घुटनों के बल बैठकर और हाथ जोड़कर किम जोंग उन ने डोनाल्ड ट्रंप से मांगी सिंगापुर समिट की भीख!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकीन रूडी गियूलियानी की बयान हाथ जोड़कर नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने सिंगापुर समिट को बहाल करने की भीख मांगी थी।
तेल अवीव। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकील रूडी गियूलियानी ने कहा है कि नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने सिंगापुर समिट के कैंसिल होने के बाद इस फिर से बहाल करने की भीख मांगी थी। गियूलियानी ने यह बता इजरायल के शहर तेल अवीव में एक बिजनेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही है। उनका कहना था कि ट्रंप के कड़े तेवरों की वजह से किम जोंग को अपना रुख नरम करना पड़ा है। उनका कहना था कि उप-राष्ट्रपति माइक पेंस की बेइज्जती के बाद ट्रंप के पास सिंगापुर की समिट को कैंसिल करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।

किम जोंग ने की ट्रंप से मिन्नतें
रूडी गियूलियानी ने बिजनेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने कहा कि जब डोनाल्ड ट्रंप ने सिंगापुर में नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ होने वाली मुलाकात कैंसिल कर दी, तो किम जोंग ने 'हाथ जोड़कर और घुटनों के बल' बैठकर इसे बहाल करने की भीख मांगी थी। उन्होंने कहा कि जब किम ने परमाणु युद्ध की धमकी दी और उप-राष्ट्रपति माइक पेंस की बेइज्जती की तो इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप के पास वार्ता को कैंसिल करने के अलावा कोई और चारा नहीं था। उन्होंने बताया, 'हमने बता दिया था कि हम इस तरह की परिस्थितियों के बीच समिट नहीं कर सकते हैं।'

12 जून को होनी है मुलाकात
किम जोंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच सिंगापुर के सेंटोसा स्थित कैपला होटल में 12 जून को मुलाकात होगी। ट्रंप ने किम को चिट्ठी लिखकर इस समिट के कैंसिल होने के बारे में जानकारी दी थी लेकिन एक ही हफ्ते बाद इस समिट को वापस आयोजित करने का फैसला हुआ। ट्रंप ने अपनी चिट्ठी में लिखा था, 'उन्हें लगता है कि इस समय इस बहुत चर्चित मुलाकात का होना सही नहीं है।' उन्होंने लिखा कि नॉर्थ कोरिया की ओर से उप-राष्ट्रपति माइक पेंस को 'राजनीतिक पुतला' करार दिया गया है और इससे नॉर्थ कोरिया का गुस्सा और उसकी दुश्मनी साफ तौर पर झलक रही है।

फिलीस्तीन के साथ भी यही रणनीति
इसके बाद नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से टॉप ऑफिसर किम योंग चोल वॉशिंगटन पहुंचे और उन्होंने ट्रंप के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग के बाद ट्रंप ने वार्ता बहाल की। चोल ने किम जोंग उन की ओर से लिखी गई एक चिट्ठी भी ट्रंप को दी थी। मीटिंग के बाद ट्रंप ने कहा किम जोंग कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह से परमाणु हथियारों से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनकी चिट्ठी बहुत ही अच्छी और बहुत रोचक थी। तेल अवीव में गियूलियानी ने सलाह दी इसी तरह की टेक्निक फिलीस्तीन की अथॉरिटीज के साथ प्रयोग की जानी चाहिए। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जेरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के बाद फिलीस्तीन ने अमेरिका के साथ संबंध खत्म कर लिए हैं।












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