40 दिनों तक कंटेनर में बंद कुत्ता पहुंचा एक देश से दूसरे देश, जब डब्बा खुला तो अंदर हुआ था 'चमत्कार'

डॉक्टर ने कहा कि, इन 40 दिनों तक कंटेनर में बंद रहने के बाद उसकी स्थिति काफी ज्यादा खराब हो चुकी थी और वो काफी कुछ भूल चुकी थी।

पनामा, जुलाई 30: पनामा के अटलांटिको बंदरगाह के कर्मचारी उस समय सदमे में आ गये, जब उन्होंने एक स्पेन से आए एक शिपिंग कंटेनर को खोला। इस शिपिंग कंटेनर को खाली होना चाहिए था, लेकिन कर्मचारियों ने देखा, कि कंटेनर के अंदर एक कुत्ता पड़ा है, जो पिछले 40 दिनों से कंटेनर में बंद था, लेकिन 40 दिनों तक भूखा-प्यासा रहने के बाद भी वो जिंदा था। 40 दिनों में ये शिपिंग कंटेनर अंडालुसिया से होते हुए अंटलांटिक महासागर को पार कर पनामा तक पहुंच गया और इस दौरान किसी को पता नहीं था, कि कंटेनर के अंदर एक कुत्ता बंद है।

40 दिनों तक कंटेनर में बंद था कुत्ता

40 दिनों तक कंटेनर में बंद था कुत्ता

रिपोर्ट के मुताबिकि, कारमेल रंग का कुत्ता, जिसकी उम्र करीब एक साल है, वो 40 दिनों तक भूखा-प्यासा रहने की वजह से अत्यंत कमजोर हो चुका था और उसके मुंह से आवाज निकलना बंद हो गया था। कुत्ता काफी ज्यादा पतला हो चुका था और मरनासन्न की स्थिति में पहुंच चुका था, हालांकि उसकी सांसे अभी भी चल रही थी, जिसे कंटेनर से निकालकर पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, कई महीनों के इलाज और ट्रेनिंग के बाद अब कुत्ते मिली को पनामा में कृषि विकास मंत्रालय में भर्ती कर लिया गया है। पनामा कृषि मंत्रालय में पशु स्वास्थ्य के राष्ट्रीय निदेशक सेसिलिया डी एस्कोबार ने कहा कि, "हमें नहीं पता कि वह अंदर कैसे आई और न ही उसका पता कैसे चला।"

कुत्ते ने कैसे जीती भूख-प्यास से जंग?

कुत्ते ने कैसे जीती भूख-प्यास से जंग?

सेसिलिया डी एस्कोबार ने कहा कि, एक साल के इस कुत्ते ने पता नहीं कैसे 40 दिनों तक भूख प्यास से जंग जीती। इसके पास खाने के लिए कुछ नहीं था। कंटेनर पूरी तरह से खाली था। ऐसे में ये सोचना ही काफी मुश्किल है, कि जिसके पास खाने के लिए एक टुकड़ा नहीं है, वो भला अपने जीवन के लिए कैसे लड़ा होगा?" रिपोर्ट के मुताबिक, ये कुत्ता दिसंबर 2021 में कंटेनर में बंद होकर जहाज पर पहुंचा था और फिर ये 40 दिनों तक लगातार समुद्री सफर पर रहा। इस दौरान कंटेनर में अगर अगर वो भौंका भी होगा, जो लाजिमी है, तो किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी होगी और वो कंटेनर में ही फंसा रहा।

भगवान ने ही बचाया

भगवान ने ही बचाया

सेसिलिया डी एस्कोबार ने कहा कि, हमने जब कंटेनर को देखा, तो पता चला कि, कंटेनर के एक कोने में छोटा सा छेद था और हमें ऐसा लग रहा है, कि शायद बारिश में उस छेद के जरिए कंटेनर के अंदर पानी जा रहा होगा। उन्होंने कहा कि, 'कंटेनर का एक हिस्सा खराब हो गया था और वहां हमें एक छोटा सा छेद मिला। हम मानते हैं कि उसने अपने पंजे से छेद खोला होगा और बारिश का पानी पिया होगा। यात्रा के दौरान और पनामा, दोनों में उन दिनों बहुत बारिश हुई थी। उन्होंने इस घटना को एक चमत्कार करार दिया है।

