आंदोलन से डरा चीन, इस प्रोजेक्ट के लिए की इमरान से बात
अगले महीने दो नवंबर को पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के मुखिया इमरान खान ने धमकी दी है कि इस्लामाबाद पर कब्जा किया जाएगा।
इस्लामाबाद। अगले महीने दो नवंबर को पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के मुखिया इमरान खान ने धमकी दी है कि इस्लामाबाद पर कब्जा किया जाएगा। इमरान की इस धमकी के बाद चीनी अधिकारी डर गए हैं। उनके डर की वजह इमरान की पार्टी PTI की ओर से जारी किया गया वीडियो है।

जिसके बाद पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने इमरान मंगलवार देर रात मुलाकात की। चीन की चिंता का मुख्य विषय चीन पाकिस्तान, इकॉनमिक कॉरिडोर ( सिपेक )है। राजदूत को इमरान की ओर से यह आश्वासन मिला कि पीटीआई के 2 नवंबर को होने वाले 'इस्लामाबाद पर कब्जा' करने वाला प्रदर्शन करीब 51 बिलियन डॉलर की सिपेक को कोई नुकसान नहीं है।
बुधवार दिन में भी इमरान खान ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि उन्हें इस परियोजना से कोई दिक्कत नहीं है। न ही इस प्रदर्शन के दौरान उसे निशाना बनाया जाएगा।
बता दें कि पीटीआई की योजना है कि 2 नवंबर को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को पूरी तरह से बंद किया जाए। पीटीआई ने पाक के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर आरोप लगाया है कि पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद भी उन्होंने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली।
सूत्रों ने जानकारी दी कि चीनी राजदूत सन विडॉन्ग ने इमरान से मिलने का आग्रह किया। इस दौरान दोनों में सिपेक के मुद्दे को लेकर बात हुई।
गौरतलब है कि सिपेक के प्रोजेक्ट्स पर लगातार हो रहे हमलों के कारण करीब 7,000 काम करने वाले चीनी कारीगरों की सुरक्षा के लिए 15,000 पाकिस्तानी सैनिक लगाए गए हैं। चीन का यह प्रोजेक्ट बलूचिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर होते हुए जाएगा।
इससे पहले पाक के ही एक सीनेटर ताहिर मशादी ने सिपेक पर उंगली उठाते हुए कहा था कि - एक और ईस्ट इंडिया बनने वाला है... देश के हितों की रक्षा नहीं हो रही है। जब कमेटी के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि सरकार पाकिस्तान के नागरिकों के हितों और अधिकारों की रक्षा नहीं कर रही है तो मशादी ने कहा कि हमें चीन और पाकिस्तान की दोस्ती पर गर्व है, लेकिन देश का हित सबसे पहले आता है।












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