भारत में JCB पर क्यों बैठे पीएम बोरिस जॉनसन? ब्रिटेन की मुस्लिम सांसद नादिया ने संसद में उठाए सवाल
ब्रिटेन सरकार की तरफ से ब्रिटिश संसद को बताया गया कि, "हम दोनों देशों को अपने भागीदारों के साथ गहरे, परिपक्व और व्यापक संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। और ये भारत का अपना मामला है'।
लंदन, अप्रैल 30: पिछले दिनों भारत दौरे पर आए ब्रिटिश प्रधानमत्री बोरिस जॉनसन का गुजरात दौरे के दौरान जेसीबी मशीन पर बैठना अब ब्रिटेन में राजनीतिक मुद्दा बन गया है और ब्रिटेन में विपक्षी दलों ने संसद में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की निंदा की है और उनके ब्रिटिश स्वामित्व वाले बुलडोजर कारखाने का दौरा करने के फैसले पर सवाल उठाया है।
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बोरिस जॉनसन पर बरसी विपक्ष
भारतीय मूल की ब्रिटिश सांसद नादिया व्हिटोम सहित लेबर पार्टी के कई सांसदों ने बोरिस जॉनसन के जेसीबी पर बैठने पर सवाल उठाया है। ब्रिटेन विपक्षी सांसदों का कहना है कि, हाल ही में उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपूरी में सांप्रदायिक झड़पों में संपत्तियों का विवादास्पद विध्वंस जेसीबी से किया गया, उसके बावजूद गुजरात के हलोल में जेसीबी कारखाने में ब्रिटिश प्रधानमंत्री गये और वो जेसीबी पर बैठ भी गये। बोरिस जॉनसन के जेबीसी फैक्ट्री के दौरा ने भारत में सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी। वहीं, राजधानी दिल्ली में दिल्ली नगर निगम के "अतिक्रमण विरोधी" अभियान में जेसीबी उपकरण के उपयोग किया गया था, जिससे राजनीतिक मुद्दा काफी गरमाया रहा और लोग लगातार सोशल मीडिया पर बोरिस जॉनसन की तस्वीरें डाल रहे थे।
ब्रिटिश संसद में पूछे गये सवाल
स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) के संसद सदस्य इयान ब्लैकफोर्ड द्वारा मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में एक 'तत्काल प्रश्न' के दौरान विपक्ष ने पूछा, कि "वह (प्रधानमंत्री) कहाँ है?" विपक्ष ने कहा कि, "प्रधानमंत्री की भारत यात्रा" विषय पर सवालों के जवाब देने के लिए एक जूनियर मंत्री को आगे कर दिया गया है।

सरकार ने क्या कहा?
राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) में राज्य के अवर सचिव विक्की फोर्ड ने सरकार की तरफ से बोरिस जॉनसन के भारत दौरे को लेकर जानकारी दी, जिसमें उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की भारत यात्रा यूके-भारत के व्यापारिक संबंधों को "सुपरचार्ज" करेगी और ब्रिटेन के लिए मानवाधिकारों का मुद्दा भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, फोर्ड ने कहा कि, हम मानवाधिकारों के बहिष्कार पर व्यापार की तरफ नहीं भागते हैं।

भारत की साझेदारी काफी महत्वपूर्ण
ब्रिटेन सरकार की तरफ से ब्रिटिश संसद को बताया गया कि, "हम दोनों देशों को अपने भागीदारों के साथ गहरे, परिपक्व और व्यापक संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। भारत के साथ साझेदारी हमारे दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि, "अगर हमें कोई चिंता होती है, तो हम उन्हें सीधे भारत सरकार के साथ उठाते हैं। उप उच्चायोगों का हमारा नेटवर्क रिपोर्टों का बारीकी से पालन करना जारी रखेगा, साथ ही हम यह भी मानते हैं, कि ये भारत का अपना मामला है'।












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