J35-A स्टील्थ जेट, HQ-19 एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल, चीन ने सबसे बड़े एयर शो में दिखाई ताकत, भारत कितना तैयार?
China Defence News: चीन ने पिछले हफ्ते देश के सबसे बड़े एयर शो में अत्याधुनिक हथियारों के साथ अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है और दिखाया है, कि उसने अपनी ताकत को किस हद तक बढ़ा लिया है, और चीन का ये एयरशो, भारत और अमेरिका के लिए एक संदेश की तरह हो सकता है।
चीन के दक्षिणी शहर झुहाई में होने वाला यह द्विवार्षिक कार्यक्रम, उभरती हुई कम्युनिस्ट नियंत्रित महाशक्ति की मिलिट्री और टेक्नोलॉजिकल ताकत की एक दुर्लभ सार्वजनिक झलक बन गया है। इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स भी चीन के इन विनाशक हथियारों का विश्लेषण कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना है, कि कई नए चीनी हथियार संयुक्त राज्य अमेरिका की बराबरी करने के लिए विकसित किए गए हैं, क्योंकि सत्तावादी बीजिंग अपने सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने और एशिया में अपनी बढ़ती सैन्य उपस्थिति का दावा करने पर जोर दे रहा है।
एयर शो में चीन का शक्ति प्रदर्शन
इस साल के आयोजन में पांचवी पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान और मिसाइलों सहित कई नई हथियार प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया है। इसमें पहली बार ड्रोन के लिए एक समर्पित क्षेत्र भी शामिल किया गया, जो युद्ध के मैदानों पर उनकी बढ़ती महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत है, जिसमें यूक्रेन युद्ध से लिए गये सबक शामिल हैं, ताकि ताइवान पर अगर वो हमला करता है, तो रूस ने यूक्रेन में जो गलतियां की हैं, उन गलतियों से वो बच सके।
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, छह दिवसीय प्रदर्शनी में लगभग 600,000 विजिटर्स आए थे और 280 बिलियन युआन (39 बिलियन डॉलर) से ज्यादा के वैश्विक ऑर्डर मिले हैं। इसके साथ ही, रूस के पूर्व रक्षा प्रमुख ने भी यहां रुककर प्रदर्शन देखा है।
आइये जानते हैं, कि शो में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखी गई कुछ सबसे महत्वपूर्ण विनाशक हथियार कौन कौन से हैं?
J35-A stealth fighter
चीन के बहुप्रतीक्षित नए स्टील्थ फाइटर जेट J-35A को बनाने में एक दशक से भी ज्यादा समय लगा है, जिसे व्यापक रूप से बीजिंग ने संयुक्त राज्य अमेरिका की स्टील्थ फाइटर क्षमताओं से बराबरी करने के लिए बनाया है। J-35A, चीन का दूसरा स्टील्थ फाइटर है, इससे पहले J-20 को 2017 में सर्विस में शामिल किया गया था। इसके चालू होने से चीन, अमेरिका के बाद दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसके पास दो तरह के स्टील्थ फाइटर जेट हैं।

कुछ ऑब्जर्वर्स ने J-35A और अमेरिका के F-35 के बीच दिखने में समानता देखी है। हालांकि अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान में एक टर्बोफैन इंजन है, जबकि J-35A दो इंजनों से लैस है। चीनी सैन्य एक्सपर्ट्स और PLA वायु सेना में पूर्व शोधकर्ता सोंग शिनझी ने सरकारी प्रसारक CCTV को बताया, कि इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 30 टन के करीब होने की संभावना है, और उन्होंने इसे चीन के मध्यम आकार के स्टील्थ फाइटर्स की नई पीढ़ी के लिए एक "सफलता" बताया।
HQ-19 anti-ballistic missile system
एक्सपर्ट्स, चीन की नई पीढ़ी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली HQ-19 की तुलना अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एयर डिफेंस (THAAD) प्रणाली से कर रहे हैं। 8x8 हाई-मोबिलिटी वाहन पर स्थापित, HQ-19 छह इंटरसेप्टर मिसाइलों को ले जाता है और एक "कोल्ड लॉन्च" तंत्र का उपयोग करता है जो लॉन्चर पर तनाव को कम करता है और इसे इंटरसेप्टर को तेजी से फिर से तैनात करने के काबिल बनाता है।
