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सीक्रेट लैब में क्वांटम सुपर कम्प्यूटर बनाने में चीनी वैज्ञानिक हुए कामयाब, हैरान करने वाली है स्पीड

चीन के वैज्ञानिकों ने विश्व का सबसे तेज क्वांटम कंप्यूटर्स बनाने में कामयाबी हासिल कर ली है। आम कंम्प्यूटर्स के मुकाबले 10 लाख गुना ज्यादा तेज है रफ्तार।

बीजिंग, नवंबर 01: चीन में वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे तेज सुपर कंप्यूटर का निर्माण किया है, जो इस पृथ्वी पर मौजूद किसी भी कंम्प्यूटर की तुलना में 10 लाख गुना ज्यादा तेज है। पर किसी भी अन्य की तुलना में दस लाख गुना अधिक शक्ति के साथ है। लेकिन, इसके साथ ही दुनिया में फिर से सवाल उठ रहे हैं, कि क्या चीन दुनिया से कोई टेक्नोलॉजिकल साजिश तो नहीं कर रहा है। इस सवाल के उठने के पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है, कि चीन में इस कंम्प्यूटर का निर्माण सबसे सीक्रेट प्रयोगशाला में किया गया है।

विश्व का सबसे तेज कम्प्यूटर

विश्व का सबसे तेज कम्प्यूटर

चीन के नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर के रिसर्चर्स ने दुनिया का पहला 'एक्सफ्लॉप' क्वांटम कंप्यूटर बनाने का दावा किया है। वैज्ञानिकों ने सालों से इस मशीन को दुनिया से छिपाकर रखा था और इसकी खबर किसी को नहीं थी, कि चीन विश्व का सबसे शक्तिशाली कम्प्यूटर का निर्माण कर रहा है। कहते हैं कि इस कंम्प्यूटर की मदद से धरती पर मौजूद सामान्य कंम्प्यूटर्स के मुकाबले 100 ट्रिलियन गुना तेजी से गणना की जा सकती है। कहा जा रहा है कि, इंसानी कल्पना से भी ज्यादा तेज तो ये कंम्प्यूटर है ही, इसके साथ ही ये कंम्प्यूटर वो काम भी कर सकता है, जिसके बारे में इंसान सोच भी नहीं सकता है।

सीक्रेट प्रयोगशाला में निर्माण

सीक्रेट प्रयोगशाला में निर्माण

चीन में इस कंम्प्यूटर का निर्माण तो कर लिया गया था, लेकिन दुनिया की नजरों से इसे पूरी तरह छिपाकर रखा गया था। रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने कहा है कि, ''हमारा अनुमान है कि हम अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रहे हैं और हमारे कंम्प्यूटर जूचोंगझी ने उस काम को सिर्फ 1.2 घंटे में पूरा कर लिया है, जिसे करने में दुनिया में मौजूद आम कम्प्यूटर्स को कम से कम आठ साल से ज्यादा का वक्त लग जाता''। वैज्ञानिकों ने कहा कि, 'वे क्वांटम' कंप्यूटिंग तकनीक की बदौलत ऐसा करने में कामयाब हुए हैं।''

क्वांटम कंप्यूटर क्या हैं?

क्वांटम कंप्यूटर क्या हैं?

पारंपरिक 'बाइनरी' कंप्यूटर, जैसे आपका लैपटॉप या आपका स्मार्टफोन, किसी जानकारी को एक और शून्य में बदल देता है और कंप्यूटर प्रोसेसर एक और शून्य के माध्यम से अपने तरीके से काम करता है। लेकिन एक सीमा से ज्यादा ये कम्प्यूटर्स काम नहीं कर सकते हैं। लेकिन, क्वांटम कंप्यूटर ब्रह्मांड में सबसे छोटे पार्टिकल्स का उपयोग 'क्वांटम स्टेट्स' को प्राप्त करने के लिए करते हैं, और प्रोसेसर भी ठीक उसी समय 'एक और शून्य' के माध्यम से काम करता है, लिहाजा ये कम्प्यूटर काफी तेजी के साथ काम करने में सक्षम हो जाते हैं। अगर इसे सीधे शब्दों में समझें तो...मान लीजिए आप किराने की दुकान पर कुछ सामान लेने के लिए खड़े हैं और दुकानदार बारी बारी से सभी ग्राहकों को सामान दे रहा है। ऐसा आम कम्प्यूटर्स में होता है, लेकिन क्वांटम कम्प्यूटर्स को ऐसे समझिए कि दुकान के आगे जितने ग्राहक हैं, दुकानदार के भी उतने ही हाथ हैं और वो एक ही बार में सभी ग्राहकों को सामान दे देता है। यानि, क्वांटम कम्प्यूटर को आप जितना काम देते हैं, वो सारे काम ये कम्प्यूटर एक ही बार में कर देता है।

कई सालों से बनाने की थी कोशिश

कई सालों से बनाने की थी कोशिश

वैज्ञानिक दशकों से क्वांटम कंप्यूटर बनाने की कोशिश कर रहे थे और चीनी वैज्ञानिकों ने जिस कम्प्यूटर का निर्माण किया है, उस कम्प्यूटर के सबसे करीब गुगल का Sycamore कंप्यूटर है। गुगल के कंप्यूटर ने ऐसी समस्याओं का समाधान किया है, जिसे करने में आम कम्प्यूटर्स को 10 हजार साल लग जाते। गुगल ने अपने क्वांटम कंप्यूटर का उपयोग 'टाइम क्रिस्टल' बनाने के लिए किया, जहां कण बिना किसी ऊर्जा को जलाए दो अवस्थाओं के बीच ट्रांसफर हो सकते हैं। इनका उपयोग ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने के लिए किया जा सकता है। क्वांटम कंप्यूटर एक दिन बड़े पैमाने पर विज्ञान परियोजनाओं, या यहां तक ​​कि सुपर-स्मार्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शक्ति प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जो एक बार में हजारों मनुष्यों को मात दे सकता है।

क्रिप्टोलॉजी के क्षेत्र में करेगा काम

क्रिप्टोलॉजी के क्षेत्र में करेगा काम

क्वांटम कम्प्यूटर बनाने वाले वैज्ञानिक झू को उम्मीद है कि अगले 10 से 15 सालों में क्वांटम कंप्यूटरों का उपयोग क्रिप्टोलॉजी के क्षेत्र में वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए किया जा सकता है, न कि केवल उनकी कंप्यूटिंग क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए, जो कि वर्तमान मॉडलों के मामले में है। जब क्वबिट की संख्या 100 तक पहुंच जाती है, और कंप्यूटिंग सिस्टम की क्षमता 99 प्रतिशत तक पहुंच जाती है, तो यह क्लासिकल कंप्यूटर्स को बौना बना सकता है। उन्होंने कहा कि, जब एक क्वांटम कंप्यूटर को व्यावहारिक उपयोग में लाया जाता है, तो यह मुख्य रूप से एक सर्वर की भूमिका निभाएगा। झू ने कहा कि, उपयोगकर्ता अपनी समस्याओं को क्लाउड पर अपलोड कर सकते हैं और सर्वर को उन पर काम करने दे सकते हैं।

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