पनामा सिटी में किया गया इलाज

पनामा सिटी में किया गया इलाज

जब कुत्ता कंटेनर के अंदर बंदरगाह के कर्मचारियों को मिला, तो उसे फौरन पनामा सिटी ले जाया गया और पशु चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया गया। जब कुत्ता मिली अस्पताल पहुंची थी, तो उसका वजन सिर्फ नौ पाउंड (4 किग्रा) था, मिडा में कैनाइन यूनिट में एक पशु चिकित्सक और प्रशासक ह्यूगो टुरिल्लाज़ी ने कहा कि, उसकी हालत काफी ज्यादा खराब थी। डॉक्टर टुरिल्लाज़ी का मानना ​​है कि, जब वह कंटेनर में बंद हुई होगी, तो वो काफी स्वस्थ रही होगी और उसकी शारीरिक स्थिति भी काफी अच्छी रही होगी और वो अपने शरीर में मौजूद चर्बी की वजह से बचने में कामयाब रही। डॉक्टर ने कहा कि, बारिश के पानी के अलावा, वह कंटेनर की भीतरी दीवारों को भूख लगने पर चाटा करती थी और ऐसा लग रहा है, कि वो अपना पेशाब भी पी रही थी। उन्होंने कहा कि, "यह एक चमत्कार है कि यह छोटा जानवर इतने लंबे समय तक जीवित रहने में सक्षम था, इसलिए हमने उसे मिलाग्रोस (चमत्कार) या संक्षेप में मिली नाम दिया है"। उन्होंने कहा कि, "और जब वह स्पेन से आई तो हमने उसे मिली द लिटिल स्पैनियार्ड कहा।" उन्होंने कहा कि, अब वह पूरी तरह से ठीक हो गई है और उसका वजन भी अब पहले जैसा हो रहा है और वह टिप-टॉप फिजिकल शेप में है।

काफी मुश्किल से ठीक हो पाई मिली

काफी मुश्किल से ठीक हो पाई मिली

डॉक्टर ने कहा कि, इन 40 दिनों तक कंटेनर में बंद रहने के बाद उसकी स्थिति काफी ज्यादा खराब हो चुकी थी और वो काफी कुछ भूल चुकी थी। उसे शुरूआत के पांच महीनों तक जिंदा रखने में काफी मुश्किल हुआ, क्योंकि वो खाने का सुंघने की क्षमता भी खो चुकी थी और फिर धीरे धीरे उसमें फलों और सब्जियों को सुंधने की क्षमता आई। रिपोर्ट के मुताबिक, अब मिली को एयरपोर्ट पर अलग अलग देशों से आए यात्रियों के खाने का सामान सुंधने और उसका पता लगाने के लिए तैनात किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब मिली किसी संदिग्ध सामान को देखने के साथ ही उसे खरोंचना शुरू कर देती है और उसके पास बैठ जाती है। डॉग ट्रेनर एडगार्डो एगुइरे ने कहा, "मिली में चार बुनियादी विशेषताएं हैं जो एक कुत्ते को इकाई में शामिल होने की आवश्यकता होती है, वो काफी दोस्ताना है, लोगों के साथ सौम्य है और उसे अच्छी भूख लगती है और वो काफी चंचल भी है।"

कई तरह की दी जा रही है ट्रेनिंग

कई तरह की दी जा रही है ट्रेनिंग

डॉग ट्रेनर एडगार्डो एगुइरे ने कहा कि, अनाज, फल और चारक्यूरी का पता लगाने में कामयाब होने के बाद अब मिली अब विशाल अफ्रीकी घोंघे का पता लगाने के लिए प्रशिक्षण ले रही है, एक ऐसी प्रजाति जो स्थानीय कृषि को तबाह कर सकती है। वहीं डॉक्टर ने कहा कि, "वह एक स्कैनर है, जिसके सिर्फ भोजन और पानी और दुलार का ही हमें खर्च आता है और वह बहुत भरोसेमंद है।" उन्होंने कहा कि, "वे कहते हैं कि जीवन में हर किसी का एक उद्देश्य होता है, और मुझे लगता है कि मिली को पनामा द्वारा अपनाया जाना था, और हमारे देश को एक महान सेवा प्रदान करना था, शायद इसीलिए वो उस कठिन दौर से गुजरी।"

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