चीन के 52 फाइटर जेट से थर्राया ताइवान, जानिए क्या है ड्रैगन का इरादा ?
बीजिंग, 4 अक्टूबर: चीन ने सिर्फ चार दिनों के अंदर सोमवार को एक साथ रिकॉर्ड 52 लड़ाकू विमान ताइवान के डिफेंस जोन में भेजकर अपना खौफनाक इरादा जाहिर कर दिया है। इसके बाद अपने सरकारी मीडिया के जरिए ड्रैगन ने सीधे अमेरिका को भी ललकारने की कोशिश की है। क्योंकि, पिछले चार दिनों में चीन ने लगातार तीसरी बार ऐसी हरकत की है और अबकी बार तो उसने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जबकि, रविवार को ही अमेरिका ने चीन से कहा था कि वह ऐसी हरकतें करना बंद कर दे। दरअसल, शी जिनपिंग की सरकार जिस तरह से ताइवान को आंख दिखाने की कोशिश में है, उससे लगता है कि जल्द ही वह ताइवान का भूगोल मिटाने की साजिश रच चुकी है।

जानिए क्या है ड्रैगन का इरादा ?
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने साफ लिखा है कि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी की यह कार्रवाई तब हुई है, जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने ताइवान द्वीप के पास चीन की सेना की गतिविधियों को भड़काने वाला बताते हुए उसपर चिंता जाहिर की थी। सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका के बयान से बहुत ही गलत और गैरजिम्मेदारी वाला संकेत गया है और चीन 'ताइवान की आजादी' की किसी भी कोशिश को कुचलने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के मुखपत्र ने वहां के सैन्य विश्लेषकों के हवाले से कहा है कि पीएलए की ये ड्रिल अलगाववादियों और उनके विदेशी समर्थकों के लिए बहुत ही सख्त चेतावनी है।

52 लड़ाकू विमानों के बेड़े में क्या था ?
शी जिनपिंग की सरकार की मीडिया के दावे के मुताबिक चीन की सेना ने ताइवान की ओर जो 52 फाइटर जेट भेजे हैं उनमें 34 जे-16 लड़ाकू विमान, दो एसयू-30 फाइटर जेट, दो वाई-8 एंटी-सबमरीन वॉरफेयर एयरक्राफ्ट, दो केजे-500 अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट और 12 एच-6 बमवर्ष शामिल हैं। इस दावे के मुताबिक ताइवान के रक्षा अधिकारियों ने प्रेस रिलीज में माना है कि ये फाइटर जेट ताइवान द्वीप के 'स्व-घोषित' दक्षिण-पश्चिम वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में घुस आए।
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ताइवान को ताकत के दम पर हथियाना चाहता है चीन
उधर ताइपे से आई जानकारी में कहा गया है कि वायु रक्षा पहचान क्षेत्र सिर्फ ताइवान का क्षेत्रीय एयरस्पेस नहीं है, बल्कि इसमें बहुत बड़ा हिस्सा शामिल है, जिसमें चीन का अपना वायु रक्षा पहचान क्षेत्र से भी मिलता है और जिसमें मेनलैंड चीन का भी कुछ क्षेत्र शामिल है। स्व-शासित लोकतांत्रिक ताइवान लगातार चीन के आक्रमण के भय में रहने को मजबूर है, क्योंकि ड्रैगन इसे अपना क्षेत्र मानता है और यह मानकर चलता है कि वह एक दिन ताकत के दम पर इसे हथियाकर रहेगा।

अमेरिका की नसीहत के बाद चीन की खुली चुनौती
पिछले दो वर्षों से चीन ने कई बार ताइवान के डिफेंस जोन का उल्लंघन किया है और उसे बार-बार अगाह करता रहा है कि ताइवान का लड़ाकू बेड़ा अब पुराना पड़ चुका है। पिछले 1 अक्टूबर को ही चीन ने अपना नेशनल डे मनाया है और उस दिन इसी तरह से इस छोटे से द्वीप पर 38 लड़ाकू विमान भेजकर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर चुका है। अगले दिन यानी शनिवार को उसने इसी तरह से 39 लड़ाकू विमानों से ताइवान के आसमान में कोहराम मचाने की कोशिश की थी, जिसकी अमेरिकी ने तीखी आलोचना की थी। लेकिन, सोमवार को तो ड्रैगन ने सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं। रविवार को अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बयान में कहा था, 'हम बीजिंग से ताइवान के खिलाफ सैन्य, राजनयिक और आर्थिक दबाव और जबरदस्ती बंद करने का आग्रह करते हैं।'

इस साल 600 बार से ज्यादा घुसपैठ कर चुका है चीन
2016 में जब से ताइवान में महिला राष्ट्रपति साई इंग-वेन की सरकार आई है, शी जिनपिंग ने उन्हें आंखें दिखाना शुरू कर दिया है। इसकी वजह ये है कि साई ताइवान को लेकर 'एक चीन' के दावे को खारिज करती रही हैं। इसका नतीजा ये हुआ है कि कोरोना महामारी के बावजूद पिछले साल चीन की सेना के लड़ाकू विमानों ने ताइवान के वायु क्षेत्र में 380 बार घुसपैठ किया था और इस साल यह अभी तक ही 600 बार से ज्यादा हो चुका है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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