Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप बनेंगे अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति, 5 प्वाइंट्स में समझिए कैसे कमला हैरिस को हराया
US Election Result: फॉक्स न्यूज डिसीजन डेस्क ने अनुमान लगाते हुए कहा है, कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को एक शानदार चुनावी अभियान में हरा दिया है, जिससे उन्हें अभूतपूर्व उतार-चढ़ाव और दो बार उनकी जान लेने की कोशिशों से भरे ऐतिहासिक चुनाव चक्र के बाद, व्हाइट हाउस में दूसरा कार्यकाल मिल गया है।
डोनाल्ड ट्रंप पहली बार 2016 में राष्ट्रपति चुने गए थे, जब उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को हराया था और "अमेरिका को फिर से महान बनाने" की कसम खाई थी। वे 2020 में वैश्विक कोरोनावायरस महामारी के दौरान राष्ट्रपति बाइडेन से चुनाव हार गए थे, लेकिन लगभग दो साल के अभियान के बाद 2024 में व्हाइट हाउस पर उनका फिर से 'कब्जा' हो गया है।

डोनाल्ड ट्रंप की जीत की मुख्य वजहें
मेक अमेरिका ग्रेट अगेन- डोनाल्ड ट्रंप ने मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का नारा देते हुए राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। अमेरिकी मतदाताओं के लिए अर्थव्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा है, और बेरोजगारी का मुद्दा उससे थोड़ा कम है, जबकि शेयर बाजार में उछाल है, जिसको लेकर अधिकांश अमेरिकियों का कहना है, कि वे हर दिन उच्च कीमतों से जूझ रहे हैं। महामारी के बाद ऐसी महंगाई 1970 के दशक के बाद से नहीं देखी गई थी, जिससे ट्रंप को यह पूछने का मौका मिला कि "क्या आप चार साल पहले की तुलना में अब बेहतर स्थिति में हैं?" 2024 में, दुनिया भर के मतदाताओं ने कई बार सत्ता में रहने वाली पार्टी को बाहर कर दिया है, आंशिक रूप से कोविड के बाद जीवन यापन की उच्च लागत के कारण। अमेरिकी मतदाता भी बदलाव के भूखे दिखते हैं।
आक्रामक होकर चलाया चुनाव अभियान
6 जनवरी 2021 को यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद) में हुए दंगे, अभियोगों की एक श्रृंखला और एक अभूतपूर्व आपराधिक सजा के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन पूरे साल 40% या उससे ज्यादा पर बना रहा है। जबकि डेमोक्रेट और "नेवर-ट्रम्प" रूढ़िवादी कहते हैं कि वह राष्ट्रपति कार्यालय के लिए अयोग्य हैं, लेकिन रिपब्लिकन इस बात से सहमत हैं, कि ट्रंप को राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया गया है। न्यूट्रल मतदाताओं के बीच ट्रंप को इसका जबरदस्त फायदा हुआ।
इमिग्रेशन पर आक्रामक रवैये से जबरदस्त फायदा
अर्थव्यवस्था के अलावा, चुनावों में अक्सर भावनात्मक मुद्दे कारगर साबित होते हैं। डेमोक्रेट्स भावनात्मक मुद्दा गर्भपात कानून को आगे बढ़ाया, जिसपर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट प्रतिबंध लगा चुका है, जबकि ट्रंप का मानना है कि यह मुद्दा इमिग्रेश यानि अप्रवास है। बाइडेन के शासन में सीमा पर रिकॉर्ड संख्या में अवैध अप्रवासियों का मुद्दा उठाया और इसका उन्हें फायदा मिला।
मजदूर वर्ग का मिला ट्रंप को साथ
अमेरिका का वो वर्ग, जो खुद को भूले हुए और पीछे छूटे हुए महसूस करते हैं, और जो डेमोक्रेटिक पार्टी के पारंपरिक वोटबैंक रहे हैं, उस यूनियन कार्यकर्ताओं के बीच ट्रंप की भावुक अपील काम कर गई। ऐसे लोगों में विश्वास जगी, कि विदेशी सामानों पर टैरिफ लगाकर डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी उद्योग की दिशा बदल देंगे, जिससे उनके दिन फिरेंगे। ट्रंप की अपील ने स्विंग राज्यों के ग्रामीण और उपनगरीय भागों में ऐसे मतदाताओं के बीच मतदान को बढ़ाया।
अस्थिर दुनिया का एक मजबूत शख्सियत
ट्रंप के आलोचकों का कहना है कि वे सत्तावादी नेताओं के साथ घुलमिलकर अमेरिका के गठबंधनों को कमजोर कर रहे हैं। लेकिन, पूर्व राष्ट्रपति अपनी खुद को एक ताकत के रूप में देखते हैं और बताते हैं, कि जब वे व्हाइट हाउस में थे, तब कोई बड़ा युद्ध शुरू नहीं हुआ था। कई अमेरिकी अलग-अलग कारणों से यूक्रेन और इजराइल को अरबों डॉलर भेजने से नाराज हैं और उनका मानना है, कि बाइडेन के नेतृत्व में अमेरिका कमजोर हुआ है। अधिकांश मतदाता, खासकर वे पुरुष जिन्हें ट्रंप ने जो रोगन जैसे पॉडकास्ट के माध्यम से आकर्षित किया है, वो कमला हैरिस की तुलना में ट्रंप को एक मजबूत नेता के तौर पर देखता है।












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