अंटार्कटिका के रिसर्च बेस तक पहुंचा कोरोना वायरस, बाहर निकाले गये वैक्सीन नहीं लगवाने वाले कर्मचारी
कोरोना वायरस अंटार्कटिका भी पहुंच गया है और पहली बार अर्जेंटीना रिसर्च सेंटर में कई स्टाफ कोविड पॉजिटिव पाए गये हैं।
ब्यूनस आयर्स, जनवरी 21: करीब दो सालों के बाद आखिरकार अंटार्कटिका के रिसर्च सेंटर तक कोरोना वायरस पहुंच गया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि, कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से पहली बार कोरोनोवायरस अंटार्कटिका में अर्जेंटीना के एक अनुसंधान केंद्र तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 कोरोना पॉजिटिव कर्मचारियों को अंटार्कटिका रिसर्च सेंटर से बाहर निकाला गया है, जिन्होंने वैक्सीन भी नहीं ली हैं।

अर्जेंटीना रिसर्च सेंटर में वायरस
रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जेंटीना के ला एस्पेरांजा बेस में रहने वाले 43 वैज्ञानिकों और सैन्य कर्मियों में से चौबीस को कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया है। अर्जेंटीना सरकार के अंटार्कटिक के राष्ट्रीय निदेशालय के पेट्रीसिया ओर्टुजर ने समाचार एजेंसी एएफपी से कोरोना संक्रमितों को लेकर पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 24 में से 9 कर्मचारी, जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं हैं, उन्हें एहतियातन अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस ऑयर्स लाया गया है, क्योंकि उन्होंने वैक्सीन नहीं लिया है। वे 2021 में अर्जेंटीना के टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले से अंटार्कटिका रिसर्च सेंटर में थे, लिहाजा उन्हें राजधानी लाया गया है।
डॉक्टरों ने कहा, नियंत्रण में स्थिति
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आपको बता दें कि, इससे पहले चिली के रिसर्च सेंटर में साल 2020 में कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। हालांकि, अर्जेंटीना अधिकारियों ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही है। वहीं, 15 और संक्रमित स्टाफ अभी भी बेस पर ही मौजूद हैं, क्योंकि वो वैक्सीनेटेड हैं। आपको बता दें कि, अंटार्कटिका के चरम उत्तर-पश्चिम में स्थिति रिसर्च बेस का निर्माम 1952 में किया गया था और 13 रिसर्च सेंटर में एक रिसर्च सेंटर अर्जेंटीना का है। सर्दियों के महीनों में अर्जेंटीना के स्थायी ठिकानों पर लगभग 200 वैज्ञानिक, सैन्यकर्मी और सहायक होते हैं, यह संख्या गर्मियों में लगभग दोगुनी हो जाती है। ला एस्पेरांजा में प्रकोप 12 जनवरी को शुरू हुआ है, जब बेस कैंप में आये कुछ नये लोग अपने साथ कोविड वायरस को ले लाए।












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