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भारत-चीन: तिब्‍बत में रूस की मदद से बॉर्डर के पास उड़ान भर रहे चीनी फाइटर जेट्स और बॉम्‍बर्स

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    बीजिंग। भारत और चीन के बीच संबंध डोकलाम विवाद के बाद से ऐसे बिगड़े हैं कि संभलने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब इन संबंधों से जुड़ी नई खबर आ रही है और वह है भारतीय सीमा के नजदीक चीनी फाइटर जेट्स का उड़ान भरना। चीन ने अपने वेस्‍टर्न बॉर्डर में फाइटर जेट्स तैनात कर दिए हैं। एक मिलिट्री ड्रिल के तहत ये जेट्स लगातार भारतीय सीमा के नजदीक तिब्बत के नजदीक उड़ान भर रहे हैं। चीन ने अपने फाइटर जेट्स में नए इंजन फिट किए हैं और इन्‍हीं इंजन का टेस्‍ट करने के लिए पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी एयरफोर्स (पीएलएएफ)के फाइटर जेटृस लगातार बॉर्डर पर उड़ान भर रहे हैं।

    यह भी पढ़ें-चीन के करीब हुई IAF के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-17 की लैंडिंग

    मिलिट्री ड्रिल के बहाने दबाव बनाने की कोशिश

    मिलिट्री ड्रिल के बहाने दबाव बनाने की कोशिश

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ऊंचाई वाली बर्फ से ढंकी पहाड़‍ियों पर जियान जेएच-7 फाइटर बॉम्‍बर्स, चेंगदू जे-10 मल्‍टी रोल फाइटर जेट और जे-11 एयर सुपीरियॉरिटी फाइटर जेट्स लगातार उड़ान भर रहे हैं। यह सभी जेट्स दरअसल साउथ वेस्‍टर्न चीन में हो रही एक मिलिट्री ड्रिल का हिस्‍सा हैं। पीएलएएफ की ओर से इन फाइटर जेट्स से जुड़ा एक वीडियो भी सोमवार को जारी किया गया है। इन जेट्स की मौजूदगी के बाद चीनी मिलिट्री ने विशेषज्ञों को यह अनुमान लगाने का मौका दिया है कि भारत के साथ सटे बॉर्डर पर चीन अपनी मिलिट्री की मौजूदगी में इजाफा कर रहर है। साथ ही चीन ने उन सभी तकनीकी खामियों को भी दूर कर लिया है जो उसकी एयरफोर्स को पहाड़ों में लड़ाई के लिए और प्रभावी बनाने से रोक रही थीं।

    चीनी फाइटर जेट्स में रूस के इंजन

    चीनी फाइटर जेट्स में रूस के इंजन

    पीएलएएफ की ओर से जारी वीडियो में इसके थियेटर कमांड के मुखिया की ओर से कहा गया है कि इन जेट्स ने न सिर्फ दुश्‍मन के तौर पर अपना टारगेट को सही तरीके से हिट किया बल्कि जेट्स ने सही और प्रभावी कॉम्‍बेट क्षमता को भी हासिल करने पर ध्‍यान लगाया। चीनी विशेषज्ञ सोंग झॉन्‍गपिंग ने कहा साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट को बताया है कि इस वीडियो से यह पता लगता है कि चीन के फाइटर जेट्स में जो इंजन लगाए गए हैं वह बेहतर क्‍वालिटी के हैं और किसी भी जटिल भौगोलिक परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। साथ ही यह इस बात की जानकारी भी मिलती है कि चीन ने देश के पश्चिम में उच्‍च क्षमता से लैस एक एयरविंग तैयार कर ली है।

    अब आसानी से उड़ान भरेंगे चीनी जेट्स

    अब आसानी से उड़ान भरेंगे चीनी जेट्स

    चीन के इन फाइटर जेट्स में रूस के इंजन लगे हैं। इन इंजनों की मदद से ही चीन ने अपने फाइटर जेट्स में मौजूद सभी कमियों को दूर कर लिया है। ऊंचाई वाली जगहों पर जो परेशानियां फाइटर जेट्स को आ रही थीं, अब उनका सामना चीन को नहीं करना पड़ेगा। साल 2015 में चीन के जे-10 फाइटर एयरक्राफ्ट ने जब 3,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरी थी तो इसका इंजन फेल हो गया था। चीन का जे-10 एक तीसरी पीढ़ी का फाइटर जेट है और इसे रूस के एएल-31एफ एयरक्राफ्ट इंजन के साथ मॉर्डनाइज किया गया है। इस इंजन के इंस्‍टॉल आने के बाद अब यह जेट आसानी से ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

    डोकलाम विवाद के बाद नई हरकत

    डोकलाम विवाद के बाद नई हरकत

    चीनी विशेषज्ञ ल्‍यूंग कवोक ल्‍यूंग की मानें तो हिमालय की ऊंची पहाड़‍ियों पर चीनी फाइटर जेस की टेक ऑफ, उड़ान भरने और लैंडिंग की क्षमता, इंडियन एयरफोर्स को चीनी एयरफोर्स की तुलना में कम प्रभावी बनाती है। आपको बता दें कि जून 2017 में भारत और चीन की सेनाएं डोकलाम में आमने-सामने थीं। करीब 73 दिन बाद यह विवाद खत्‍म हो सका था। लेकिन इसके बाद भी दोनों देशों ने इस क्षेत्र में अपनी-अपनी सेनाओं को बरकरार रखा है। अमेरिका की मानें तो इस वर्ष सैनिकों की तैनाती में कमी आने की बजाय इसमें इजाफा ही होने वाला है।

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    English summary
    People's Liberation Army Air Force (PLAAF) advanced jets are flying at high altitude near Indian border in Tibet.

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