'मैं चाहता हूं कि भारत न्यूजीलैंड से मैच हारे...मैं हिंदुओं को एक सेकेंड के लिए भी खुश नहीं देख सकता'
ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार सीजे वर्लमैन के सांप्रदायिक ट्वीट की आलोचना तो काफी हो रही है, और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने उन्हें करार जवाब दिया है।
नई दिल्ली, जून 16: भारत और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है और पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमी टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का इंतजार कर रहे हैं। क्रिकेट प्रेमी अपनी अपनी पसंदीदा टीम और खिलाड़ियों के आधार पर अपना फेवरेट चुन रहे हैं। भारतीय क्रिकेट प्रेमी जाहिर तौर पर भारत को फाइनल जीतते देखना चाहते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खेल पत्रकार सिर्फ भारत को इसलिए हारते हुए देखना चाहते हैं, क्योंकि भारत की हार से हिंदू दुखी हो जाएगा। यानि, ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार ने क्रिकेट की पीच पर भी सांप्रदायिकता फैलना शुरू कर दिया लेकिन, हद ये है कि ट्विटर ने ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार के सांप्रदायिक और घृणा फैलाने वाला ट्वीट पर कोई एक्शन नहीं लिया। ऑस्ट्रेलिया के इस पत्रकार को बकादा ट्विटर ने ब्लू-टिक भी दे रखा है।

क्रिकेट की पिच पर घृणा
ऑस्ट्रेलिया के इस पत्रकार का नाम है सीजे वर्लमैन और सीजे वर्लमैन ने भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले बेहद निंदनीय बयान दिया है। सीजे वर्लमैन ने एक ट्वीट में लिखा है कि 'मैं चाहता हूं कि आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच न्यूजीलैंड जीते। ऐसा इसलिए, क्योंकि मैं भारत के 50 करोड़ हिंदुओं को एक सेकेंड के लिए भी खुश नहीं देखना चाहता हूं। हिंदुओं के खुश होने पर मैं असहज महसूस करता हूं।' ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार सीजे वर्लमैन के इस निंदनीय ट्वीट के बाद उसकी जमकर आलोचना हो रही है।
वेंकटेश प्रसाद ने दिया करारा जवाब
ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार सीजे वर्लमैन के सांप्रदायिक ट्वीट की आलोचना तो काफी हो रही है, लेकिन पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने उन्हें करार जवाब दिया है। वेंकटेश प्रसाद ने लिखा है कि 'जीते कोई भी, ठीक है। लेकिन इस आदमी की सोच कितनी घटिया और तुच्छ है है। हकीकत ये है कि इस आदमी को एक प्लेटफॉर्म मिला हुआ है, जहां ये लिख सकता है लेकिन इस आदमी की सोच कितनी गंदी है।' आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार सीजे वर्लमैन काफी लंबे अर्से से भारत के खिलाफ अलग अलग अंतर्राष्ट्रीय अखबारों में प्रोपेगेंडा चलाता रहा है और ट्विटर पर यह भारत के हिंदू-मुस्लिम मामलो को लेकर काफी झूठ लिखता रहता है। सीजे वर्लमैन 'द ट्रिब्यून', 'बाइलाइन टाइम्स', और 'इनसाइड अरबिया' जैसे अखबारों के लिए लेख लिखता है, जहां वो हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलना के लिए कुख्यात है।
इस्लामोफोबिया एक्टिविस्ट
सीजे वर्लमैन अपने आपको इस्लामोफोबिया एक्टिविस्ट बताता है और ये कई बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने की मांग कर चुका है। इसके साथ ही सीजे वर्लमैन कश्मीरी पंडितों पर के नरसंहार को एक काल्पनिक कहानी मानता है। हालांकि, क्रिकेट को लेकर किए गये इसके ट्विट को लेकर भारतीय मुसलमानों ने इसकी काफी आलोचना भी की है। आपको बता दें कि भारत-न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच 18 जून से इंग्लैंड के लॉर्ड्स में खेला जाना है।












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