ब्रिटेन में मौलाना अंजेम चौधरी पर आतंकवादी संगठन से रिश्ते का आरोप, हिंदुओं के खिलाफ उगलता है जहर
ब्रिटिश-पाकिस्तानी कट्टरपंथी इस्लामवादी उपदेशक अंजेम चौधरी, जिसे पिछले सप्ताह ब्रिटिश पुलिस ने आतंकियों संग रिश्ते रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था, उसपर आतंकवाद से जुड़े तीन अपराधों का आरोप लगाया गया है। अंजेम चौधरी को आज लंदन की अदालत में पेश किया जाएगा।
56 वर्षीय अंजेम चौधरी पर रविवार को मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने एक प्रतिबंधित संगठन की सदस्यता लेने, प्रतिबंधित संगठन के लिए समर्थन जुटाने और आतंकवाद अधिनियम 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत एक आतंकवादी संगठन को निर्देश देने का आरोप लगाया है।

इसके साथ ही एक 28 वर्षीय कनाडाई नागरिक खालिद हुसैन को भी एक प्रतिबंधित संगठन की सदस्यता के आरोप में संबंधित आतंकवाद विरोधी जांच में गिरफ्तार किया गया है। लंबी पूछताछ के बाद, दोनों व्यक्तियों को सोमवार को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होने के लिए हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पहले बीते सोमवार को लंदन पुलिस ने पूर्वी लंदन में अंजेम चौधरी के घर पर धावा बोलकर उसे गिरफ्तार किया था। आपको बता दें कि अंजेम चौधरी को ब्रिटेन का जाकिर नाइक कहा जाता है। वह ब्रिटेन में खलीफा शासन लागू करना चाहता है।
मौलवी अंजेम अक्सर ब्रिटेन में रह रहे हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलता रहता है। ब्रिटेन में जन्मा अंजेम चौधरी विभिन्न कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े रहा है, जिनमें अब प्रतिबंधित इस्लामी समूह अल मुहाजिरौन भी शामिल है। अंजेम मुस्लिमों का पक्ष रखने के लिए कई सालों से टीवी चैनलों पर आता रहा है।
कई बार वह डिबेट में आतंकी हमले तक को जायज करार दे चुका है। इतना ही नहीं, वह ब्रिटेन में फ्री स्पीच का फायदा उठाकर ब्रिटिश पुलिस को नालायक तक कह चुका है। अंजेम अल-मुजाहिरोन जैसे संगठन का मुखिया रह चुका है जिसे अल-कायदा से प्रभावित संगठन बताया जाता है।
अंजेम चौधरी पेशे से वकील रहा है और वह कई वर्षों से ब्रिटेन का सबसे प्रभावी मुस्लिम चरमपंथी रहा है। अंजेम को आईएसएस के लिए समर्थन जुटाने पर साल 2016 में साढ़े 5 साल के लिए जेल में डाल दिया गया था। हालांकि 2018 में उसे लंदन की उच्च सुरक्षा वाली बेलमार्श जेल से रिहा कर दिया गया था।
अंजेम चौधरी पर ब्रिटेन में सार्वजनिक जगहों पर भाषण देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके अलावा उसपर मोबाइल तथा इंटरनेट इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया था। हालांकि कुछ समय पहले उस पर ये सारे लगे प्रतिबंध खत्म कर दिए गए थे।
लेकिन इन प्रतिबंधों के हटने के बाद एक बार फिर से वह आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो गया। मुस्लिम युवाओं को हिंसा के लिए उकसाता था। ब्रिटेन के लिसेस्टर इलाके में बीते साल जमकर हिंसा हुई थी जिसमें अंजेम चौधरी की भूमिका सामने आई थी।












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