एशिया में सबसे कम आबादी वाले देश सिंगापुर में पैर पसार रहा कोरोना वायरस, चीन और भारत के बाद सबसे ज्यादा मामले
सिंगापुर। एशिया में सबसे कम आबादी वाला देश सिंगापुर भी कोरोना वायरस से बच नहीं सका है। यह देश अब भारत और चीन के बाद तीसरा ऐसा एशियाई देश बन गया है जहां पर महामारी ने सबसे बड़ा हमला बोला है। रविवार को सिंगापुर में 931 केस सामने आए और इनकी वजह से अब यहां सिंगापुर में कुल आंकड़ा 13,000 पहुंच गया। अब सिंगापुर संक्रमण के मामले में जापान से आगे निकलकर तीसरे स्थान पर आ गया है।

अप्रवासी मजदूरो के बीच सबसे ज्यादा मामले
सिंगापुर में अप्रवासी मजदूरों में सबसे ज्यादा संक्रमण फैला है और ये मजदूर घने इलाकों मे रहते हैं। जब वायरस ने अपने पैर पसारने शुरू किए थे तो उस समय सिंगापुर ने इस पर नियंत्रण पा लिया था। रविवार को यहां की सरकार की तरफ से बयान जारी कर बताया गया है कि बस 15 लोग ऐसे हैं जो सिंगापुर के नागरिक और स्थायी निवासी हैं और जिनमें संक्रमण के मामले पाए गए हैं। पिछले दिनों सिंगापुर जिसकी आबादी करीब 5.7 मिलियन है उसके लिए लॉकडाउन की अवधि को चार हफ्तों तक बढ़ाकर एक जून तक करने का फैसला लिया गया। सिंगापुर ने इस उपाय को सर्किट ब्रेकर का नाम दिया है। इस प्रक्रिया के तहत सभी स्कूलों और गैर-जरूरी व्यवसायों को बंद रखने का फैसला किया गया। साथ ही विदेशी कामगारों को उनके ही घरों में रहने के लिए कहा गया।
जीडीपी में गिरावट का डर
सिंगापुर में इस वर्ष अर्थव्यवस्था में चार प्रतिशत की गिरावट का अंदेशा जताया गया है। यहां के ट्रेड एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर चान चुन सिंग ने गुरुवार को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इस महामारी की वजह से जीडीपी में तेजी से गिरावट होगी और एक माह पहले आशंका जताई गई थी कि आने वाले दिनों में कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। 21 अप्रैल के सिंगापुर के प्राइम मिनिस्टर ली हाइसेन लूंग ने कहा था कि फिलहाल जो केस सामने आ रहे हैं उन्हें इंटेसिव केयर की जरूरत नहीं है क्योंकि अप्रवासी कामगार युवा हैं और उनमें कोविड-19 के लक्षण काफी कमजोर हैं। सिंगापुर में कोरोना वायरस की वजह से होने वाली मौत की दर दुनिया में सबसे कम है। यहां इस महामारी की वजह से 12 लोगों की जान गई है।












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