हीरोइन को इंप्रेस करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति पर चला दी थी दनादन गोलियां, 41 साल बाद हुआ मुक्त
अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को गोलियों से भूनने वाले अपराधी जॉन हिंक्ले को कोर्ट ने पूरी तरह बरी कर दिया है। यह फैसला जॉन के मानसिक अस्पताल से छूटने के 6 बरस बाद किया गया है।
वाशिंगटन, 16 जूनः अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को गोलियों से भूनने वाले अपराधी जॉन हिंक्ले को कोर्ट ने पूरी तरह बरी कर दिया है। यह फैसला जॉन के मानसिक अस्पताल से छूटने के 6 बरस बाद किया गया है। खबरों के मुताबिक, आरोपी जॉन हिंक्ले पर करीब चार दशक से कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। उसे मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स की निगरानी में रखे जाने की सलाह दी गई थी।
तस्वीर- ट्वविटर

ट्विटर पर की मन की बात
जॉन हिंक्ले को आधिकारिक रूप से करीब 4 दशक तक कानून और मनोरोग विशेषज्ञों की निगरानी में रखने का काम भी बंद कर दिया गया है। चालीस साल से भी अधिक समय तक कड़ी निगरानी में कैद रहे हिंक्ले ने इस बात की खुशी जताते हे ट्विटर पर पोस्ट भी किया। जॉन ने ट्वीट करते हुए लिखा, "41 साल, दो महीने 15 दिन बाद अब आकर आजादी मिली।"

हिंक्ले को दोषी नहीं माना गया
जॉन हिंक्ले की उम्र अब 67 हो चुकी है। उसने वाशिंगटन के एक होटल के बाहर रीगन और तीन अन्य लोगों को रिवॉल्वर से गोली मार दी थी। हिंक्ले ने कहा कि वह अभिनेत्री जोडी फोस्टर को प्रभावित करना चाहता था। हिंक्ले ने बताया था कि वह जोडी फोस्टर की फिल्म टैक्सी ड्राइवर को देखकर उसका दीवाना हो गया था। जिन चार लोगों को हिंक्ले ने गोली मारी वे सभी बच गए थे। हालांकि रीगन के प्रेस सचिव जेम्स ब्रैडी को आंशिक रूप से लकवा मार गया और उन्हें व्हीलचेयर का उपयोग करने के लिए बाध्य होना पड़ा। पागलपन के आधार पर हिंक्ले को दोषी नहीं घोषित किया गया बल्कि उसे 34 सालों के लिए एक मनोरोग अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। सितंबर, 2016 में उसे रिहा कर दिया गया।

41 साल पहले का मामला
30 मार्च सन् 1981 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन डीसी में, एक समारोह में हिस्सा लेने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच, कार में बैठने वाले थे। उनके चारों ओर और मीडिया और आमलोग भारी संख्या में मौजूद थे। अचानक उसी भीड़ से निकलकर जॉन हिंक्ले ने रीगन के ऊपर .22 बोर की लॉग राइफल से ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया। इसके बाद घटनास्थल पर भगदड़ मच गई।

रीगन के गले में लगी गोली
जॉन द्वारा चलाई गई पांच गोलियों से बचे रीगन उसकी अंतिम गोली से नहीं बच पाए। आखिरी गोली उनकी बुलेटप्रूफ कार के शीशे से टकराने के बाद सीने में जा घुसी। इस घटना के बाद रीगन को हॉस्पिटल ले जाया गया। कुछ दिनों के इलाज के बाद रीगन स्वस्थ हो गए। 5 जून 2004 को उनकी किसी बीमारी से मौत हो गयी। इस हमले में रीगन के साथ उनके तीन सहयोगियों को भी गोली लगी थी। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेम्स ब्रैडी के सिर में गोली लगी जिससे वे भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इसके साथ ही सीक्रेट सर्विस के एजेंट टिमोथी मैकार्थी को कंधे पर गोली मारी गई, जबकि डीसी के पुलिसकर्मी थॉमस डेलहान्टी को गर्दन में गोली लगी थी।

मौके पर ही पकड़ा गया जॉन हिंकली
तब उस हमले के जिम्मेदार जॉन हिंकली को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अमेरिकन कोर्ट के जज ने उसके मानसिक रूप से कमजोर होने के चलते राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के ऊपर जानलेवा हमले का दोषी नहीं माना था। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान हमले के आरोपी हिंकली के वकील ने मेडिकल सबूतों का हवाला देते हुए कहा कि, उसका मुवक्किल नार्सिसटिक पर्सनेलिटी डिसऑर्डर से ग्रस्त है।

हिंकली को नहीं फिल्म को माना दोषी
हिंकली के वकील ने अदालत में दलील रखी थी कि उसके मुवक्किल ने उसकी फेवरेट अभिनेत्री की फिल्म टैक्सी ड्राइवर को दर्जनों बार देखा था। इसमें मुख्य किरदार एक सीनेटर को मारने का प्रयास करता है। इस फिल्म को देखने के बाद हिंकली मुख्य किरदार से प्रभावित हो गया। वकील ने कोर्ट में अपनी दलीलों से यह साबित कर दिया राष्ट्रपति पर हमला करने का दोषी हिंकली नही, वह फिल्म है।












Click it and Unblock the Notifications