डोनाल्ड ट्रंप के इस एक निर्णय से 60 सेकेंड में नॉर्थ कोरिया हो जाएगा तबाह, लेकिन दुनिया झेलेगी WW3

वॉशिंगटन। अमेरिकी और नॉर्थ कोरिया के बीच जुबानी जंग चाकू की नोक पर पहुंच चुकी है, और किसी एक का गलत निर्णय दुनिया में तबाही मचा सकता है। करीब 7000 न्यूक्लियर वेपन से संपन्न मुल्क अमेरिका को नॉर्थ कोरिया का खात्मा करने के लिए मात्रा 60 सेकेंड का वक्त लगेगा। अमेरिका राष्ट्रपति बहुत पहले ही कह चुके हैं कि नॉर्थ कोरिया के साथ बातचीत का दौर अब खत्म हो चुका है, ऐेसे में अगर डोनाल्ड ट्रंप ने ऑर्डर दिया तो दुनिया एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर आकर खड़ी हो जाएगी, जिसका परिणाम भयावह होने वाला है।

ट्रंप दे चुके हैं युद्ध के संकेत

ट्रंप दे चुके हैं युद्ध के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एशिया दौरे पर हैं, जहां उन्होंने सबसे पहले जापान पहुंचते ही नॉर्थ कोरिया पर हमला बोला दिया। ट्रंप ने जापान में कहा कि सब्र का दौर अब खत्म हो चुका है। उनके अनुसार, पिछले 25 साल से अमेरिका तानाशाह मुल्क नॉर्थ कोरिया से सिर्फ बातचीत ही कर रहा है। ट्रंप के तुरंत बाद जापान के पीएम शिंजो आबे ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अब नॉर्थ कोरिया से बातचीत नहीं हो सकती और इससे निपटने के लिए सारे विकल्प टेबल पर मौजूद है।

नॉर्थ कोरिया से निपटने के लिए एशिया दौरे पर निकले ट्रंप

नॉर्थ कोरिया से निपटने के लिए एशिया दौरे पर निकले ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप अपने एशिया दौरे पर एक सॉल्जर के साथ दिखाई दे रहे हैं। उस सॉल्जर के हाथ में एक लेदर का बैग है और बताया जा रहा है कि ट्रंप सभी नेताओं से मिलकर नॉर्थ कोरिया से निपटने की चर्चा में लगे है। अपने पूरे दौरे पर ट्रंप नॉर्थ कोरिया मुद्दे पर ही सबसे ज्यादा जोर देंगे। सूत्रों की मानें तो नॉर्थ कोरिया से निपटने के लिए ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात बेहद अहम होने वाली है। ट्रंप नॉर्थ कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने के लिए चीन पर दबाव डाल सकते हैं।

ट्रंप का एक निर्णय दुनिया के लिए तीसरा विश्व युद्ध होगा

ट्रंप का एक निर्णय दुनिया के लिए तीसरा विश्व युद्ध होगा

युद्ध और कोरियाई प्रायद्वीप में चल रहे तनाव पर स्टडी कर रहे विशषज्ञों की मानें तो अगर डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया से निपटने के लिए परमाणु हमले का ऑर्डर दिया तो यह चीन और रूस के लिए भड़काऊ कदम हो सकता है। उनके अनुसार, इस युद्ध में अगर चीन और रूस ने नॉर्थ कोरिया का साथ दिया तो दुनिया को इससे हैरानी नहीं होनी चाहिए। वहीं, दूसरी नॉटो ने अमेरिका का साथ देने के लिए पहले से ही तैयारी की बात कर दी है। यानि, ट्रंप का एक गलत निर्णय दुनिया के लिए विनाषकारी साबित हो सकता है।

ट्रंप कर चुके हैं 'टोटल डिस्ट्रॉय' की बात

ट्रंप कर चुके हैं 'टोटल डिस्ट्रॉय' की बात

नॉर्थ कोरिया से निपटने के लिए अगर डोनाल्ड ट्रंप 'फायर एंड फ्यूरी' और 'टोटल डिस्ट्रॉय' की धमकी दे चुके हैं तो किम जोंग उन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे ना तो अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने वाले हैं और ना ही अमेरिका से डरने वाले हैं। अगर हथियारों की बात करें तो दोनों ही देश न्यूक्लियर संपन्न मुल्क है, हालांकि अमेरिका के पास नॉर्थ कोरिया से ज्यादा 'डर्टी बम' है। अमेरिका के पास कुल 6,970 न्यूक्लियर वेपन हैं तो वहीं, नॉर्थ कोरिया के पास इसकी संख्या सिर्फ 22 हैं।

दोनों देशों की सैन्य ताकत

दोनों देशों की सैन्य ताकत

अमेरिका
परमाणु हथियार 6,970
एयरक्राफ्ट 13,000
टैंक 8,800
वॉरशिप 473
सैनिक 10 लाख 40 हजार

नॉर्थ कोरिया
परमाणु हथियार 22
एयर क्राफ्ट 940
टैंक 4,200
वॉरशिप 474
सैनिक 10 लाख

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