चीन ने ताइवान को 6 दिशाओं से घेरा, जल-थल और आकाश से बमों की बारिश, शुरू हो चुकी है जंग?
ग्लोबल टाइम्स ने संकेतों में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि, इस युद्धाभ्यास में विदेशी वाहनों को भी मार गिराने का युद्धाभ्यास किया गया है, जिनके बारे में आशंका है, कि वो फिलिपीन सागर से हस्तक्षेप करने आ सकते हैं।
बीजिंग, अगस्त 05: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के भोंपू अखबार ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है, कि चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने गुरुवार को बहुत बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास के दूसरे चरण की शुरूआत की है और ताइवान द्वीप को पूरी तरह से लॉक कर दिया गया है। ग्लोबल टाइम्स ने एक नई धमकी में कहा है, कि मंगलवार से युद्धाभ्यास के नये चरण की शुरूआती होगी और उससे पहले लगातार लाइव फायर किया जा रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने एक बार फिर से कहा है, कि यूएस हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने चीन की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करते हुए ताइवान का दौरा किया। चीनी मीडिया ने दावा किया है, कि ये सैन्य अभ्यास बिल्कुल असली युद्ध की तरह ही है और ताइवान को पूरी तरह से चॉक करने की कोशिश की जा रही है।

ताइवान को 6 दिशाओं से घेरा
ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है, कि चीन की सेना ने ताइवान द्वीप को 6 दिशाओं, उत्तर, उत्तर पूर्व, पूर्व, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की तरफ से घेर लिया है और इन सभी तरफ से गुरुवार से रविवार दोपहर तक अभूतपूर्व सैन्य अभ्यास किया जाएगा, जिसमें लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी, एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों सहित एडवाइंस हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही चीन ने अपने स्टील्थ फाइटर जेट्स और परमाणु ऊर्जा से संचालित होने वाले एक पनडुब्बी के साथ साथ एक एयरक्राफ्ट कैरियर भी ताइवान को घेरने के लिए इस्तेमाल कर रहा है और ये सभी सैन्य अभ्यास में शामिल हैं। ग्लोबल टाइम्स ने धमकी देते हुए कहा है, कि इस युद्धाभ्यास को ठीक उसी तरह से अंजाम दिया जा रहा है, जिस तरह से असली लड़ाई होती है और ग्लोबल टाइम्स ने कहा है, कि पीएलए की ये बल प्रदर्शन ना सिर्फ ताइवान पर कब्जा करने की क्षमता है, बल्कि किसी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए भी है।

हर टारगेट को बनाया गया निशाना
ग्लोबल टाइम्स ने अपने सैन्य अभ्यास के बारे में जो रिपोर्ट छापी है, उसके मुताबिक गुरुवार दोपहर 12 बजे ये सैन्य अभ्यास शुरू किया गया था और PLA ईस्टर्न थिएटर कमांड ने एक प्रेस रिलीज में घोषणा की है, कि सेना ने ताइवान जलडमरूमध्य में लगभग 1:00 बजे लंबी दूरी की आर्टिलरी लाइव-फायर शूटिंग अभ्यास किया, जिसमें जलडमरूमध्य का पूर्वी भाग में विशिष्ट लक्ष्यों पर सटीक रूप से निशाना बनाया गया और अपेक्षित परिणाम प्राप्त किया गया। इसके साथ ही चीन के सोशल मीडिया पर इस सैन्य अभ्यास से संबंधित कई वीडियो वायरल हो रहे हैं और ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि, ताइवान द्वीप से सिर्फ 125 किलोमीटर दूर पूर्वी चीन के फ़ुज़ियान प्रांत के पिंगटन से लंबी दूरी के रॉकेट दागे गए हैं। वहीं, चाइना सेंट्रल टेलीविज़न (सीसीटीवी) की आधिकारिक वीडियो रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि पीएलए में अपने लेटेस्ट लंबी दूरी तक मार करने वाले मल्टी रॉकेट सिस्टम, जिसका नाम पीएचएव-191 दिया गया है, उसका भी इस्तेमाल कर रहा है।

पूरे ताइवान पर हमला करने की चेतावनी
चीनी मुख्य भूमि सैन्य विशेषज्ञ और टीवी कमेंटेटर सोंग झोंगपिंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि, इस रॉकेट सिस्टम के मार करने की क्षमता 300 किलोमीटर है, जिसे चीन की मुख्य भूमि से चलाते हुए पूरे ताइवान को कवर किया जा सकता है। सीसीटीवी ने जो एक वीडियो जारी किया है, उसमें दिख रहा है, कि चीन के अभ्यास में प्रदर्शित मिसाइल प्रकारों में से एक DF-15 है, और यह कि मिसाइलें ताइवान द्वीप के उत्तर-पूर्व, पूर्व और दक्षिण में अभ्यास क्षेत्रों में गिरा है। पर्यवेक्षकों ने कहा कि इसका मतलब है कि चीनी मुख्य भूमि से दागी गई मिसाइलों ने ताइवान द्वीप के ऊपर आसमान में उड़ान भरी है। शी ने कहा कि, सभी मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से मारा, उनकी सटीक स्ट्राइक और मार करने की क्षमताओं को साबित किया है, और लाइव-फायर प्रशिक्षण मिशन की सफलता को चिह्नित किया।

