हाईकोर्ट से इमरान खान को मिली बड़ी राहत, जिस जज के खिलाफ बयान दे रहे थे पूर्व पीएम, उसी ने सुनाया फैसला
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशखाना मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने मंगलवार को उनके खिलाफ चल रहे तोशाखाना केस को अयोग्य करार दे दिया है और उनकी जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आमिर फारूक ने यह फैसला सुनाया। दिलचस्प बात ये है कि सुनवाई से पहले इमरान खान ने फारुक को हटाने की मांग की थी।

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के वकीलों ने सोमवार शाम न्यायालय बंद होने के पहले एक पिटीशन दायर किया था। पिटीशन में कहा गया था कि चीफ जस्टिस तोशाखाना केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लें, क्योंकि उनके रहते इस केस की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती।
कोर्ट के इस फैसले को पीटीआई ने अपनी जीत बताई है। इमरान खान की जमानत याचिका पर आज इस्लामाबाद में सुनवाई हो रही है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को कुल 6 मामलों में जमानत अर्जी पर सुनवाई होने वाली है।
इसमें 9 मई से जुड़ी जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी, जिस दिन इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से हिरासत में लिया गया था, जिसपर पाकिस्तान में बवाल भड़क गया था।
बीते साल इमरान खान पर सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों द्वारा एक मामला दायर किया गया था। इसमें उन पर तोशखाना से प्राप्त उपहारों का विवरण साझा नहीं करने का आरोप लगाया गया था।
जिसके बाद पाकिस्तान चुनाव आयोग ने पिछले साल अक्टूबर में उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी। इस बीच इमरान खान ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें जेल में डालने की योजना बनाई है और उनकी गिरफ्तारी से जुड़ा पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित था।
अपने संबोधन में, इमरान खान ने अपने खिलाफ दर्ज सभी भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह के गलत काम से इनकार किया। पाकिस्तान के पूर्व पीएम ने कहा कि मैं चाहता हूं कि देश को पता चले कि कैसे झूठे और आधारहीन मामलों के आधार पर मुझे गिरफ्तार करने की योजना बनाई गई है।












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