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ताइवान की राष्‍ट्रपति वेन का दूसरा कार्यकाल शुरू, चीन बोला-कभी बर्दाश्‍त नहीं करेंगे देश की आजादी

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बीजिंग। साइ इंग वेन ने ताइवान की राष्‍ट्रपति के तौर पर अपना दूसरा कार्यकाल शुरू कर दिया है। उन्‍होंने 20 मई से अपने दूसरे कार्यकाल की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इसके साथ ही वेन ने दो टूक कह दिया है कि ताइवान कभी भी चीन के 'वन कंट्री, टू सिस्‍टम' के तहत उसका हिस्‍सा नहीं बनेगा। दूसरी ओर चीन ने भी स्‍पष्‍ट कर दिया है कि वह कभी भी ताइवान की आजादी को बर्दाश्‍त नहीं करेगा। साइ इंग वेन के दूसरे कार्यकाल के साथ ही चीन और ताइवान के रिश्‍तों में और ज्‍यादा कड़वाहट घुल गई है।

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चीन के वन कंट्री, टू सिस्‍टम्‍स का प्रयोग

ऑफिस संभालने के बाद साइ इंग वेन ने कहा कि ताइवान और चीन के रिश्‍ते एतिहासिक चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच चुके हैं। उन्‍होंने कहा, 'दोनों पक्षों को एक ऐसा रास्‍ता तलाशना होगा जिसके तहत दोनों देशों का अस्‍तित्‍व लंबे समय तक बरकरार रहे और किसी भी तरह के मतभेदों से बचा जा सके। साइ इंग वेन और उनकी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी ने जनवरी में हुए राष्‍ट्रपति चुनावों में भारी जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्‍होंने वादा किया था कि वह चीन की हर चुनौती का जवाब देंगी। चीन, ताइवान पर अपना हक जताता है। राष्‍ट्रपति साइ ने कहा, 'मैं शांति और लोकतंत्र जैसे शब्‍दो का प्रयोग करना चाहूंगी। हम चीन की अथॉरिटीज के 'वन कंट्री टू सिस्‍टम्‍स' को नहीं स्‍वीकार करेंगे। हम हमेशा इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।' चीन 'वन कंट्री टू सिस्‍टम्‍स' नीति को अपनाता है। इसके तहत ही हांगकांग को उसने एक स्‍वायत्‍त देश का दर्जा ले लिया और अब यहां पर सन् 1997 से चीन का ही शासन है। ताइवान की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने इसे खारिज कर दिया है।

मिलिट्री प्रयोग से ताइवान पर कब्‍जे का सपना!

चीन हमेशा से कहता आया है कि वह मिलिट्री का प्रयोग करके ताइवान को अपने अधिकार में ले सकता है। 15 जनवरी 2020 को पेशे से टीचर रहीं साइ इंग वेन जब ने दोबारा चुनाव जीता तो उस समय भी उन्‍होंने चीन को स्‍पष्‍ट संदेश दिया। उन्‍होंने कड़ा बयान दिया और कहा, 'हमें उम्‍मीद है कि चीन इस बात को पूरी तरह से समझता है और ताइवान के लोगों ने चुनावों में जो उम्‍मीद दिखाई है, उसे मानेगा।' उन्‍होंने चीन को साफ संदेश दिया था कि वह अपनी वर्तमान नीतियों को फिर से देखे। चीनी राष्‍ट्रपति जिनपिंग ने सपना देखा है कि साल 2049 तक ताइवान, चीन उनके देश की सीमा में आ जाएगा। फिलहाल साइ के रहते उनका यह सपना पूरा होते नहीं दिख रहा है।

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English summary
China warns Taiwan's President Tsai Ing Wen says won't tolerate its freedom.
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