इस देश में लोगों के उम्र की सीमा रेखा क्यों हो रही है कम? जानकर चौंक जाएंगे आप
लोगों की जीने की कम हो रही अवधि पर विशेषज्ञों ने कई और कारण भी बताए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि, लोगों में स्वास्थ्य देखभाल को लेकर उदासीनता एक कारण है। दूसरा, कम टीकाकरण भी इस समस्या का जड़ है।
वाशिंगटन,

कोरोना ने लोगों के जीवन को किया कम
कोरोना लोगों के लिए कभी ना भूलने वाली महामारी साबित हुई है। चीन में तो आज भी कोरोना के कारण सख्त लॉकडाउन लग रहा है। अन्य देशों में भी कोरोना का कहर जारी है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने 2021 में लोगों के जीवनकाल में कमी के लिए कोरोना (Covid-19) को जिम्मेदार ठहराया है। केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि, कोरोना महामारी से बचाव के लिए एक साल के भीतर जब टीका विकसित कर लिया गया तो इसके बाद कोरोना का एक और वेरिएंट ने फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया।

क्या कहना है विशेषज्ञों का
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अधिकारियों ने आगे बताया कि, कोरोना के नए वैरिएंट के कारण लोग फिर से अस्पतालों में भर्ती होने लगे। ड्रग ओवर डोज, ह्रदय रोग, आत्महत्या करने जैसी समस्याओं तो पहले से ही थी, जिसने कोरोना के नए वेरिएंट से मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा कर दिया। पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के जनसांख्यिकीय सैमुअल प्रेस्टन ने कहा, यह एक निराशाजनक स्थिति है जो अब बद से बदतर हो चला है।

जनसंख्या से जीवनकाल का आंकलन
वहीं, उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय के शोधकर्ता रॉबर्ट हमर ने जनसंख्या स्वास्थ्य पैटर्न पर ध्यान केंद्रित करते हुए बताया कि जीवन प्रत्याशा या जीवन काल (Life expectancy) अमेरिका जैसे देश में जनसंख्या स्वास्थ्य का सबसे मौलिक संकेतक है। हम किसी भी साल में पैदा हुए बच्चे की औसत संख्या से इसका अनुमान लगा सकते हैं। अमेरिका में लाइफ एक्सपेक्टेंसी पहले दशकों तक बढ़ी,लेकिन कोरोना महामारी के बाद इस पर विराम लग गया।

लोगों के कम हो रही उम्र की क्या है वजह?
जीवन काल से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 2019 में यह 78 साल, 10 महीने था। 2020 में यह घटकर 77 साल हो गया। पिछले साल, यह लगभग 76 साल,1 महीने तक गिर गया। इससे पहले 1996 में जीवनकाल सबसे कम स्तर पर था। महामारी के दौरान उम्र में गिरावट का असर अलग-अलग नस्ल के लोगों पर अलग तरीकों से प्रभावित हुआ। उदाहरण के लिए, अमेरिकी भारतीय और अलास्का मूल के लोगों की जीवन प्रत्याशा में महामारी शुरू होने के बाद से 6 1/2 वर्ष से अधिक की गिरावट देखी गई, जो 65 वर्ष है। इसी अवधि में, एशियाई अमेरिकियों के लिए जीवन प्रत्याशा लगभग दो साल कम हो गई, जो 83 1/2 पर है।

लोगों की उम्र कम होने के कई कारण
वहीं, इस लोगों की जीने की कम हो रही अवधि पर विशेषज्ञों ने कई और कारण भी बताए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि, लोगों में स्वास्थ्य देखभाल को लेकर उदासीनता एक कारण है। दूसरा, कम टीकाकरण भी इस समस्या का जड़ है। साथ ही कम वेतन में काम करने वाले लोगों की बड़ी आबादी, जो महामारी के वक्त भी अपने और परिवार के जीवन यापन के लिए निरंतर काम करने को मजबूर हुए।

अनुमान बदल सकते हैं
हालांकि, नई रिपोर्ट अंतिम आंकड़ों पर आधारित है। इसलिए अधिक डेटा और आगे का विश्लेषण के साथ जीवन प्रत्याशा अनुमान को बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, सीडीसी ने शुरू में कहा था कि 2020 में जीवन प्रत्याशा में लगभग 1 वर्ष 6 महीने की गिरावट आई है। लेकिन अधिक मौत की रिपोर्ट और विश्लेषण आने के बाद, यह लगभग 1 वर्ष 10 महीने का हो गया। वहीं, अमेरिकी महिलाओं की बात करें तो, इनकी जीवन प्रत्याशा लगभग 10 महीने कम हो गई है, जो 2020 में 2021 में 80 से 79 साल से अधिक हो गई है। वहीं, पुरुषों के लिए जीवन प्रत्याशा लगभग 74 वर्ष से घटकर 73 वर्ष हो गई है। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों के जीवन कम होने के और कई कारण बताए गए हैं, जैसे आत्महत्या, स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।












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