62 देश भी नहीं मिटा पा रहे हैं आईएसआईएस का वजूद
वाशिंगटन। यूनाइटेड नेशंस की 70वीं जनरल एसेंबली के साथ ही एक बार फिर से आईएसआईएस का जिक्र सुर्खियों में हैं। इस आतंकी संगठन ने सुपरपवार से लेकर एक छोटे से देश बांग्लादेश में भी हलचल मचा रखी है लेकिन इसके बाद भी इस पर कोई आंच नहीं आ रही है। दुनिया के एक नहीं दो नहीं बल्कि 62 देश भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ पा रहे हैं।
कौन बांधेगा बिल्ली के गले में घंटी
आईएसआईएस दिन पर दिन ताकतवर होता जा रहा है और दुनिया के देश उसके सामने कमजोर होते जा रहे हैं। जिस ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद अमेरिका अपनी इंटेलीजेंस और सेनाओं की ताकत पर गर्व करता था आज उसी अमेरिका की इंटेलीजेंस फेल हो गई है। आईएसआईएस उस बिल्ली की तरह हो गया है जिसके गले में सब घंटी तो बांधना चाहते हैं लेकिन कैसे यह किसी को भी नहीं मालूम है।
पिछले वर्ष 25 देशों के साथ ही अरब लीग, यूनाइटेड नेशंस और यूरोपियन यूनियन में शामिल देशों ने इराक में संगठन के खिलाफ कार्रवाई पर सहमति जताई थी। अब युद्ध सीरिया तक बढ़ गया है फिर भी लक्ष्य हर सेकेंड दूर होता जा रहा है। 62 देशों का आंकड़ा अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की ओर से इसकी वेबसाइट पर दिया गया है।
देश और उनका रोल
हाल ही में रूस भी इस संगठन के खिलाफ अभियान में शामिल हो गया है। एक नजर डालिए रूस से अलग और कौन-कौन से देश हैं जो इस संगठन के खिलाफ अपनी सेना और ताकत के साथ लगे हुए हैं।
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अमेरिका
अमेरिका ने इराक में अपनी सेनाओं को वापस भेजा और सीरिया में हवाई हमले शुरू किए।
कनाडा
कनाडा ने कनैडियन आर्म्ड फोर्सेज के 60 सदस्यों को इराक भेजा है। इसके अलावा कैनेडियन एयरफोर्स की ओर से भी इराक में 230 टन मिलिट्री सप्लाई अल्बानिया की मदद के लिए इराक भेजी गई। इसके अलावा 15 मिलियन डॉलर सुरक्षा के लिए भेजे गए।
इराक
इराक ने फ्रांस को उसके एयरस्पेस के प्रयोग की मंजूरी दी और आईएसआईएस के खिलाफ साझा सेनाओं का स्वागत किया।
जॉर्डन
जॉर्डन ने सीरिया में हवाई हमलों में आईएसआईएस के टारगेट्स को नष्ट किया। साथ ही आतंकवादी और चरमपंथी संगठनों को दी जा रही वित्तीय मदद को बंद किया।
बहरीन
सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ हवाई हमले।
सऊदी अरब
सीरिया में हवाई हमलों में भाग लिया। पिछले वर्ष आईएसआईएस के खात्मे के मकसद से 100 मिलियन डॉलर यूएन के काउंटर टेररिज्म सेंटर को दिए और 500 मिलियन डॉलर की मदद पहुंचाई।
यूएई
सीरिया में संगठन के खिलाफ हवाई हमलों में शामिल।
फ्रांस
इराक में आईएसआईएस के कब्जों वाले ठिकानों पर बमबारी की। फ्रेंच एयरफोर्स ने भी इराक में लगातार हमले किए और जरूरत पड़ने पर और हमलों का वादा किया।
जर्मनी
40 पैराट्रूपर्स को कुर्दिश फाइटर्स को हथियार और ट्रेनिंग देने के लिए भेजा। 16,000 असॉल्ट राइफल्स बनाई। एंटी-टैंक हथियार और 4,000 सैनिकों का वहां भेजा। बताया जा रहा है कि जर्मनी ने कुछ कुर्दिश सैनिकों को भी ट्रेनिंग दी थी।













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