कौन हैं वो 14 मिलियन लोग, जिन्हें डिपोर्ट करना चाहते हैं Trump? क्या है पीछे का मकसद? यहां जानें सबकुछ
Donald Trump Deportation Plan: डोनाल्ड ट्रंप की राजनीति में अनधिकृत अप्रवासियों (Unauthorized Immigrants) का मुद्दा हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। 2025 में फिर से यह मसला उठा है। ट्रंप अनधिकृत अप्रवासियों को देश से बाहर करना चाहते हैं। इन अप्रवासियों को अक्सर 'बिना दस्तावेज वाले' या 'अवैध अप्रवासी' कहा जाता है। 2024 तक, इनकी संख्या बढ़कर 14 मिलियन (1.4 करोड़) हो गई है।
यह संख्या 2022 में 11 मिलियन थी, लेकिन हाल के सालों में सीमा पार करने और शरण मांगने वालों की बढ़ती संख्या ने इस आंकड़े को बढ़ा दिया है। लेकिन सवाल यह है कि ये लोग कौन हैं, ये कहां से आते हैं, और अमेरिका में इनकी स्थिति क्या है? आइए इसे समझते हैं...

अमेरिका में अनधिकृत अप्रवासी: कौन हैं ये लोग?
अनधिकृत अप्रवासी वे लोग हैं, जो अमेरिका में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं। इनमें कुछ लोग सीमा पार करके आते हैं, तो कुछ ऐसे हैं जो वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रुक जाते हैं। यह लोग किसी भी तरह से अवैध तरीकों का इस्तेमाल करके घुस सकते हैं, जिसे Dunki (डंकी) के रूप में भी जाना जाता है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 तक, अमेरिका में अनधिकृत अप्रवासियों की संख्या 14 मिलियन (1.4 करोड़) तक पहुंच गई है। 2022 में यह संख्या 11 मिलियन थी, लेकिन सीमा पार करने और अन्य कारणों से यह संख्या तेजी से बढ़ी।
ट्रंप क्यों करना चाहते हैं डिपोर्ट?
डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासियों को डिपोर्ट करने का मुख्य कारण हैं। जैसे...
- अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां: ट्रंप का कहना है कि अनधिकृत अप्रवासी अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों पर असर डालते हैं।
- सुरक्षा और अपराध: उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अनधिकृत अप्रवासी सीमा पार से अपराध और ड्रग्स लेकर आते हैं, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा होता है।
- शरण आवेदनों की बढ़ती संख्या: 2023 के अंत तक 1 मिलियन (10 लाख) से अधिक शरण आवेदन लंबित थे। ट्रंप का मानना है कि यह प्रणाली पर दबाव डालता है।
क्यों बढ़ रही है अनधिकृत अप्रवासियों की संख्या?
सीमा पार करना और शरण के लिए आवेदन
- 2022 और 2023 में अमेरिकी सीमाओं पर रिकॉर्ड संख्या में प्रवासियों को रोका गया। 2023 के अंत तक 1 मिलियन (10 लाख) शरण आवेदन लंबित थे।
फेडरल कार्यक्रम: कुछ सरकारी कार्यक्रमों ने प्रवासियों को अमेरिका में आने का मौका दिया।
- CHNV पहल (क्यूबा, हैती, निकारागुआ, वेनेज़ुएला): इन देशों के 5 लाख अप्रवासी 2023 तक अमेरिका आए।
- यूक्रेन के लिए एकजुटता कार्यक्रम: युद्ध के कारण यूक्रेनी नागरिकों को अस्थायी रूप से शरण मिली।
नए क्षेत्रों से प्रवास:
- मेक्सिको: 2022 में यहां से 4 मिलियन लोग अनधिकृत रूप से अमेरिका में रह रहे थे।
- भारत, कैरिबियन, और दक्षिण अमेरिका: 2019-2022 के बीच भारत से 7.25 लाख अप्रवासी अमेरिका आए।
कहां बस रहे हैं ये अप्रवासी?
2019-2022 के बीच कुछ राज्यों में अप्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ी...
- फ्लोरिडा: +400,000
- टेक्सास: +85,000
- न्यूयॉर्क: +70,000
- न्यू जर्सी: +55,000
- मैसाचुसेट्स: +50,000
गिरावट दर्ज करने वाला एकमात्र राज्य:
- कैलिफोर्निया: यहां अनधिकृत अप्रवासियों की संख्या 1.2 लाख कम हुई।
डिपोर्टेशन का मकसद क्या?
डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि अनधिकृत अप्रवासी...
- अमेरिकियों की नौकरियां छीनते हैं।
- अपराध और ड्रग्स बढ़ाते हैं।
- सिस्टम पर बोझ डालते हैं।
आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) का कहना है कि 2024 तक लगभग 6.55 लाख अप्रवासी आपराधिक रिकॉर्ड वाले हैं, जिनमें छोटे अपराध (जैसे ट्रैफिक उल्लंघन) भी शामिल हैं।
अनधिकृत अप्रवासियों का योगदान
हालांकि, अनधिकृत अप्रवासी अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। जैसे...
- श्रम बल का हिस्सा: 2022 में, 8.3 मिलियन अनधिकृत अप्रवासी श्रमिक थे, जो सभी अमेरिकी श्रमिकों का 4.8% हैं।
- घरेलू परिवार: 22 मिलियन लोग ऐसे घरों में रहते हैं, जिनमें कम से कम एक अनधिकृत अप्रवासी शामिल है।
- बच्चों की परवरिश: लगभग 4.4 मिलियन अमेरिकी बच्चे ऐसे घरों में रहते हैं, जिनके माता-पिता अनधिकृत अप्रवासी हैं।
डिपोर्टेशन के सामने क्या चुनौतियां?
- परिवारों का टूटना: अनधिकृत अप्रवासी अपने पीछे अमेरिकी नागरिक बच्चों और परिवारों को छोड़ जाएंगे।
- अर्थव्यवस्था पर असर: कृषि, निर्माण, और घरेलू कामकाज में श्रमिकों की कमी हो सकती है।
- सामाजिक तनाव: अप्रवासियों और नागरिकों के बीच विभाजन गहरा सकता है।
क्या ट्रंप की योजना संभव है?
- लंबा समय: लाखों लोगों को डिपोर्ट करने के लिए प्रशासन और न्यायपालिका को काफी समय और संसाधन चाहिए।
- कानूनी अड़चनें: कई अप्रवासी अमेरिका में दशकों से रह रहे हैं। उन्हें हटाना कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है।
- समुदायों पर असर: डिपोर्टेशन से स्थानीय समुदायों और व्यवसायों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
ये भी पढ़ें- बॉर्डर पर गए डोनाल्ड ट्रंप और अधिकारियों से पूछा पाकिस्तान से कितने लोग आए
(सोर्स-द न्यूयॉर्क टाइम्स)
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