पेशावर हमले के बाद पाक में मौजूद अमेरिकियों के बढ़ीं ओबामा की फिक्र
वाशिंगटन। मंगलवार को पाकिस्तान के पेशावर स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल पर तहरीक-ए-तालिबान के आतंकी हमले से अमेरिका भी सहम गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जहां हमले पर दुख जताया है और पाक को मदद की पेशकश की तो वहीं उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एनएससी)की बैठक भी बुलाई।

अपने कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित ओबामा
ओबामा ने व्हाइट हाउस में एनएससी की एक टीम से मुलाकात की जिसमें उपराष्ट्रपति जो बिडेन के अलावा एनएससी एडवाइजर सुसैन राइस और इंटलीजेंस एजेंसियों जिसमें सीआईए और एफबीआई शामिल हैं, उनके प्रमुखों ने खासतौर पर शिरकत की।
इस मीटिंग के दौरान ओबामा ने पाकिस्तान में हुए इस आतंकी हमले के बाद वहां मौजूद अपने अधिकारियों और अपने संस्थानों की सुरक्षा के बारे में चर्चा की। ओबामा ने आने वाली छुट्टियों के मद्देनजर खतरे की आशंका पर बात की।
हमले से दुखी ओबामा
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ओबामा ने पाक में अमेरिकी सुरक्षा इंतजामों का ब्योरा लिया और साथ ही उन्होंने पेशावर में मारे गए बच्चों के लिए संवेदना भी प्रकट की।
ओबामा ने न सिर्फ पाक में बल्कि दुनिया के दूसरे देशों में मौजूद होमलैंड और अमेरिकी एजेंसियों के कर्मियों की सुरक्षा के बारे में बातचीत की क्योंकि क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान कई कर्मी अलग-अलग जगहों के लिए यात्रा पर निकलने वाले हैं। इसके अलावा ओबामा ने अमेरिका की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था और इसे और बढ़ाने के बारे में भी चर्चा की।
पाक की मदद को तैयार अमेरिका
पेंटागन कीओर से एक बयान जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि अमेरिका, पाक को आतंक के खिलाफ हर संभव मदद करने को तैयार है। हालांकि पेंटागन ने इस बात की जानकारी भी दी कि अभी तक इस्लामाबाद की आरे से उन्हें इस तरह का कोई अनुरोध नहीं मिला है।
पेंटागन के प्रेस सेक्रेटरी रीयर एडमिरल जॉन किरबी ने बताया कि उन्होंने पाक को यह साफ कर दिया है कि पेंटागन हर समय उनके लिए तैयार है अगर पाक को इस हमले के लिए किसी तरह की मदद चाहिए तो वह हमें बेझिझक बता सकते हैं।
किरबी ने यह भरोसा भी जताया कि इस खतरनाक आतंकी हमले के बाद अमेरिका और पाक के रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
पाक को अब सबक लेना होगा
किरबी के मुताबिक पाक के लोग पिछले कई वर्षों से इस तरह के दर्द को झेल रहे हैं। अमेरिका और पाक दोनों ही आतंकवाद का सामना कर रहे हैं और ऐसे में अमेरिका अपनी पीठ नहीं मोड़ सकता है।
वहीं दूसरी तरफ किरबी ने यह भी कहा कि मंगलवार को हुआ हमला पाक के लिए एक रिमाइंडर की तरह है। पाक को अपने देश में मौजूद आतंक के खतरे का अहसास करना होगा और वह अपने लोगों को दर्द झेलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है। किरबी की मानें तो यह आत्मविश्वासी या फिर घमंडी होने का समय नहीं है बल्कि खतरे को जड़ से मिटाने के लिए एक्शन लेने का समय है।












Click it and Unblock the Notifications