तो डील पक्की... भारत आ रहा दुनिया का सबसे खतरनाक ड्रोन, अमेरिका से 30 MQ-9B खरीदने को मिली मंजूरी
ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह व्हाइट हाउस में मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच वार्ता के बाद लगभग 3 बिलियन अमरीकी डॉलर के मेगा खरीद सौदे की घोषणा की जाएगी।
रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को सशस्त्र बलों के निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए अमेरिका से MQ-9B प्रीडेटर ड्रोन खरीदने की मंजूरी दे दी। आज गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक हुई।
सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। पीएम मोदी अगले सप्ताह अमेरिका दौरे पर जाएंगे। यूएस चाहता था कि मोदी सरकार इस दौरे से पहले ये ड्रोन डील फाइनल कर ले।

ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह व्हाइट हाउस में मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच वार्ता के बाद लगभग 3 बिलियन अमरीकी डॉलर के मेगा खरीद सौदे की घोषणा की जाएगी।
MQ-9B प्रीडेटर ड्रोन खास तौर पर चीन के साथ सीमा पर कड़ी निगरानी करने में मदद मिलेगी। इस ड्रोन से तीनों सेवाओं में मदद मिलेगी। ये ड्रोन समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध और जमीन पर टारगेट करने सहित कई प्रकार की जरूरतें पूरे कर सकते हैं।
रॉयटर्स के सूत्रों में से एक ने कहा कि भारत 3 अरब डॉलर (24,627 करोड़ रुपये) से थोड़ा अधिक मूल्य के जनरल एटॉमिक्स द्वारा बनाए गए 30 ड्रोन खरीदेगा। हालांकि भारत के रक्षा मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है।
अमेरिका निर्मित इस ड्रोन को सबसे मजबूत और एडवांस डिफेंस ड्रोन बताया जाता है। बिना पायलट वाले इस फाइटर जेट को रिमोट से ऑपरेट किया जाता है। इनमें मिसाइलें भी लोड की जा सकेंगी।
ऐसा कहा जा रहा है कि इन ड्रोन्स को जरूरत के हिसाब से सेना, एयरफोर्स और नेवी में बांट दिया जाएगा। इसे चीन-पाकिस्तान बॉर्डर और हिंद महासागर में तैनात किया जाएगा।
MQ-9B प्रीडेटर ड्रोन को खासतौर पर समुद्री लड़ाई के लिए डिजाइन किया गया है। जानकारी के मुताबिक भारत के अलावा क्वाड में शामिल सभी देश इस ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं।
यह ड्रोन न सिर्फ समुद्र में दुश्मनों की जासूसी करता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर हमला भी कर सकता है। ये ड्रोन लगातार 35 घंटों तक 45 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने की काबिलियत रखता है।
इसके अलावा ऐसा भी माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच में कई सैन्य समझौते हो सकते हैं। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान 350 फाइटर जेट इंजनों के भारत में निर्माण का बड़ा रणनीतिक सौदा हो सकता है।
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन जनरल इलेक्ट्रिक को भारत में फाइटर जेट इंजन बनाने का परमिट देने के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।












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