चीनी सेना ने फिर दिखाई दबंगई, LAC के पास भारतीयों को रोका, पहले भी यहां हुई थी हाथापाई
चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह बार-बार भारत के खिलाफ उकसावे की रणनीति को अंजाम देते आ रहा है। एक बार फिर से चीनी सैनिकों ने LAC के पास देमचोक में कुछ भारतीय चरवाहों को रोक दिया।
नई दिल्ली, 29 अगस्तः चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह बार-बार भारत के खिलाफ उकसावे की गतिविधियों को अंजाम देते आ रहा है। एक बार फिर से चीनी सैनिकों ने LAC के पास देमचोक में कुछ भारतीय चरवाहों को रोक दिया। सैनिकों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह उनका क्षेत्र है। ये मामला 21 अगस्त का बताया जा रहा है।
तस्वीर- प्रतीकात्मक
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21 अगस्त की है घटना
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि 21 अगस्त को लद्दाख के डेमचोक में चीनी सेना ने भारतीय चरवाहों को रोका। अधिकारी के अनुसार, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने डेमचोक में सीएनएन जंक्शन पर सैडल पास के समीप चरवाहों की उपस्थिति पर आपत्ति जताई। इस घटना के बाद भारतीय सेना के कमांडरों और चीनी पीएलए के बीच इस मुद्दे को सुलझाने के लिए 26 अगस्त को कुछ बैठकें भी हुईं।

2019 में हुई थी हाथापाई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में भी इस मसले को लेकर दोनों पक्षों में मामूली हाथापाई हुई थी। अधिकारी ने कहा कि चरवाहे क्षेत्र में लगातार आते रहे हैं। लेकिन इस बार जब चरवाहे पशुओं के साथ गए, तो चीनियों ने आपत्ति जताई कि यह उनका क्षेत्र है। एक रक्षा सूत्र ने कहा कि इस घटना के बाद दोनों सेनाओं के बीच कोई आमना-सामना नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक यह स्थानीय स्तर पर कमांडरों के बीच मुद्दे को हल करने और एलएसी पर शांति बनाए रखने के लिए एक नियमित बैठक थी। एलएसी पर ऐसी बैठकें प्रोटोकॉल के तहत होती रहती हैं।

अप्रैल 2020 से स्थिति है नाजुक
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारत और चीन अप्रैल 2020 से इस क्षेत्र में आंख-मिचौली की स्थिति में लगे हुए हैं। सेक्टर के कई क्षेत्र 15 जून, 2020 को गालवान की घटना के बाद "नो पेट्रोलिंग जोन" बन गए हैं। इसके बाद से दोनों देशों के जवान इस क्षेत्र में डटे हुए हैं। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, वहीं भारत ने भी चीन को काफी नुकसान पहुंचाने का दावा किया था।

दोनों पक्षों के बीच 16 दौर की वार्ता हुई
इस झड़प के बाद से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर दोनों देशों ने जवानों की तैनाती में इजाफा किया। दोनों देशों ने करीब 50-50 हजार सैनिक तैनात किए हैं। हालांकि, कई दौर की बातचीत के बाद पिछले साल दोनों देशों ने पैंगोंग और गोगरा से अपनी सेनाओं को वापस ले लिया था। दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन चीन एलएसी पर भारत को उकसाने की कोशिशें कर रहा है। भारत और चीन के बीच अब तक सीनियर कमांडरों की 16 दौर की बैठक हो चुकी है। लेकिन अब तक दोनों पक्ष सफलता हासिल करने में विफल रहे हैं।












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