने दूंगा कि ईरान परमाणु शक्ति बने।' उन्होंने कहा कि अमेरिका की मौजूदा सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को इस खतरे से बचाना है।
क्या था ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी'? ट्रंप ने किया जिक्र
ट्रंप ने अपने संबोधन में मौजूदा सैन्य अभियान Operation Epic Fury का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी था। 'अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जरूरी था। अगर ऐसे लोगों के पास परमाणु हथियार होंगे तो यह पूरी दुनिया के लिए बेहद खतरनाक होगा। मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा।' उन्होंने कहा कि इस मिशन का मकसद ईरान की सैन्य ताकत और उसके परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना है।
'अगले 2-3 हफ्तों में और सख्त कार्रवाई होगी'
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा करने के करीब है, लेकिन जरूरत पड़ने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। 'हम बहुत जल्द अमेरिका के सभी लक्ष्यों को पूरा करने के करीब हैं। अगले दो से तीन हफ्तों में हम उन्हें बेहद जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो अमेरिका ईरान के अहम ठिकानों पर और हमले कर सकता है।
क्या अब बिजली और तेल ठिकानों पर होगा हमला?
ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान से कोई समझौता नहीं करने जा रहा है। 'अगर इस दौरान कोई डील नहीं होती, तो हमारे निशाने पर उनके अहम ठिकाने हैं। हम उनके हर बिजली उत्पादन केंद्र पर बहुत जोरदार हमला कर सकते हैं, और शायद एक साथ करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने अपने संबोधन में होर्मुज स्ट्रेट का भी जिक्र किया, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक माना जाता है। उन्होंने कहा कि जो देश मध्य-पूर्व के तेल पर निर्भर हैं, उन्हें आगे आकर इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में भूमिका निभानी चाहिए।
वेनेज़ुएला ऑपरेशन का भी किया जिक्र
अपने भाषण में ट्रंप ने वेनेज़ुएला में हुए एक सैन्य अभियान का भी जिक्र किया और अमेरिकी सैनिकों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने वहां एक तेज़ और सफल मिशन को अंजाम दिया, जिसने दुनिया को अमेरिका की सैन्य क्षमता दिखाई। ट्रंप के मुताबिक, अब अमेरिका और वेनेज़ुएला के रिश्तों में सुधार हो रहा है और दोनों देश ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ओबामा की परमाणु डील पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Barack Obama के समय हुई ईरान परमाणु डील की आलोचना भी की। 'ओबामा ने ईरान को 1.7 बिलियन डॉलर नकद दिए थे। मुझे गर्व है कि मैंने उस डील को खत्म कर दिया।' उन्होंने कहा कि उस समझौते ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाने का मौका दिया था, जिसे उनकी सरकार ने रोकने की कोशिश की।
कासिम सुलेमानी को मारने का जिक्र
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के एक बड़े फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, 'हमने पहले कार्यकाल में कासिम सुलेमानी को मार गिराया था, जो रोडसाइड बमों के पीछे का बड़ा चेहरा था।' उन्होंने कहा कि अगर सुलेमानी आज जिंदा होता तो हालात अलग हो सकते थे, लेकिन अमेरिका फिर भी मजबूत स्थिति में रहता।
अपने संबोधन के अंत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई से देश की सुरक्षा मजबूत हुई है और आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा कम हुआ है। 'आज मुझे गर्व है कि हमने अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए इस खतरे को कम किया है और ईरान को परमाणु देश बनने से रोक दिया है।' उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए भी लगातार कदम उठाता रहेगा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाएगा।












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