Bangladesh: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख को खूब दुलार करते दिखे जो बाइडेन, मिशन कामयाब होने की खुशी?
Joe Biden meets Muhammad Yunus: हिंसक आंदोलन के जरिए शेख हसीना को देश से भगाने के बाद बांग्लादेश में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया, जिसके मुखिया मोहम्मद यूनुस हैं, जो इन दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने अमेरिका गये हैं और इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की है।
लेकिन, दोनों नेताओं की गर्मजोशी भरी मुलाकात हैरान करने वाली थी, क्योंकि जो बाइडेन उस देश के चीफ से मुलाकात कर रहे थे, जो चुनकर नहीं आया है, जिसका ढोल पूरे चार सालों से बाइडेन प्रशासन पीटते आई है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने बांग्लादेश के प्रति अपनी सरकार के "पूर्ण समर्थन" की बात कही।

ये वो बाइडेन हैं, जो पिछले चार सालों से लोकतंत्र-लोकतंत्र की ढपली पीटते आ रहे थे, लेकिन अब एक चुनी हुई सरकार को भीड़तंत्र के जरिए देश से भगाकर एक कठपुतली सरकार का गठन करने वाले नेता के साथ इतना हंसकर मिलना सवाल खड़े कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मोहम्मद यूनुस की बैठक को एक "दुर्लभ अवसर" के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि शेख हसीना की सरकार को अमेरिका ने हमेशा से विरोध किया था, सरकार के कई अधिकारियों पर बाइडेन प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिए थे (नाम सार्वजनिक नहीं किए गये) और बाइडेन प्रशासन की हमेशा से शिकायत ये थी, कि बांग्लादेश की शेख हसीना लोकतांत्रिक ढांचे में रहकर सरकार नहीं चलाती हैं, लेकिन अब सवाल ये उठ रहे हैं, कि सत्ता संभालते ही मोहम्मद यूनुस ने जितने सजायाफ्ता आतंकवादियों को जेल से रिहा किया है, उसपर और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जिस तरह से अत्याचार किए गये हैं, उसपर क्या बाइडेन ने यूनुस से सवाल पूछा? जवाब है नहीं।
शेख हसीना ने अपनी सरकार गिराने के लिए अमेरिका पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकार गिरने से कुछ पहले ही कह दिया था, कि 'एक देश बांग्लादेश से सैन्य अड्डा मांग रहा था और नहीं देने पर सरकार गिराने की धमकी दे रहा है।'
एक्सपर्ट्स का मानना है, कि वो देश अमेरिका है, जो दुनियाभर की सरकारों को गिराने के लिए कुख्यात रहा है। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी अपनी सरकार गिराने के लिए अमेरिका पर आरोप लगाए थे।
विदेश मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी ने भी ट्वीट करते हुए कहा है, कि "वेनेजुएला में शासन-परिवर्तन की नाकामयाब कोशिश और कांगो में तख्तापलट की कोशिश में तीन अमेरिकियों को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद, बाइडेन ने आज बांग्लादेश के नए सैन्य-स्थापित शासन के नाममात्र प्रमुख मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की और उनके शासन को "पूर्ण समर्थन" दिया।"
बाग्लादेश की इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
बांग्लादेश के इतिहास में यह पहली बार है, कि किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने UNGA के दौरान बांग्लादेश सरकार के प्रमुख से मुलाकात की है। बांग्लादेश ने कहा है, कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ यह मुलाकात दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाती है। लिहाजा सवाल ये उठ रहे हैं, कि आखिर मोहम्मद यूनुस ने ऐसा कौन सा तीर मारा है, कि मुलाकात के दौरान बाइडेन फूले नहीं समा रहे हैं।
मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा, "यह एक महत्वपूर्ण दिन है। यूएनजीए में ऐसी मुलाकात (देखना) बहुत दुर्लभ है।"
आलम ने कहा, कि "बांग्लादेश किसी भी मामले में अमेरिका के साथ बहुत अच्छे संबंध रखता है और इस मुलाकात के साथ ही यह रिश्ता एक नए स्तर पर पहुंच जाएगा। यूनुस ने उन्हें (बाइडेन को) बताया, कि कैसे छात्रों ने पिछली सरकार के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई और बांग्लादेश के पुनर्निर्माण के लिए इस अवसर को बनाने के लिए अपनी जान दे दी।"
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूनुस ने जोर देकर कहा, कि "उनकी सरकार को देश के पुनर्निर्माण में सफल होना चाहिए और इसके लिए अमेरिकी सहयोग की आवश्यकता होगी।" मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग के अनुसार, राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि "अगर छात्र अपने देश के लिए इतना त्याग कर सकते हैं, तो उन्हें भी और अधिक करना चाहिए।"
इस महीने की शुरुआत में भी एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड लू ने बांग्लादेश की यात्रा की और आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
इमरान खान ने डोनाल्ड लू पर ही अपनी सरकार गिराने के आरोप लगाए थे।
दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू पहले नई दिल्ली में रुके, जहां उन्होंने यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित इंडिया आइडियाज समिट में विकास, सुरक्षा और महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यूएस-इंडिया सहयोग पर प्रकाश डाला था।












Click it and Unblock the Notifications