Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का विपक्ष पर कड़ा एक्शन, विपक्षी पार्टी के अखबार को कराया बंद

अखबार को बंद करने के आदेश में कहा गया है कि समाचार पत्र का मुद्रण परमिट रद्द कर दिया गया क्योंकि अखबार ने देश के प्रींटिंग और प्रकाशन कानूनों का उल्लंघन किया है। सरकार ने अभी तक अखबार बंद होने पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

Bangladesh sheikh hasina government Shuts Down Pro-Opposition Newspaper Dainik Dinkal

बांग्लादेश में मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) द्वारा चलाए जा रहे बंगाली भाषा के अखबार दैनिक दिनकाल के प्रकाशन पर रोक लगा दी गई है। सोमवार से इस अखबार का छपना बंद हो चुका है। दैनिक दिनकाल अखबार के बंद होने के पीछे की वजह शेख हसीना सरकार का एक फैसला बताया जा रहा है।

26 दिसंबर को दिया था आदेश

बीबीसी की रिपोर्ट में दैनिक दिनकाल के हवाले से लिखा गया है कि सरकार ने 26 दिसंबर को अखबार के प्रकाशन को बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि इसके बाद भी अखबार का छपना जारी था। ऐसा प्रेस काउंसिल की अपील के कारण संभव हो पाया था। आपको बता दें कि बांग्लादेश में प्रेस काउंसिल की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ न्यायाधीश करते हैं। अब देश की प्रेस काउंसिल ने पिछले साल दिसंबर में सरकार द्वारा जारी किए गए निलंबन आदेश को बरकरार रखा है।

30 सालों से चल रहा था अखबार

अखबार के मैनेजिंग एडिटर शमसुर रहमान शिमुल बिस्वास का कहना है कि काउंसिल ने उनकी अपील को खारिज कर दिया है। दैनिक दिनकाल बांग्ला भाषा में छपने वाला अखबार है जो बीते 30 सालों से बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टी की आवाज बना हुआ था। इस अखबार में सैकड़ों पत्रकार और अन्य कार्यकर्ता कार्यरत थे। इस अखबार में कई ऐसी खबरें प्रकाशित होती थीं जिसे कई समाचार समर्थक अखबार या अन्य मीडिया कवर नहीं करता था।

पत्रकारों ने किया प्रदर्शन

अखबार के बंद होने के बाद कई पत्रकारों ने सरकार के आदेश के खिलाफ ढाका में विरोध प्रदर्शन किया। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक अखबार को बंद करने के आदेश में कहा गया है कि समाचार पत्र का मुद्रण परमिट रद्द कर दिया गया क्योंकि अखबार ने देश के प्रींटिंग और प्रकाशन कानूनों का उल्लंघन किया है। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने अभी तक अखबार बंद होने पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने प्रेस काउंसिल के फैसले की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया है। उन्होंने जिला प्रशासन के आदेश को तत्काल वापस लेने की भी मांग की।

अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला

बिस्वास ने कहा कि सरकार का अखबार बंद करने का फैसला अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला और आलोचकों की आवाज दबाने की कोशिशों का हिस्सा है। हालांकि उन्होंने स्थानीय दैनिक समाचार दैनिक न्यू एज को बताया कि वे दैनिक दिनकाल प्रकाशन को फिर से शुरू करने के लिए जल्द ही सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। आपको बता दें कि दैनिक दिनकाल अखबार के बंद होने से एक बार फिर से दक्षिण एशिया में प्रेस की आजादी पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। 2022 प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में बांग्लादेश 162 वें नंबर पर है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+