भारत दौर से पहले बोले चीनी राष्ट्रपति, अपने हितों के लिए पाकिस्तान का समर्थन करते रहेंगे
नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को कहा कि उनकी कश्मीर में स्थिति पर नजर है और वे पाकिस्तान के मूल हितों से संबंधित मुद्दों पर उसका समर्थन करेंगे। यह खबर चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने दी है। आपको बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों चीन के दौरे पर हैं और बुधवार को उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से हुई जिसके बाद ये बयान सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिनपिंग ने ये भी कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे कश्मीर मुद्दे का सही-गलत साफ है। ऐसे में दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण बातचीत से इस मसले को हल निकालना चाहिए।

मोदी और जिनपिंग की बैठक में नहीं उठेगा कश्मीर मसला
आपको बता दें कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11-12 अक्टूबर को भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनकी मुलाकात चेन्नई में होगी। ये उनका अनौपचारिक दौरा होगा। बुधवार को भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक में कश्मीर मुद्दे पर कोई बात नहीं होगी लेकिन अगर चीन के राष्ट्रपति को इस मुद्दे को उठाते हैं तो इस पर चर्चा हो सकती है। गौरतलब है कि कश्मीर पर तनाव उस वक्त बढ़ गया जब अगस्त में भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर को दिए जानेवाला विशेष दर्जा यानि अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बना दिया।

पाकिस्तान आर्मी चीफ और चीन सैन्य नेतृत्व ने कश्मीर मुद्दे पर की है बात
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और चीनी सैन्य नेतृत्व ने मंगलवार को यहां कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की। जनरल बाजवा ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) मुख्यालय में इसके कमांडर आर्मी जनरल हान वीगुओ और केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के उपाध्यक्ष जनरल शू किइलियांग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण और पाकिस्तान-चीन रक्षा सहयोग पर चर्चा की। आईएसपीआर के बयान में बताया गया है कि सीओएएस ने कश्मीर के हालात पर चीनी सैन्य नेतृत्व को अवगत कराया है। इस दौरान इस मुद्दे के सौहार्दपूर्ण समाधान और भारत को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का सम्मान करने के साथ ही कश्मीरियों के मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने से संबंधित चर्चा हुई। दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व ने इस बात पर सहमति जताई कि पाकिस्तान-भारत के तनाव जारी रहने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने की वजह भारत ने बता दी है चीन को
लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के सवाल पर भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि इसके पीछे की वजह भारत सरकार ने उन्हें बता दी है। वहां के आम लोगों की ऐसी ही इच्छा थी। हमारा मानना है कि हम एक निश्चित सीमा क्षेत्र में दावा करते हैं। LAC के संबंध में चीन की अपनी धारणा है. केंद्रशासित प्रदेश को लेकर कोई भी विचार नहीं बदले हैं, यह 31 अक्टूबर से प्रभावी होगा।












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