महात्मा गांधी जिस देश के खिलाफ लड़े वही सम्मान में जारी करेगा सिक्का, वजह अलग है
नई दिल्ली- ब्रिटेन महात्मा गांधी के सम्मान में एक सिक्का जारी करने पर विचार कर रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि काले, एशियाई और दूसरे अल्पसंख्यक मूल निवासियों में लोगों की बढ़ती रूची को देखते हुए उनके योगदान को भी सामने लाया जा सके। यूके सरकार की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने इस संबंध में रॉयल मिंट एडवाइजरी कमिटी को लिखे खत में कहा है कि ऐसे समुदाय के खास लोगों को पहचान दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं।

ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'आरएमएसी (रॉयल मिंट एडवाइजरी कमिटी) अभी गांधी पर एक सिक्का निकालने पर विचार कर रही है।' भारत की आजादी के लिए महात्मा गांधी का संघर्ष किसी से छिपा नहीं है। 2 अक्टूबर को उनकी जयंती दुनिया अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाती है, जिस विचार को गांधी ने अपने जीवन का मूल विचार बनाया था। 15 अगस्त,1947 को भारत की आजादी के कुछ ही महीने बाद 30 जनवरी, 1948 को उनकी हत्या कर दी गई थी।
पिछले मई महीने में अमेरिका में जिस तरह से एक काले शख्स जॉर्ज फ्लॉड की पुलिस ने बेरहमी से हत्या की थी, उसके बाद पूरी दुनिया नस्लवादी सोच के खिलाफ सड़कों पर उतर आई। अमेरिका की उस घटना के बाद कुछ ब्रिटिश संस्थानों ने अपने उपनिवेशवाद के इतिहास की फिर से पड़ताल शुरू कर दी है। उस घटना के बाद कई संगठनों ने ऐसे समुदायों की मदद के लिए कई तरह के पहल भी करने शुरू कर दिए हैं। ब्रिटिश वित्त मंत्री ने भी अपने खत में इन सारी बातों की जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि 'ब्लैक, एशियन एंड माइनोरिटी एथनिक कम्युनिटीज' (BAME) के सदस्यों ने बहुत ज्यादा योगदान दिया है और कमिटी को यूके के सिक्कों में उन्हें पहचान देने पर विचार करनी चाहिए। बता दें कि आरएमएसी विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र कमिटी है, जो ब्रिटेन के वित्त मंत्री को सिक्कों के थीम और डिजाइन की सिफारिशें करता है।












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