ब्रिटिश अखबार The Economist ने PM मोदी को बताया दुनिया का सबसे प्रसिद्ध नेता, फिर चुनाव जीतने की भविष्यवाणी
Narendra Modi News: ब्रिटेन के प्रसिद्ध और गंभीर अखबार The Economist ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया है। The Economist, जो अपनी गंभीर बिजनेस और जियो-पॉलिटिकल पत्रकारिता के लिए जाना जाता है, उसने लिखा है, कि भारत की राजनीति नरेन्द्र मोदी के ही इर्द-गिर्द घूम रही है।
The Economist ने उदाहरण देते हुए कहा है, कि गणेश कनौजिया, जो खुद को भारतीय जनता पार्टी का समर्थक नहीं मानते हैं। और 58 साल का यह ऑटो-रिक्शा ड्राइवर कांग्रेस पार्टी को वोट देता है, लेकिन दलित समुदाय से आने वाले गणेश का कहना है, कि आम चुनाव में वो बीजेपी को वोट करेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वजह से।

दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता
The Economist ने लिखा है, कि लोकप्रियता की वजह से नरेन्द्र मोदी का वैश्विक राजनीति में आना और छा जाना, ग्लोबल पॉलिटिक्स में बड़े विकास को दर्शाता है। The Economist ने लिखा है, कि पिछले 9 सालों में भारतीय जनता पार्टी ने 2 लोकसभा चुनाव और दर्जन भर से ज्यादा राज्यों के चुनाव जीते हैं। फिर भी, राज्यों की राजनीति को पूरी तरह से कंट्रोल करने में बीजेपी नाकाम रही है।
आधे से ज्यादा राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है, लेकिन जब लोकसभा चुनाव की बात आती है, तो सबकुछ बदल जाता है। और ऐसा लग रहा है, कि अगले पांच सालों के लिए... और शायद उसके आगे भी, नरेन्द्र मोदी के नाम पर ताला लगा हुआ है। उनकी अप्रूवल रेटिंग 77 प्रतिशत से ज्यादा है, और वो अपनी पार्टी की अप्रूवल रेटिंग से दोगुना का अप्रूवल रेटिंग रखते हैं, जो उन्हें दुनिया का सबसे लोकप्रिय निर्वाचित नेता बनाता है।
पीएम मोदी की कामयाबी की वजह?
The Economist का मानना है, कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपार लोकप्रियता की मुख्य तीन वजहे हैं, 1- उनका भाग्य कई वजहों से अच्छा बनता है, 2- उनकी राजनीति कमाल की होती है, 3- उनकी राजनीति निर्मम होती है।
The Economist ने लिखा है, कि अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कई ऐसी घटनाएं होती हैं, जो मोदी के लिए एक बेहतरीन माहौल का निर्माण करता है और उनकी ताकत को बढ़ाता है। हालांकि, हकीकत ये है, कि मोदी सरकार जैसा दावा करती है, कि उसने अपने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तुलन में अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया है, वो दावा गलत है, फिर भी गांधी परिवार के चौथे वंशज राहुल गांधी और उनके नेतृत्व में कांग्रेस, पीएम मोदी की लोकप्रियता का खाउंटर करने नें नाकाम रहे हैं। इसीलिए, जिस पार्टी के लिए पीएम मोदी के वादे का काउंटर करना संभव नहीं हो पाया है, उसके लिए अपने प्रदर्शन को दोहराना दूर की बात है।
ब्रिटिश अखबार ने लिखा है, कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकलुभावन वादे काफी दमदार होते हैं, जो लोगों में एक विश्वास जगाता है, जबकि राहुल गांधी, जो आधे इतालवी हैं, उनके लिए उन्हें काउंटर करना मुश्किल होता है, जबकि राहुल गांधी अपने दादा और पिता की तरह ऑक्सब्रिज से बढ़े हुए हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबी में पैदा हुए और उन्होंने जो सीखा है, वो अपने जीवन से ही सीखा है और उनकी सोच, भारत के लाखों-करोड़ों लोगों की सोच से मिल जाती है, जिसके लिए उनकी काफी प्रशंसा की जाती है। The Economist ने लिखा, कि कैब्रिज में पढ़े एक और कांग्रेसी दिग्गज (मणिशंकर अय्यर) ने पीएम मोदी को एक बार चायवाला कहकर संबोधित किया था, जो कि वो थे थी, लेकिन उनकी इस टिप्पणी का, इससे ज्यादा विनाशकारी ढंग से, किसी भी राजनीतिक टिप्पणी का उल्टा असर आजतक नहीं हुआ है।
लोगों का मन मोहने में माहिर हैं मोदी
ब्रिटिश अखबार ने he Economist के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिभा ऐसी है, कि वो राजनीतिक नैरेटिव को पकड़ने में उनकी अविश्वसनीय क्षमता है। वह जनभावनाओं को पढ़ने में माहिर हैं और एक अथक प्रचारक के रूप में, इसे उतना ही महत्व देते हैं, जितना कि इंदिरा गांधी के बाद या कभी भी किसी अन्य भारतीय नेता ने नहीं किया है।
साथ ही इंदिरा गांधी की तरह, वह भी अपनी सरकार द्वारा हासिल की गई हर चीज का श्रेय लेने का दावा करते हैं, जबकि बहुत कुछ हासिल नहीं किया गया है। लेकिन, उनकी मुस्कुराती हुई तस्वीरें, जो भारत में जगह जगह होर्डिंग्स पर लगे हुए हैं, वो लोगों को विश्वास दिलाने में कामयाब रहता है, कि मोदी हर काम कर लेंगे।
कोलकाता में आईटी पेशेवर 34 साल के राजदीप घोष कहते हैं, कि "केवल मोदी ही जानते हैं कि चीजों को कैसे लागू करना है।" वहीं, दिल्ली के 55 साल के ड्राइवर नरेंद्र यादव कहते हैं, कि "मोदी जी गरीबों को इतने सारे घर मुहैया करा रहे हैं और महामारी के दौरान मोदी-जी ने कई लोगों की जान बचाई है।"
चुनाव विश्लेषक संजय कुमार के हवाले से The Economist ने लिखा है, कि पीएम मोदी की 20 प्रतिशत लोकप्रियता उनके राजनीतिक विरोधियों का बेअसर होना और 65 प्रतिशत लोगप्रियता की वजह उनका राजनीतिक कौशल है। उन्होंने पीएम मोदी की बेरहम पॉलिटिक्स को उनकी लोकप्रियता का सिर्फ 15 प्रतिशत ही जिम्मेदार माना।












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