देखिए तस्वीरें कैसे साउथ चाइना सी पर मिसाइल तैनात करने को तैयार है चीन
चीन ने साउथ चाइना सी पर जमीन से हवा तक मार कर सकने वाली मिसाइल (सैम) की तैनाती के लिए तैयार किया ढांचा। सामने आईं तस्वीरें और पिछले कई वर्षों से इस पर चल रहा है काम।
बीजिंग। साउथ चाइना सी की कुछ नई तस्वीरें सैटेलाइट से आई हैं और यह तस्वीरें अमेरिका के लिए एक बुरा सपना साबित हो सकती हैं। इन तस्वीरों से साफ है कि चीन ने स्प्राटली द्वीप पर जमीन से हवा तक मार करने वाली मिसाइलों (सैम) की तैनाती के लिए ढांचा तैयार कर लिया है।
मिसाइल तक नहीं आएगी नजर
पिछले कई वर्षों से चीन साउथ चाइना सी पर निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं और यहां पर उसने कई कई कृत्रिम द्वीपों को तैयार कर डाला है। सिर्फ इतना ही नहीं यहां पर उसने कई रडार और मिसाइल भी तैनात कर लिए हैं। जो नया घटनाक्रम सामने आया है उससे साफ है कि चीन पिछले कई वर्षों से इस काम पर खासा ध्यान दे रहा था और यह अमेरिका को जवाब देने के मकसद से उठाया गया कदम नहीं लगता है। एशिया मैरिटाइम ट्रांसपेरेंसी इनीशिएटिव (एएमटीआई)और सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) की ओर से यह बात कही गई है। चीन ने पहले भी कई हथियार सिस्टम को यहां पर तैनात किया है जो किसी जहाज पर थे और जिन्हें दुश्मन की मिसाइल से रक्षा के मकसद से तैनात किया गया था। सीएसआईएस के डायरेक्टर बोनी ग्लासर की ओर से कहा गया है कि इस बार जो कुछ भी सामने आया है वह पहले से अलग है। जो तस्वीरें सामने आई हैं उससे साफ है कि चीन लॉन्चर्स को छिपा सकता है और छोटे हथियारों से चीन पूरी तरह से सुरक्षित है।

सुबी रीफ
जुलाई 24 जुलाई 2016 तक यहां पर आठ बिल्डिंग्स सुबी रीफ, फियरी क्रॉस और मिशचिफ रीफ पर। षटकोण के आकार के ढांचे को पिछले वर्ष एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-मिसाइल सिस्टम के तौर पर पहचाना गया। लेकिन सात फरवरी 2017 तक इस सुबी रीफ पर एक बिल्डिंग और टॉवर को भी तैयार कर लिया गया है। एएमटीआई के मुताबिक नए ढांचें तो बड़े से त्रिभुज की तरह वे शायद लॉन्चर्स को छिपाने के लिए हैं और छोटे हथियारों का हमला झेलने के लिए तैयार हैं।

फियरी क्रॉस
आठ जनवरी 2016 तक फियरी क्रॉस द्वीप का एक किनारा बिल्कुल मिट्टी की तरह दिखता था। नवंबर 2016 तक यह जगह कई तरह के ढांचों से पूरी तरह से ढंक गई। सात फरवरी 2017 तक यहां पर तीन बड़ी बिल्डिंग्स नजर आने लगीं।

22 मीटर तक का ढांचा
एएमटीआई का कहना है कि हर ढांचा 22 मीटर बाइ 11 मीटर है यानी इतना लंबा है कि यह किसी भी ऐसे व्हीकल को छिपा सकता है जो मिसाइल लेकर आ रहे हैं जैसे चीन का एचक्यू-8 सैम सिस्टम जो पहले ही वुडी द्वीप पर तैनात है।

कई निर्माण कार्य ओबामा के समय
विशेषज्ञों के मुताबिक यहां पर कई चीजें ऐसी हैं जो ओबामा प्रशासन के समय पर पूरी हुई है और जिनकी मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए थी। इनमें से एक बिल्डिंग काफी बड़ी है और उसे आप साउथ चाइना सी के बीच में मिलिट्री कॉप्लेंक्स कह सकत हैं। चीन ने जिस द्वीप पर अपना कब्जा किया हुआ है वहां से हर वर्ष पांच ट्रिलियन का व्यापार होता है।

पहले भी आई थी ऐसी रिपोर्ट्स
दिसंबर में भी एएमटीआई की एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था चीन इस हिस्से पर काफी तेजी से अपनी सेनाओं की मौजूदगी को बढ़ा रहा है। एमटीआई वाशिंगटन में स्थित सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज का हिस्सा है। चीन ने कहा था कि उसका मकसद साउथ चाइना सी का सैन्यकरण करने का नहीं है लेकिन सैटेलाइट तस्वीरें कुछ और ही बात कह रही हैं।

तैयार कर डाले सात द्वीप
इस थिंक टैंक की ओर से कहा गया है कि चीन ने पिछले कुछ वर्षों में सात छोटे-छोटे द्वीप तैयार कर डाले हैं। यह द्वीप वहां पर तैयार किए गए हैं जहां पर जमीन में कुछ उभार है और जहां पर चट्टानें मौजूद हैं। ये द्वीप हैं- सूबी रीफ, गेवेन रीफ, फियरी क्रॉस रीफ, क्यूआरटेऑन रीफ, हजेस रीफ, जॉनसन रीफ और मिशचिफ रीफ।












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