पुतिन को गिरफ्तार नहीं करेंगे.. के दावे से मुकरे ब्राजील के राष्ट्रपति, 48 घंटे में क्यों पलटे लूला डी सिल्वा?
Brazil Russia: ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा ने अपना व्यक्तिगत आश्वासन वापस ले लिया है, कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले साल रियो डी जनेरियो में आयोजित होने वाले 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा ने अपने नये बयान में कहा है, कि इस पर फैसला करना न्यायपालिका पर निर्भर करेगा। राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने भी संयुक्त राष्ट्र युद्ध अपराध अदालत में ब्राज़ील की सदस्यता पर सवाल उठाते हुए सोमवार को कहा, "उभरते देश अक्सर उन चीज़ों पर हस्ताक्षर कर लेते हैं, जो उनके लिए हानिकारक हैं।"

पुतिन पर बयान से पलटे लूला
ब्राजीलियन राष्ट्रपति लूला ने कहा, कि "मैं जानना चाहता हूं, कि हम सदस्य क्यों हैं, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका सदस्य नहीं है, रूस नहीं, भारत नहीं, चीन नहीं।" उन्होंने आगे कहा, कि "मैं यह नहीं कह रहा हूं, कि मैं अंतर्राष्ट्रीय अदालत छोड़ने जा रहा हूं, लेकिन मैं सिर्फ यह जानना चाहता हूं, कि ब्राजील एक हस्ताक्षरकर्ता देश क्यों है।
संभावित राजनीतिक अपमान और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) वारंट के तहत आपराधिक हिरासत के किसी भी जोखिम से बचने के लिए, पुतिन इस साल भारतीय राजधानी, नई दिल्ली में जी20 की सभा में शामिल नहीं हुए।
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी शामिल नहीं हुए।
पुतिन के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट ने बच्चों से संबंधित अपराध को लेकर गिरफ्तारी वारंट इस साल मार्च में जारी किया था, हालांकि क्रेमलिन ने इन आरोपों से इनकार किया है, और कहा है, पुतिन के खिलाफ वारंट "शून्य" हैं।
वहीं, पुतिन को इंटरनेशनल कोर्ट में घसीटने वाले अभियोजक करीम खान के खिलाफ रूस ने भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है और रूसी आंतरिक मंत्रालय ने करीम खान को वांटेड की लिस्ट में शामिल किया है।
'न्यायपालिका निर्णय लेती है'
ब्राजील रोम संविधि का हस्ताक्षरकर्ता है, जिसके कारण आईसीसी की स्थापना हुई थी। राष्ट्रपति लूला ने जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय समाचार नेटवर्क फ़र्स्टपोस्ट से कहा था, कि "अगर मैं ब्राज़ील का राष्ट्रपति हूं और अगर वह (पुतिन) ब्राज़ील आते हैं, तो ऐसा कोई रास्ता नहीं है, कि उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।"
लेकिन, उन्होंने सोमवार को ब्राज़ील में एक संवाददाता सम्मेलन में अपना रुख बदलते हुए पत्रकारों से कहा, कि "मुझे नहीं पता, कि ब्राज़ील का न्याय उन्हें हिरासत में लेगा या नहीं। यह न्यायपालिका है, जो फैसला लेती है, ये फैसला सरकार नहीं लेती है।"
पुतिन ने हालिया अंतरराष्ट्रीय समारोहों में भाग नहीं लिया और 9-10 सितंबर की जी20 बैठक के लिए अपने विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को नई दिल्ली भेजा था, भले ही भारत आईसीसी हस्ताक्षरकर्ता नहीं है।
वहीं, एक्सपर्ट्स का भी कहना था, कि भारत ने जब अभी तक रूस की आलोचना तक नहीं की है, वो भला पुतिन को कैसे गिरफ्तार करेगा? एक्सपर्ट्स का कहना था, कि पुतिन के भारत नहीं आने की वजह गिरफ्तारी का डर नहीं, बल्कि पश्चिमी देशों की नेताओं से मिलने वाला अपमान था।
शनिवार को, G20 देशों ने एक घोषणा को अपनाया जिसमें यूक्रेन में युद्ध के लिए मास्को की निंदा करने से परहेज किया गया, लेकिन सभी राज्यों से क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए बल का उपयोग करने से परहेज करने का आह्वान किया गया।
आपको बता दें, कि अगला शिखर सम्मेलन नवंबर 2024 में रियो डी जनेरियो में होना है और लूला ने कहा है, कि उन्हें उम्मीद है कि "तब तक युद्ध खत्म हो जाएगा"।












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