पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए चीन ने दी 1 अरब डॉलर की आर्थिक मदद
इस्लामाबाद। पटरी से उतरी हुई अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से ट्रैक पर लाने के लिए पाकिस्तान ने एक बार फिर अपने मित्र देश चीन से भारी भरकम लोन उठाया है। चीन ने पाकिस्तान की विदेशी भंडार को बढ़ाने के लिए 1 बिलियन डॉलर का कर्ज देकर मदद की है। पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास दूसरी बार बेलआउट पैकेज के लिए मांग किए जाने की आशंकाओं के बीच वित्त मंत्रालय ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी।

पाकिस्तान ने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए चीन पर अपनी निर्भरता को बढ़ाया है। पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार पिछले साल मई 2016 में 16.4 अरब डॉलर से घटकर पिछले हफ्ते सिर्फ 9.66 अरब डॉलर रह गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ी करने के लिए चीन से 1 से 2 अरब डॉलर की मांग कर रहा है।
यह भी पढ़ें: ग्रे लिस्ट पर नहीं बोला चीन, कहा- पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ बहुत कुछ किया है
चीन से कर्ज लेने के लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, 'हां यह हमारे साथ है'। वहीं, एक और सूत्र ने बताया कि 'यह प्रक्रिया अब खत्म हो चुकी है'। हालांकि, पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने फिलहाल इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। जून में खत्म हो रहे वित्त वर्ष के दौरान चीन की तरफ पर पाकिस्तान पर 5 अरब डॉलर का कर्ज हो गया है।
पाकिस्तान ने अपने पहले वित्तीय वर्ष के 10 माह में चीन से 1.5 अरब डॉलर का लोन लिया था। उसी दौरान पाकिस्तान ने घरेलू बैंकों से भी 2.9 बैंकों से लोन उठाया, जिसमें ज्यादातर चीन से मिला।
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान के इस निर्दलीय उम्मीदवार की संपत्ति 400 अरब, पूरे इंडिया में नहीं कोई इनकी टक्कर का नेता












Click it and Unblock the Notifications