US News: ट्रंप ने गरीब देशों को दिया बड़ा टेंशन! इस्राइल-मिस्र को छोड़ दुनिया भर में वित्तीय मदद पर लगाई रोक
US Foreign Aid Freeze: : अमेरिका के राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप एक बाद एक कई कड़े फैसेल ले रहे हैं। अमेरिका ने इस्राइल और मिस्र को छोड़कर लगभग सभी विदेशी वित्तीय सहायता रोक दी है। केवल आपातकालीन खाद्य की सहायता दी जाएगी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार (24 जनवरी 2025) को ये जानकारी दी है। आदेश में कहा गया है कि अमेरिका ने इस्राइल और मिस्र के लिए आपातकालीन खाद्य और मिलिट्री फंडिंग को नहीं रोका है। ये फैसला "अमेरिका फर्स्ट" नीति के तहत लिया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से गरीब देशों की बढ़ी परेशानी!
डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले ने गरीब देशों की परेशानी बढ़ा दी है। कई गरीब देश वित्तीय मदद दुनिया के सबसे बड़े दानदाता अमेरिका पर निर्भर रहते हैं। इस आदेश से स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, नौकरी प्रशिक्षण, भ्रष्टाचार विरोधी, सुरक्षा सहायता और अन्य प्रयासों का समर्थन करने के लिए वैश्विक स्तर पर अमेरिकी वित्त पोषित कई अरब डॉलर की परियोजनाओं पर तत्काल रोक लगने का खतरा पैदा हो गया है।
अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत लिया गया है फैसला!
डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत उठाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान विदेशी सहायता को सख्ती से प्रतिबंधित की जाएगी। आंतरिक ज्ञापन में कहा गया है कि विदेश मंत्री मार्को रूबियों ने कहा है कि जब तक हर एक प्रस्तावित नए अनुदान या विस्तार की समीक्षा और अनुमोदन नहीं हो जाता, तब तक नए अनुदानों या मौजूदा अनुदानों के विस्तार के लिए कोई फंड नहीं जारी किया जाएगा।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर क्या कहा?
विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि इसका असर दूसरे देशों में रहने वाले करोड़ों लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि PEPFAR के जरिए दो करोड़ से ज्यादा लोग मेडिकल सेवा यानी दवाइयों पर निर्भर हैं। वहीं 6 करोड़ से अधिक लोग एंटी-मलेरिया उपायों से लाभान्वित होते हैं। इन सभी लोगों पर असर पड़ेगा।












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