विदेशी वाहनों को मारने का अभ्यास
ग्लोबल टाइम्स ने संकेतों में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि, इस युद्धाभ्यास में विदेशी वाहनों को भी मार गिराने का युद्धाभ्यास किया गया है, जिनके बारे में आशंका है, कि वो फिलिपीन सागर से हस्तक्षेप करने आ सकते हैं। ग्लोबल टाइम्स ने अपने विश्लेषकों के हवाले से धमकी देते हुए कहा है कि, ये मिसाइलें काफी ज्यादा शक्तिशाली हैं और ये ताइवान के अंदर भी टारगेट को निशाना बनाने में सक्षम हैं। विश्लेषकों ने यह भी कहा कि, DF-21, DF-26 और हाइपरसोनिक DF-17 सहित कई PLA पारंपरिक मिसाइलें समुद्र में मदद पहुंचाने वाले लक्ष्यों को भेद सकती हैं। ग्लोबल टाइम्स ने कहा है, कि सेना और रॉकेट फोर्स के अलावा, नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त सैन्य अभियान भी चलाया, जिसमें 10 से अधिक डिस्ट्ऱॉयर और फ्रिगेट ज्वाइंट ब्लॉकेड, अलर्ट पेट्रोल टीम, और सौ से ज्यादा युद्धक विमान शामिल थे। इस सैन्य अभ्यास में लड़ाकू जेट और बमवर्षक विमान भी शामिल थे। वहीं, रिपोर्ट में बताया गया है, कि J-20 स्टील्थ फाइटर जेट और YU-20 एरियल टैंकर को भी युद्धाभ्यास में देखा गया है।

युद्ध की तैयारी या युद्ध शुरू?
पीएलए की नौसेना अनुसंधान अकादमी के एक वरिष्ठ शोध साथी झांग जुंशे ने ग्लोबल टाइम्स से बात करते हुए दावा किया, कि इस सैन्य अभ्यास में पीएलए का पहला एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप डेटरेंट फोर्स भी शामिल है, जिसने एक समुद्री बहुआयामी युद्ध प्रणाली स्थापित की है। उन्होंने कहा कि, "आम तौर पर, एक परमाणु संचालित पनडुब्बी अपने मिशन में एक विमान वाहक समूह के साथ जाएगी।" विशेषज्ञ ने ग्लोबल टाइम्स को पुष्टि करते हुए कहा कि, कम से कम एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी को तैनात किया गया है। झांग ने कहा कि, यह सैन्य अभ्यास पीएलए पूर्वी थियेटर कमान द्वारा आयोजित किया जाता है, जबकि अन्य थिएटर कमांड के बलों ने भी अभ्यास में भाग लिया है और यह पीएलए के विभिन्न थिएटर कमांडों के बीच उच्च अंतःक्रियाशीलता को दर्शाता है। पीएलए नौसेना दो एयरक्राफ्ट कैरियर, लिओनिंग और शेडोंग संचालित करती है। हालांकि, झांग ने पुष्टि नहीं की कि कौन सा एयरक्राफ्ट कैरियर अभ्यास में भाग ले रहा है, या यदि दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर ने एक साथ आकर डबल कैरियर ग्रुप बनाया है।

अमेरिका को युद्ध की चेतावनी
चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल टैन केफेई ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि, नैन्सी पेलोसी का मंगलवार को ताइवान का दौरा द्वीप पर "ताइवान स्वतंत्रता" बलों का समर्थन नहीं करने के अमेरिका के वादे के खिलाफ है और पीएलए इसे गंभीरता से लेता है। टैन ने कहा कि, पीएलए ईस्टर्न थिएटर कमांड का ताइवान द्वीप के आसपास संयुक्त अभ्यास, जिसमें लाइव-फायर निर्देशित सटीक हथियार शामिल हैं, उसका उद्देश्य अमेरिका और द्वीप के बीच मिलीभगत को रोकना है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि, कोई भी मिलीभगत केवल ताइवान द्वीप को ही आपदा के रसातल में नहीं धकेल देगी, बल्कि द्वीप पर हमवतन लोगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाना।

हर तरफ से ताइवान को घेरने की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अभी ताइवान को हर तरफ से घेरने की कोशिश कर रहा है और चीन का सैन्य अभ्यास ताइवान के काफी करीब हो रहा है। चीन का ये सैन्य अभ्यास ताइवान के उत्तर-पश्चिम में ताइवान जलडमरूमध्य के सबसे संकरे हिस्से पिंगटन के आसपास हो रही है। इस क्षेत्र में ड्रिल जलडमरूमध्य के उत्तरी चैनल को ब्लॉक कर सकती है और ताइवान के उत्तर में दो अन्य अभ्यास कीलंग पोर्ट को ब्लॉक कर सकते हैं। वहं, इस सैन्य अभ्यास में ताइवान के पूर्व में ड्रिल हुलिएन और ताइतुंग में सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकती है। वहीं, ताइवान के दक्षिण-पूर्व में ड्रिल से बाशी चैनल को प्रभावी रूप से खतरा हो सकता है। वहीं, चीनी विशेषज्ञ जांग ने कहा कि, ताइवान के दक्षिण-पश्चिम में आखिरी काऊशुंग और ज़ुओइंग के बहुत करीब भी सैन्य अभ्यास हो रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि, पीएलए के ऑपरेशन ने साबित कर दिया है, कि ये ताइवान को हर तरफ से पूरी तरह से ब्लॉक कर सकती है।












Click it and Unblock the Notifications