ढाका जैसी दुर्गा पूजा पूरे भारत में कहीं नहीं मनाई जाती, हिन्दुओं को बांग्लादेश में मिलता है सम्मानः शेख हसीना
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिंदू समुदाय के सदस्यों से देश में खुद को अल्पसंख्यक न मानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सभी लोगों को उनके धर्मों के बावजूद समान अधिकार प्राप्त हैं।
ढाका, 19 अगस्तः बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिंदू समुदाय के सदस्यों से देश में खुद को अल्पसंख्यक न मानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सभी लोगों को उनके धर्मों के बावजूद समान अधिकार प्राप्त हैं। पीएम ने अपने आवास से ढाका में ढाकेश्वरी मंदिर और चट्टोग्राम स्थित जेएम सेन हॉल में वर्चुअली शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सभी धर्मों के सभी लोग समान अधिकारों के साथ रहें। अगर आप इस देश के नागरिक हैं तो आपको बराबर के अधिकार हैं। आपके पास भी वहीं सारे अधिकार हैं, जो मुझे हासिल हैं।

हिन्दू खुद को कमतर न समझें
2022 की जनगणना के अनुसार बांग्लादेश में हिंदू समुदाय दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है, जो कुल 161.5 मिलियन आबादी में से लगभग 7.95 प्रतिशत है। सरकारी न्यूज एजेंसी बांग्लादेश संघवाद संस्था ने शेख हसीना का हवाला देते हुए कहा कि पीएम ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर कहा कि कृपया खुद को कमतर न समझें। अगर हर कोई इसी विश्वास के साथ आगे बढ़े तो किसी भी धर्म के बुरे लोग इस देश की धार्मिक सद्भावना को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। वो कहती हैं कि हमें उस विश्वास और एकता को अपने बीच रखना है। मैं आप सभी से यह चाहती हूं।

कट्टपंथी वर्ग पर साधा निशाना
हालांकि पीएम शेख हसीना ने हिंदू समुदाय के उस वर्ग पर भी निशाना साधा जो यह बताने की कोशिश करते हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने कहा कि एक बात मैं बेहद अफसोस के साथ कहना चाहती हूं कि जब भी देश में ऐसी कोई घटना होती है तो देश-विदेश में ऐसे प्रचारित किया जाता है कि इस देश में हिंदुओं को कोई भी अधिकार प्राप्त नहीं है। शेख हसीना ने कहा कि देश में जब भी कोई घटना होती है, तब सरकार तुरंत कार्रवाई करती है, लेकिन उसे इस तरीके से पेश किया जाता है कि यहां हिंदुओं के पास कोई अधिकार नहीं है।

पुलिस हर घटना पर लेती है एक्शन
शेख हसीना ने कहा इन घटनाओं पर एक्शन सरकार के एक्शन पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है। पीएम ने याद दिलाते हुए कहा कि कई बार एक्शन लेने के दौरान मंदिरों की रक्षा के लिए पुलिस की फायरिंग में कई मुस्लिम मारे गए। इस देश में इस तरह के हादसे हुए। शेख हसीना ने कमिला घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस के एक्शन की बात लोग छुपा जाते हैं और ये प्रचारित करते हैं कि बांग्लादेश में हिन्दू संकट में जी रहे हैं, लोगों को न्याय नहीं मिल रहा।

ढाका में कोलकाता से अधिक पूजा मंडप
प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ये भी कहा कि ढाका में जितने पूजा मंडप हैं वो पश्चिम बंगाल और कोलकाता से ज्यादा हैं और पूरे बांग्लादेश में दुर्गा पूजा काफी धूमधाम से मनाई जाती है। सरकार सिर्फ मस्जिदों की ही नहीं, बल्कि मंदिरों, मठ और चर्चों को भी मरम्मत या जीर्णोद्धार करवाने की पहल करती है। ऐसा कुछ भी कहना ठीक नहीं है जो किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश दुनिया में एक अलग जगह है जहां सभी धर्मों के लोग कोई न कोई धार्मिक त्योहार मनाते हैं।

सभी धर्मों में हैं नफरत पैदा करने वाले लोग
शेख हसीना ने कहा कि देश के इस सौहार्दपूर्ण धार्मिक माहौल को नष्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें सभी धर्मों के लोगों का एक वर्ग है जो अक्सर समस्याएं पैदा करने की कोशिश में लगा रहता है। शेख हसीना ने कहा कि हमारी सरकार और अवामी लीग किसी भी धर्म के लोगों को कमतर आंकने में यकीन नहीं करती है। हम इसे स्पष्ट रूप से कह सकते हैं। इसे लेकर सरकार काफी सर्तक है। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं।












Click it and Unblock the Notifications