हालांकि, चीन ने सिस्टम की तकनीकी बारीकियों का खुलासा नहीं किया है, और यह स्पष्ट नहीं है कि यह THAAD की ऑपरेशनल सीमा या हिट स्पीड से मेल खा सकता है या नहीं। 2020 में चीन की सेना पर अमेरिकी रक्षा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है, कि HQ-19 इंटरसेप्टर ने 3,000 किलोमीटर की दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ अपनी क्षमता को सत्यापित करने के लिए टेस्ट किए हैं। चीनी सैन्य विशेषज्ञों का कहना है, कि इसे वायुमंडल के बाहर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का काम सौंपा गया है, जो HQ-9 जैसे पिछले मॉडलों की अवरोधन सीमा को काफी हद तक बढ़ाता है।
ड्रोन मदरशिप 'जेटैंक' (Drone mothership 'Jetank')
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, जेटैंक एक विशाल मदरशिप ड्रोन है, जो छह टन तक का पेलोड ले जा सकता है। इसके पंखों का फैलाव 25 मीटर है और अधिकतम टेकऑफ वजन 16 टन है, जो इसे चीन के शस्त्रागार में सबसे बड़े हथियारों में से एक बनाता है।
जेट-संचालित हमला और टोही मानव रहित हवाई वाहन (UAV) में मिसाइलों और बमों को ले जाने के लिए आठ बाहरी हार्डपॉइंट हैं, साथ ही एक जल्दी से बदलने योग्य मिशन मॉड्यूल है, जो विभिन्न प्रकार के छोटे ड्रोन ले जा सकता है। चीनी सैन्य विशेषज्ञ डू वेनलोंग ने दावा किया है, कि "यह एक विमानवाहक पोत के कंसेप्ट को समुद्र से हवा में ले जाता है, जिससे कई ड्रोन को हवा में लॉन्च करके युद्ध के मैदान में तैनात किया जा सकता है।" उन्होंने इसे "एक महत्वपूर्ण इनोवेशन" बताया है।
स्टील्थ ड्रोन जहाज 'ओर्का' (Stealth drone ship 'Orca')
"ओर्का" के नाम से जाना जाने वाला JARI-USV-A एक हाई स्पीड वाला स्टील्थ मानवरहित सतही लड़ाकू पोत है।
500 टन वजनी इस पोत को रडार के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी बनाया गया है और इसमें एक अनूठी ट्रिमरन स्ट्रक्चर है जो इसे कठोर समुद्री हालातों में स्थिरता प्रदान करती है।
चीनी सेना की आधिकारिक अंग्रेजी भाषा की समाचार वेबसाइट चाइना मिलिट्री ऑनलाइन के अनुसार, 58 मीटर लंबाई, 23 मीटर चौड़ाई और 4 मीटर गहराई वाला "ओर्का" 4,000 समुद्री मील की सीमा के साथ 40 नॉट तक की गति से ऑपरेट हो सकता है, जिससे बिना आपूर्ति के लंबे मिशनों को अंजाम दिया जा सकता है।
चीन मिलिट्री ऑनलाइन ने मंगलवार को एक लेख में दावा किया है, कि "एक ऑटोनॉमस लड़ाकू पोत के रूप में, यह समुद्र पर एक मोबाइल किले की तरह है, जो दृश्य सीमा से परे फायर स्ट्राइक, वायु और मिसाइल रक्षा, और पनडुब्बी रोधी खोज और हमले जैसे कार्यों को करने में सक्षम है।" इसमें कहा गया है, "ऐसे प्लेटफॉर्म नियमित रूप से कम से मध्यम तीव्रता के गैर-सैन्य और सैन्य अभियान चला सकते हैं, जैसे कि रणनीतिक प्वाइंट्स, बंदरगाहों, द्वीपों और चट्टानों और प्रमुख जलमार्गों के आसपास गश्त और रखवाली करना।"
PL-15E Air-To-Air Missile
चीन ने अपनी पीएल-15 लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल का नया वेरिएंट भी पेश किया है। यह फोल्डिंग टेलफिन के साथ आता है, एक ऐसा डिजाइन जो देश के स्टील्थ फाइटर जेट को फिट करने के लिए ज्यादा कॉम्पैक्ट स्टोवेज की अनुमति देता है।
एयरशो में, पीएल-15ई को जे35-ए स्टील फाइटर जेट के मॉडल के बगल में प्रदर्शित किया गया था।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के अनुसार, पीएल-15 चीन की सबसे शक्तिशाली हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों में से एक है, जिसकी रेंज लगभग 200 किलोमीटर है और इसकी अधिकतम गति, ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा है। इसकी तुलना अक्सर अमेरिका की एआईएम-120 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल से की जाती है।












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